महिला न्यूज़

Anita Chaudhary, the first female auto driver of Jhansi.
सोशल मीडिया पर  हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, जहां लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या बिहार की बेटियां वाकई "बिकाऊ" हैं और क्या उनकी इज्जत इतनी मामूली है? यह विवाद लिंगभेद, क्षेत्रवाद और राजनीतिक असंवेदनशीलता को उजागर कर रहा है।
महिला की हत्या के बाद गुस्साए स्थानीय निवासियों और हिंदुत्ववादी कार्यकर्ताओं ने येल्लापुर थाने पर विरोध प्रदर्शन किया।
Anushka, who comes from a family of daily wagers, is one of the youngest Adivasi athletes to be honoured by the President.
सुंधामाता पट्टी पंचायत की इस नई नियमावली के तहत 26 जनवरी से प्रभावी होने वाले बैन में महिलाओं को सार्वजनिक सभाओं, सामाजिक आयोजनों, शादियों या पड़ोसियों के घर जाते समय स्मार्टफोन ले जाना मना होगा।
बहुजन विचारकों का मानना है कि डाबी सबसे ज्यादा निशाने पर रहती है। इसका पहला कारण उनका अनुसूचित जाति से होकर UPSC टॉपर होना है।दूसरा उनके नाम कई उपलब्धियां है।
 गर्भवती शैमोल ने पुलिस को पति की पिटाई करते देखकर हस्तक्षेप किया तो  इंस्पेक्टर प्रताप चंद्रा ने उन्हें सीने पर धक्का दिया और जोरदार थप्पड़ जड़ दिया।
नितीश के हिजाब कांड का विरोध करती महिलाएं
From bonded labourer to sarpanch T'gana tribal woman's long road to freedom.
यह विवाद महिलाओं की शिक्षा और अधिकारों को प्रभावित कर सकता है। सरकार को संतुलित नीति अपनाने की जरूरत है, जहां पसंद का सम्मान हो, लेकिन सुरक्षा सुनिश्चित हो।
हैदराबाद की सोशियो-पॉलिटिकल एक्टिविस्ट खलीदा परवीन ने बुधवार को लंगर हाउस पुलिस स्टेशन में बिहार सीएम के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
यह घटना एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गई है, जिसमें विपक्षी दल सत्ताधारी नेतृत्व पर असंवेदनशीलता, सत्ता के दुरुपयोग और अल्पसंख्यक महिलाओं के प्रति अनादर को सामान्य बनाने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि जवाबदेही और कानूनी जांच की मांग बढ़ रही है।
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