शिक्षा

MP: मैनिट में रैगिंग इस माह तीसरी शिकायत, जूनियर छात्र से मारपीट का गंभीर आरोप, जानिए क्या है मामला?
प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि हो सकता है कि तुमने शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण का फ़ायदा उठाकर तरक्की हासिल कर ली हो, लेकिन यह याद रखो कि जातिवादी सवर्ण तुम्हें हमेशा केवल तुम्हारी जाति के चश्मे से ही देखेंगे!
सुप्रीम कोर्ट ने भावुक अपील करते हुए कहा कि यह फैसला सिर्फ कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि हर उस लड़की के लिए है जो मासिक धर्म के कारण स्कूल छोड़ने को मजबूर हुई। कोर्ट ने कहा, “गलती तुम्हारी नहीं है। अब बदलाव शुरू हो चुका है।”
आरोपियों पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन अधिनियम, 2014 और भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराओं के तहत गंभीर आरोप हैं।
प्रख्यात अर्थशास्त्री प्रोफेसर सुखदेव थोराट का कहना है कि नये नियम 2012 के नियम से भी कमजोर है और यह जानबूझकर भेदभाव के स्वरूपों को स्पष्ट परिभाषित करने से बच रहा है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा  जनवरी 2026 में जारी नए 'एंटी-डिस्क्रिमिनेशन' रेगुलेशंस को लेकर देश भर में तीखी बहस छिड़ी हुई है। जनरल कैटेगरी के कुछ हिस्सों में इन नियमों को लेकर गुस्से का उबाल है, छात्र जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
आईआईटी प्रशासन ने कहा संबंधित फैकल्टी से स्पष्टीकरण मांगा है, और कॉन्फ्रेंस के बारे में उठाई गई चिंताओं की जांच के लिए स्वतंत्र सदस्यों वाली एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी भी बनाई गई है।
अवंती अपने मम्मी पापा के साथ बहुत ट्रेवल करती है और किताबी ज्ञान की बजाय अपने परिवेश और नेचर से सीख रही है।
मिड-सेशन में हो रहे व्यापक तबादलों से स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
यूजीसी के अनुसार, ये नियम सुप्रीम कोर्ट के एक मामले में दिए निर्देशों का पालन हैं, जहां जातिगत भेदभाव को उच्च शिक्षा में समाप्त करने पर जोर दिया गया था।  नियम 'कास्ट-बेस्ड डिस्क्रिमिनेशन' को पूरी तरह समाप्त करने के लिए जिम्मेदारी संस्थानों पर डालते हैं। हालांकि, सामान्य वर्ग के संगठनों का कहना है कि ये प्रावधान किसी हालिया डेटा के आधार के बिना,  'व्यापक जातिगत भेदभाव' की धारणा पर टिके हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट
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