शिक्षा

पिपलांत्री का ‘इको-फेमिनिज्म’ मॉडल पहले से ही विश्वभर में चर्चित रहा है और अब ऑस्ट्रेलिया के रोटेरियन मार्क बाला का इस अभियान से जुड़ना यह दर्शाता है कि पिपलांत्री केवल एक गांव भर नहीं रह गया है, बल्कि यह एक वैश्विक केस स्टडी बन चुका है।
प्रकाश आंबेडकर ने कहा- CJI से पूछेंगे, OBC के अधिकारों पर हर बार स्टे क्यों?
 ऋषि के विश्वविद्यालय प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट्स के वकीलों और यहां तक कि कुछ न्यायाधीशों के फोन आने शुरू हो गए। ये लोग लेख से नाराज थे और वे इसकी शिकायत कर रहे थे। उनका दबाव था कि विश्वविद्यालय इस मामले में हस्तक्षेप करे।
 IIT  दिल्ली हॉस्टल में नव रात्रि के मौके पर मेस में चिकन और अंडे की सर्विस अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है, जो राम नवमी तक चलेगी। ड्रोणागिरी हॉस्टल में वेजिटेरियन छात्रों की मांग पर अलग मेस और अलग किचन की व्यवस्था पहले से ही लागू है। नॉन-वेज छात्रों का तर्क है कि जब इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह से अलग-अलग है, तो एक हफ्ते के लिए नॉन-वेज सर्विस क्यों रोकी जाए?
AIOBCSA ने मांग की है कि आईआईटी दिल्ली तुरंत स्पष्ट जानकारी दे कि संस्थान में कितने एससी, एसटी, ओबीसी तथा अन्य आरक्षित श्रेणियों के फैकल्टी सदस्य हैं।
SC ST Fellowship
एमपी के जीवाजी विश्वविद्यालय में संघवाद विषय पर विवाद
 OBC कम्युनिटी के छात्र भी यूनिवर्सिटी और हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन में कई तरह के भेदभाव, सामाजिक एक्सक्लूज़न और इंस्टीट्यूशनल रुकावटों का सामना करते हैं।
सिटी मांटेसरी स्कूल की 17 शाखाओं में आरटीई के तहत प्रवेश के लिए कुल 171 स्थान दिखाए गए हैं, जबकि इन शाखाओं में कुल स्थान 681 हैं।
शिक्षक की इस जिद और अहंकार से नाराज ग्रामीणों ने सैकड़ों की तादाद में स्कूल के सामने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक के तत्काल निलंबन की मांग की।
सेंटर फॉर हिस्टोरिकल स्टडीज (सीएचएस) की दीवारों पर लिखे स्लोगन और रोहित वेमुला की पेंटिंग अब गायब हो चुके हैं।
यह विश्लेषण पूरी तरह से आरटीआई के माध्यम से प्राप्त सरकारी आंकड़ों पर आधारित है। ऑल इंडिया ओबीसी स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष किरण कुमार द्वारा 2024 में पूछे गए आरटीआई के जवाबों में देशभर के 18 आईआईटी ने फैकल्टी पदों से जुड़े चौंकाने वाले आंकड़े उपलब्ध कराए हैं
Read More
The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com