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अस्पताल में इलाज करवाता घायल पत्रकार
Geetha Sunil Pillai
3 min read
एससी/एसटी एक्ट में केस दर्ज, आरोपी पक्ष ने भी करवाई क्रॉस एफआईआर
पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद गांव में उनका सामाजिक बहिष्कार कर उन्हें अलग-थलग किया जा रहा है।
 कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक मामले में कहा है कि लोकतंत्र के सार्वजनिक मंच को जातिगत अपमान के अखाड़े में तब्दील नहीं किया जा सकता।
पर्यावरण विज्ञान विभाग में शोधार्थी अनघा पिछले दो वर्षों के दौरान कथित जातिगत उत्पीडन की घटनाओं को लेकर कार्रवाई की मांग कर रही हैं। AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी अनघा के संघर्ष के समर्थन में सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है।
FIR दर्ज होने के बाद मामले की जांच पुलिस के जिम्मे है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच, उपलब्ध वीडियो/ऑडियो रिकॉर्डिंग, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर होगी।
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