महिला न्यूज़

सिस्टर लूसी की यह यात्रा न केवल व्यक्तिगत जीत है, बल्कि उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा जो अन्याय के खिलाफ खड़ी होने का साहस जुटाती हैं।
23 वर्षीय बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (बीडीएस) की तीसरी वर्ष की छात्रा यशस्विनी बी ने कथित तौर पर कॉलेज में त्वचा के रंग और पहनावे को लेकर लगातार हो रहे अपमान से तंग आकर आत्महत्या कर ली।
एक्ट्रेस का कहना है कि संस्था के समर्पित सदस्य और किचन विभाग में काम करने वाले  अमित राठौड़ ने उनके साथ यौन शोषण करके ब्लैकमेल किया जिसकी शिकायत उनके सीनियर सदस्यों को देने पर वे एक्ट्रेस के साथ गाली गलौज पर उतर आये और उसे लगातार जान से जान से मारने की धमकियां मिल रही है।
 दिव्या बौद्ध धर्म के प्रचार और सामाजिक न्याय के लिए सोशल मीडिया का हथियार बखूबी इस्तेमाल करती हैं। उनके यूट्यूब चैनल पर भी जय भीम से जुड़े वीडियो वायरल हैं, जहां वे अन्याय के खिलाफ यल्गार देती नजर आती हैं।
2018 में केरल के कुराविलंगडु स्थित सेंट फ्रांसिस मिशन होम में रहने वाली वरिष्ठ नन सिस्टर रानित ने जालंधर डायोसिस (धर्मप्रांत) के तत्कालीन बिशप फ्रैंको मुलक्कल पर उनके साथ कई बार रेप करने का आरोप लगाया। यह शिकायत भारत में एक अभूतपूर्व घटना थी, क्योंकि इससे पहले कभी किसी नन ने यौन हिंसा के लिए किसी पदस्थ बिशप के खिलाफ औपचारिक पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।
पड़ोसी परिवार ने बच्चे की बीमारी का ठीकरा किरण पर फोड़ा और उसे डायन बताकर हमला कर दिया।
अदालत ने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि धारा 354 के तहत दर्ज हर एफआईआर में आमतौर पर 'हाथ मारा' शब्द लिख दिया जाता है, जिसकी पुष्टि शिकायतकर्ता नहीं करते। यह कानून का गंभीर दुरुपयोग है और पुलिस थाना स्तर पर इस पर विचार की जरूरत है।"
Anita Chaudhary, the first female auto driver of Jhansi.
सोशल मीडिया पर  हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, जहां लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या बिहार की बेटियां वाकई "बिकाऊ" हैं और क्या उनकी इज्जत इतनी मामूली है? यह विवाद लिंगभेद, क्षेत्रवाद और राजनीतिक असंवेदनशीलता को उजागर कर रहा है।
महिला की हत्या के बाद गुस्साए स्थानीय निवासियों और हिंदुत्ववादी कार्यकर्ताओं ने येल्लापुर थाने पर विरोध प्रदर्शन किया।
Anushka, who comes from a family of daily wagers, is one of the youngest Adivasi athletes to be honoured by the President.
सुंधामाता पट्टी पंचायत की इस नई नियमावली के तहत 26 जनवरी से प्रभावी होने वाले बैन में महिलाओं को सार्वजनिक सभाओं, सामाजिक आयोजनों, शादियों या पड़ोसियों के घर जाते समय स्मार्टफोन ले जाना मना होगा।
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