समुदाय का एकमत है कि यह बिल नालसा जजमेंट और मौलिक अधिकारों दोनों का उल्लंघन करता है। इसलिए उनकी मांग बिल को तुरंत वापस लेने और ट्रांस समुदाय से सही मायने में बातचीत करने की है।
नॉन-वेज छात्रों पर “अशुद्ध” और “संस्कृति विरोधी” होने के आरोप लगाए गए। इसके जवाब में नॉन-वेज छात्रों ने भी तीखे पलटवार किए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि छात्रों ने सामूहिक रूप से डीन ऑफ डाइवर्सिटी एंड इंक ...