भारत

संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज में घायल हुआ एक छात्र
देशभर में अपने अपने घरों पर बैठे लोग जोमेटो, स्विगी पर खाना ऑर्डर करके जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के लिए पहुंचवा रहे हैं।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के रजिस्ट्रार ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर छात्रों, कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर चल रहे राजनीतिक/छात्र आंदोलनों से जुड़े पोस्ट करने या सार्वजनिक बयान देने से मना कर दिया है।
 हाईकोर्ट ने कहा कि पिछले वर्षों में ऐसे अनेक मामले सामने आए हैं जहां एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद नोटिस जारी कर जल्दबाजी में मकान गिरा दिए गए, जिससे प्रभावित लोगों को अदालत की शरण लेने का भी पर्याप्त अवसर नहीं मिला।
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छात्रों का आरोप है कि प्रशासन उन्हें अवैध बता रहा है और जबरन खाली कराने की कार्रवाई कर रहा है, जिसमें कमरों के ताले तोड़े गए तथा बिजली-पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई। यह कथित कार्रवाई उनके आईएएस-पीसीएस की तैयारी को प्रभावित कर रही है।
CJP कोर टीम ने आशका जताई है कि केंद्र सरकार के इशारे पर दिल्ली पुलिस क्रैकडाउन की तैयारी कर रही है.
नेहा ने रविवार को कहा कि सुबह से दिल्ली पुलिस तीन बार भूख हड़तालियों को डिटेन करने की कोशिश कर चुकी है। हर कोशिश के बावजूद जंतर मंतर पर लोग भूख हड़तालियों के समर्थन में डटे हुए हैं।
बेनीवाल ने अपने पत्र में तीन उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे उनकी सुरक्षा पर तैनात जवानों की तबीयत अचानक बिगड़ती रही है।
 इसी बीच जंतर-मंतर पर वांगचुक से मिलने वाले राजनीतिक नेताओं की सूची लगातार लंबी होती जा रही है।
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