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केरल में दलित ईसाइयों की बड़ी आबादी है, जिनके पूर्वज पीढ़ियों पहले धर्म परिवर्तन कर चुके थे। समुदाय का कहना है कि धर्मांतरण के बावजूद उसे आज भी जातिगत आधार पर सामाजिक और आर्थिक भेदभाव झेलना पड़ता है, इसलिए उसे भी वही संवैधानिक सुरक्षा मिलनी चाहिए जो अन्य धर्मों के दलितों को हासिल है। (सांकेतिक चित्र)
Geetha Sunil Pillai
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केरल में दलित ईसाइयों को आरक्षण देने की मांग को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। मुख्यमंत्री वी डी सतीशन के एक बयान ने इस मुद्दे को फिर हवा दे दी है, जिससे भाजपा की मेहनत से त ...
अमय की कहानी में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि उनकी उपलब्धि को केवल एक गोल्ड मेडल की तस्वीर में नहीं देखा जा सकता। उनकी यात्रा में शिक्षा, व्यक्तिगत अनुभव, कानूनी समझ, सामाजिक सरोकार और छात्र नेतृत्व एक-दूसरे से जुड़े हुए दिखाई देते हैं।
आंदोलनकारी छात्रों की मुख्य चिंता यही थी कि यदि चारों कॉलेजों को सामान्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों की तरह माना गया और उत्तर प्रदेश का सामान्य आरक्षण ढांचा लागू हुआ, तो SC/ST विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सीटों में बड़ी कमी हो सकती है।
विवाद का केंद्र किताब का शीर्षक, उसका सार्वजनिक प्रचार और सोशल मीडिया पर साझा की गई सामग्री है।
TN Dalit student suicide
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