प्रकाश सिंह विद्रोही ने ' द मूकनायक' को बताया, "गैर-वाल्मीकि कर्मचारी सफाई का मूल काम नहीं कर रहे, सारा भार वाल्मीकि समाज पर आ जाता है। इससे समुदाय में रोष है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस ने 'जानबूझकर तथ्यों को छिपाया' और शव पर मिली चोटों का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी।