शिक्षा

सोनम की गिरती सेहत के कारण आम जनता और समर्थकों में गहरी चिंता फैल गई है।
अनशन पर बैठे स्टूडेंट्स
सोनम वांगचुक की सेहत में लगातार गिरावट हो रही है जिससे देशभर में उनके समर्थक चिंतित हैं।
छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी न्यायोचित शैक्षणिक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन सत्याग्रह जारी रहेगा।
dead lizard in mid day meal
जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं का उत्साह
Supreme Court
दीपके ने सभी से दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर चल रहे छात्र आंदोलन को मजबूत करने की अपील की।
छात्रों का कहना है कि उन्होंने कई सप्ताह पहले आवेदन कर दिया था, लेकिन तहसील कार्यालयों से प्रमाणपत्र जारी नहीं हुए हैं। इसके कारण KEA (कर्नाटक एग्जामिनेशन अथोरिटी) पोर्टल उन्हें ऑप्शन एंट्री करने की अनुमति नहीं दे रहा।
शिक्षाविद सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं और उनकी सेहत दिन-ब-दिन गिरती जा रही है।
टीचर्स यूनियन का कहना है जो शिक्षक विपरीत परिस्थितियों में, ढांचागत सुविधाओं की कमी के बावजूद सरकारी स्कूलों में देश और प्रदेश का भविष्य गढ़ रहे हैं, उनके प्रति इस प्रकार की ओछी भाषा का प्रयोग एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को बिल्कुल शोभा नहीं देता है परन्तु सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को तहसनहस करने के इरादे से शिक्षामंत्री बार बार ऐसा बोलते हैं।
सोशल मीडिया पर उनके अनशन के दौरान चिकन सूप पीने के दावों को लेकर फैली अफवाहों पर वांगचुक ने पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी।
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