
सारण- बिहार के सारण जिले में एक नाबालिग लड़की की संदिग्ध मौत ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। डेरनी थाना क्षेत्र के पट्टीशीतल गांव में 11 मार्च को दोपहर करीब 2:30 बजे कक्षा 10 की 15-16 वर्षीय छात्रा की मौत एक पुराने जर्जर घर के पास स्थित कुएं में हुई। परिवार और ग्रामीणों के अनुसार, लड़की घर से लकड़ी लेने गई थी, जहां पांच युवकों ने उस पर हमला किया, उसके साथ गैंग रेप किया और फिर उसे कुएं में धकेल दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि यह सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला है।
घटना की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। ग्रामीणों ने पहले ही शव को कुएं से निकाल लिया था। मृतका की मां नीरू देवी ने 12 मार्च को थाने में लिखित शिकायत दिया, जिसके आधार पर डेरनी थाना कांड संख्या 96/26 दर्ज किया गया। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 103(1), 70(2), 238, 351(2), 61(2) तथा POCSO एक्ट की धारा 4/6/8 के तहत पांच नामजद अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी हुई। प्राथमिक आरोपी युवराज कुमार (पिता राजकिशोर मांझी उर्फ कमल मांझी) को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में उसने घटनास्थल पर मौजूदगी स्वीकार की और बताया कि वह तथा मृतका एक ही गांव के हैं, इंस्टाग्राम पर बातचीत होती थी और घटना के दिन भी दोनों के बीच संपर्क था। अन्य चार अभियुक्त अभी फरार हैं, पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी है।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सोनपुर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और एफएसएल टीम ने वैज्ञानिक जांच की। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल एकांत स्थान पर स्थित है। पर्यवेक्षण के क्रम में घटनास्थल से लगभग 30 फीट दूरी पर रहने वाली प्रभावती देवी द्वारा बताया गया कि मृतका की माता ने उन्हें फोन कर पूछा कि क्या उनकी बेटी वहीं है। इस पर उन्होंने जाकर देखा तो बताया कि लड़की वहाँ आई हुई है। इसके पश्चात मृतका की माता एवं उसकी बहन वहाँ पहुंचीं, जहाँ टूटे हुए घर में कमल मांझी उर्फ राजकिशोर मांझी का पुत्र एवं उसकी लड़की मौजूद थे। कुछ ही देर में अन्य ग्रामीण भी वहाँ एकत्रित हो गए। इसी दौरान आपाधापी की स्थिति में पकड़ा गया आरोपी वहाँ से भाग गया, जिसके पश्चात लड़की कुएँ में कैसे गिरी, यह स्पष्ट नहीं हो सका। इसी प्रकार का मिलता-जुलता बयान घटनास्थल से लगभग 20 फीट दूरी पर रहने वाले प्रभु राम द्वारा भी दिया गया है।
प्राथमिक नामजद अभियुक्त युवराज कुमार, पिता राजकिशोर मांझी उर्फ कमल मांझी, की गिरफ्तारी की गई है। पूछताछ के क्रम में अभियुक्त द्वारा घटनास्थल पर अपनी उपस्थिति स्वीकार की गई है तथा बताया गया है कि मृतका एवं वह एक ही गाँव के निवासी हैं। दोनों के बीच इंस्टाग्राम के माध्यम से बातचीत होती थी तथा पूर्व से एक-दूसरे को जानते थे। घटना के दिन भी दोपहर में दोनों के बीच बातचीत हुई थी।
मृतका का पोस्टमार्टम रिपोर्ट सदर अस्पताल छपरा द्वारा 14 मार्च को उपलब्ध कराया गया है. जिसमें मृतिका के शरीर पर कोई बाहरी चोट (NO EXTERNAL INJURY FOUND) नहीं पाई गई। मृत्यु का कारण डूबने से श्वास रुकना (ASPHYXIA DEATH DUE TO DROWNING) अंकित किया गया है। वैजाइनल स्वैब जांच में कोई स्पर्मेटोजोआ नहीं मिला (NO SPERMATOZOAN SEEN IN SMEAR, NEITHER MOTILE NOR ANY DEAD)। रेप की पुष्टि नहीं हुई है। आगे जांच के लिए वैजाइनल स्वैब, प्यूबिक हेयर, ब्लड, फिंगर नेल और कपड़ों के सैंपल एफएसएल, मुजफ्फरपुर भेजे जा रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि मामले के सभी पहलुओं पर गंभीर अनुसंधान जारी है और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई हो रही है।
सोशल मीडिया पर कुछ बहुजन संगठनों और कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि सच्चाई सामने आए, निर्दोषों को फंसाया न जाए और जातिगत आख्यान बनाने वाले तत्वों पर रोक लगे। वहीं, पीड़ित परिवार और कई लोग न्याय की मांग कर रहे हैं, जिसमें आरोपियों को कड़ी सजा दी जाए। मामले में जातिगत कोण भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन पुलिस रिपोर्ट में इसका कोई उल्लेख नहीं है।
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