इस्लामोफोबिया: क्या ओला ड्राइवर मुस्लिम पैसेंजर को धमका रहे हैं? सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट का ओला CEO को पत्र, जानिए पूरा मामला

डॉ. सैफ महमूद ने पत्र में पूछा कि क्या ओला कम्युनल नफरत, इस्लामोफोबिया और हिंसा की प्रशंसा को बर्दाश्त करता है। उन्होंने कंपनी से मांगा कि ड्राइवर के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी, समानता और गैर-भेदभाव की लिखित नीति की कॉपी दें, इन नीतियों का लागू होना और कम्युनल आधार पर यात्री को निशाना बनाने से रोकने के उपाय बताएं।
राइड शुरू होते ही ड्राइवर ने कानपुर से होने का बताया और गर्व से एक घटना सुनाई। ड्राइवर ने दावा किया कि दिल्ली से मुरादाबाद जाते समय एक मुस्लिम यात्री ने गाड़ी में नॉन-वेजिटेरियन खाना खाया, तो उन्होंने गाड़ी रोककर उसे बुरी तरह पीटा।
राइड शुरू होते ही ड्राइवर ने कानपुर से होने का बताया और गर्व से एक घटना सुनाई। ड्राइवर ने दावा किया कि दिल्ली से मुरादाबाद जाते समय एक मुस्लिम यात्री ने गाड़ी में नॉन-वेजिटेरियन खाना खाया, तो उन्होंने गाड़ी रोककर उसे बुरी तरह पीटा। एआई निर्मित सांकेतिक चित्र
Published on

नई दिल्ली- सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट डॉ. सैफ महमूद ने ओला कंपनी के एक ड्राइवर पर गंभीर आरोप लगाते हुए ओला सीईओ भाविष अग्रवाल और मैनेजमेंट को पत्र लिखा है। उन्होंने 15 मार्च को हुई घटना का जिक्र करते हुए दावा किया कि ड्राइवर ने मुस्लिम यात्री के खिलाफ हिंसक अपराधों की खुलकर प्रशंसा की और कम्युनल आधार पर उन्हें धमकाया।

डॉ. सैफ महमूद ने बताया कि उन्होंने 15 मार्च को शाम 5:22 बजे ग्रेटर कैलाश, नई दिल्ली से मैक्स म्यूलर भावन के लिए ओला राइड बुक की थी। ऐप पर ड्राइवर का नाम शुरू में ‘श्री राम’ दिखा, लेकिन बाद में राइड हिस्ट्री चेक करने पर नाम हटा दिया गया था। राइड शुरू होते ही ड्राइवर ने कानपुर से होने का बताया और गर्व से एक घटना सुनाई। ड्राइवर ने दावा किया कि दिल्ली से मुरादाबाद जाते समय एक मुस्लिम यात्री ने गाड़ी में नॉन-वेजिटेरियन खाना खाया, तो उन्होंने गाड़ी रोककर उसे बुरी तरह पीटा। अन्य लोगों ने भी शामिल होकर पीटने और ‘उसके टांगें तोड़ने’ की बात कही। ड्राइवर ने कहा कि यात्री ने मुरादाबाद पहुंचकर ‘अपने लोगों’ को बुलाने की धमकी दी थी, इसलिए उन्होंने उसे मुरादाबाद पहुंचने की हालत में नहीं छोड़ा।

ड्राइवर ने नोएडा में एक और मुस्लिम व्यक्ति को पीटने की घटना भी सुनाई। उन्होंने बार-बार पीड़ितों की मुस्लिम पहचान पर जोर दिया और कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ‘ऐसे लोगों को सबक सिखा रही है’। डॉ. महमूद ने कहा कि ड्राइवर को उनका पूरा नाम पता था और ये बातें जानबूझकर मुस्लिम पहचान के आधार पर उन्हें डराने के लिए कही गईं। वे एक बंद गाड़ी में थे, इसलिए अपनी जान का खतरा महसूस किया। उतरते समय उन्होंने ड्राइवर को बताया कि वे सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं और मामला बढ़ाएंगे।

