LGBTQ न्यूज़

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर शिक्षिका को बड़ी राहत दी है।
यह एक AI-जनरेटेड प्रतीकात्मक चित्रण है, केवल चित्रण के उद्देश्य से बनाया गया है। यह वास्तविक व्यक्तियों को नहीं दर्शाता है।
हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि ट्रांसजेंडरों के मौलिक अधिकारों का हनन न हो। कोर्ट ने कहा कि "आत्म-पहचान दया की वस्तु नहीं, बल्कि अधिकार है" और राज्य को ऐसी नीति बनानी चाहिए जो संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखे।
प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में रविवार को ट्रांस बिल को लेकर हुई जन सुनवाई में समुदाय ने अपना विरोध जाहिर किया।
दिल्ली में बीते दिनों Trans Bill 2026 के विरोध में प्रदर्शन करते स्टूडेंट्स
ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट्स इस बिल का विरोध कर रहे हैं। उनका मुख्य मुद्दा सेल्फ-परसेप्टेड जेंडर आईडेंटिटी के अधिकार का हटना है। 2014 के सुप्रीम कोर्ट के NALSA जजमेंट में जेंडर आईडेंटिटी की सेल्फ-डिटर्मिनेशन को व्यक्तिगत स्वायत्तता और संवैधानिक स्वतंत्रता का हिस्सा माना गया था।
जस्टिस  एन. नागरेश की पीठ ने ट्रांसजेंडर छात्र जनविन क्लीटस द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया
दोस्ती प्यार में बदली और दोनों ने समाज की बंदिशों को तोड़कर अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जीने का फैसला किया।
जेन कौशिक को गुजरात के जामनगर में 24 जुलाई 2023 को इंग्लिश टीचर के लिए ऑफर लेटर मिला, लेकिन यात्रा के दौरान पहचान दस्तावेज साझा करने पर उन्हें प्रवेश ही नहीं दिया गया। इससे पूर्व नवंबर 2022 में उत्तर प्रदेश के एक स्कूल ने उन्हें नौकरी से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया।
अस्पताल पहुंचने पर कई किन्नरों ने मुख्य द्वार पर चार घंटे तक धरना दिया और पेट्रोल डालकर आत्मदाह की धमकी दी। पुलिस अधिकारियों ने हाथ जोड़कर समझाया, तब जाकर स्थिति नियंत्रित हुई।
LGBTQIA+ समुदाय
बंगलोर में  2024 में आयोजित प्राइड रैली (सांकेतिक चित्र)
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