The Mooknayak - आवाज़ आपकी

Read More
पुलिस के अनुसार यह अंतरजातीय प्रेम संबंध के कारण जाति-आधारित ‘ऑनर किलिंग’ थी।
Geetha Sunil Pillai
2 min read
अदालत ने माता-पिता के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने का हवाला देते हुए चार्जशीट रद्द कर दी, जबकि जयपाल के खिलाफ कार्यवाही जारी रहेगी।
Dalit Rights.
16 सितंबर को जस्टिस विनोद दिवाकर की एकल पीठ ने मामले में स्वतंत्र जांच की व्यवस्था की थी जिसपर खंडपीठ ने आगे की कार्यवाही पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।
खो-खो खिलाड़ी शिवम नायक भी उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने इसी बस्ती में रहकर खेल की शुरुआत की और विभिन्न प्रतियोगिताओं में झारखंड का प्रतिनिधित्व किया। उनके पदक और प्रमाणपत्र उनकी उपलब्धियों को दर्शाते हैं, लेकिन उनका घर भी तोड़ दिया गया है।
10 सितंबर को विश्वविद्यालय प्रशासन को 15 दिन का चेतावनी नोटिस दिया था। छात्रों के अनुसार समयसीमा पूरी हो चुकी है, लेकिन छह दलित-ओबीसी छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने और विश्वविद्यालय परिसर में लगाए गए प्रवेश प्रतिबंध को हटाने सहित प्रमुख मांगों पर अब तक कोई ठोस और लिखित निर्णय नहीं लिया गया है।
Read More
द मूकनायक को सब्सक्राइब करें

'द मूकनायक' जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है। अगर आप भी चाहते हैं कि 'द मूकनायक' हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहें तो सब्सक्राइब करें।

यहां सब्सक्राइब करें
The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com