
भोपाल। दतिया से ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर तक निकाली जा रही संकल्प पदयात्रा उस समय विवादों में घिर गई जब यात्रा की शुरुआत होते ही पुलिस प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार गौराघाट से संविधानवादी कार्यकर्ताओं ने आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव मंडल के नेतृत्व में पदयात्रा प्रारंभ की थी। पदयात्रा में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए थे, जो विभिन्न सामाजिक और संवैधानिक मुद्दों को लेकर ग्वालियर हाईकोर्ट तक पैदल मार्च करने की योजना के साथ निकले थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही पदयात्रा आगे बढ़ने लगी, पुलिस प्रशासन ने उसे रोकने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के उद्देश्य से वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी किया। अचानक हुई इस कार्रवाई से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई कार्यकर्ता बचने के लिए इधर-उधर भागते दिखाई दिए, जबकि कुछ प्रदर्शनकारी मौके पर ही डटे रहे।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे दामोदर यादव मंडल को मौके से ही हिरासत में ले लिया। पुलिसकर्मियों ने उन्हें घेरकर वाहन में बैठाया और थाने ले गए। बताया जा रहा है कि उनके साथ कुछ अन्य कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति बड़ी संख्या में भीड़ जुटने और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका के कारण यह कार्रवाई की गई।
उधर पदयात्रा में शामिल संविधानवादी कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया है। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर ग्वालियर हाईकोर्ट तक पदयात्रा निकाल रहे थे, लेकिन प्रशासन ने शुरुआत में ही इसे रोक दिया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने अनावश्यक बल प्रयोग किया, जिससे कई लोग घायल भी हुए हैं।
ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर निकाली जा रही संकल्प यात्रा को लेकर दतिया-ग्वालियर मार्ग पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। प्रशासन ने इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था की है। जिले के एसपी और तीन एसडीओपी की निगरानी में करीब 15 थानों का पुलिस बल अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी हालत में यात्रा को डबरा (ग्वालियर सीमा) तक नहीं पहुंचने दिया जाएगा। टकराव की आशंका को देखते हुए असनई स्थित रामलाल मंदिर में सवर्ण आर्मी के पदाधिकारियों को एहतियातन नजरबंद कर दिया गया है।
नागपुर से शुरू हुई इस संकल्प यात्रा का उद्देश्य 14 मार्च को ग्वालियर हाईकोर्ट पहुंचकर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग उठाना बताया जा रहा है। हालांकि दतिया में यात्रा की अनुमति रद्द होने के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल है।
पुलिस के अनुसार शुरुआत में प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वे पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। हालात बिगड़ने पर पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए 15 से 20 आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इसके साथ ही हल्का लाठीचार्ज भी किया गया। पुलिस ने मौके से करीब 100 लोगों को गिरफ्तार कर बसों के जरिए बड़ौनी स्थित अस्थायी जेल भेज दिया, जबकि अन्य प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए अतिरिक्त बसें भी मौके पर तैनात की गई हैं।
घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। एहतियात के तौर पर मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वहीं हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चा चल रही है।
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