डॉ. सैफ महमूद ने पत्र में पूछा कि क्या ओला कम्युनल नफरत, इस्लामोफोबिया और हिंसा की प्रशंसा को बर्दाश्त करता है। उन्होंने कंपनी से मांगा कि ड्राइवर के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी, समानता और गैर-भेदभाव की लिखित नीति की कॉपी दें, इन नीतियों का लागू होना और कम्युनल आधार पर यात्री को निशाना बनाने से रोकने के उपाय बताएं। उन्होंने तीन दिनों में विस्तृत लिखित जवाब मांगा, अन्यथा कानूनी कदम उठाने और मीडिया में जाने की चेतावनी दी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन को भी सूचित किया।

ओला ने जवाब में ड्राइवर को अपने प्लेटफ़ॉर्म से सस्पेंड कर दिया। कंपनी की ओर से एक स्टैंडर्ड ईमेल आया, जिसमें लिखा था:

“हमें अफ़सोस है कि ओला राइड के दौरान आपको इतना बुरा अनुभव हुआ… हम अपने ग्राहकों के सफ़र को आसान और मज़ेदार बनाने की कोशिश करते हैं, और इस मामले में हम साफ़ तौर पर नाकाम रहे। हमने उस ड्राइवर को उसके असुरक्षित व्यवहार के कारण Ola प्लेटफ़ॉर्म से सस्पेंड कर दिया है। आपकी सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।”

महमूद ने कहा कि यह जवाब काफ़ी नहीं था; उन्होंने बताया कि ओला ने यह साफ़ नहीं किया कि यह सस्पेंशन कुछ समय के लिए है या हमेशा के लिए, और न ही यह बताया कि कंपनी अपनी भेदभाव-विरोधी नीतियों को कैसे लागू करती है।

राइड शुरू होते ही ड्राइवर ने कानपुर से होने का बताया और गर्व से एक घटना सुनाई। ड्राइवर ने दावा किया कि दिल्ली से मुरादाबाद जाते समय एक मुस्लिम यात्री ने गाड़ी में नॉन-वेजिटेरियन खाना खाया, तो उन्होंने गाड़ी रोककर उसे बुरी तरह पीटा।
वाराणसी: नाव में इफ्तार चिकन पार्टी करने पर 14 गिरफ्तार, मुस्लिम फोरम ने कहा- खुले में शौच, मूर्तियों के विसर्जन पर गुस्सा क्यों नहीं?
राइड शुरू होते ही ड्राइवर ने कानपुर से होने का बताया और गर्व से एक घटना सुनाई। ड्राइवर ने दावा किया कि दिल्ली से मुरादाबाद जाते समय एक मुस्लिम यात्री ने गाड़ी में नॉन-वेजिटेरियन खाना खाया, तो उन्होंने गाड़ी रोककर उसे बुरी तरह पीटा।
बरेली नमाज विवाद: मकान मालिक ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में कहा- "मुझे बुलडोजर की धमकी दी..पुलिस ने जबरन अंगूठा लगवाया, अनपढ़ हूं पढ़ नहीं सका..."
राइड शुरू होते ही ड्राइवर ने कानपुर से होने का बताया और गर्व से एक घटना सुनाई। ड्राइवर ने दावा किया कि दिल्ली से मुरादाबाद जाते समय एक मुस्लिम यात्री ने गाड़ी में नॉन-वेजिटेरियन खाना खाया, तो उन्होंने गाड़ी रोककर उसे बुरी तरह पीटा।
'राष्ट्रीय सम्मान केवल कलात्मक उपलब्धि की पहचान नहीं'! #MeToo आरोपी वैरामुथु को ज्ञानपीठ पर 200+ हस्तियों ने राष्ट्रपति से पुनर्विचार का किया आग्रह

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com