
जयपुर- राजस्थान में हाल के दिनों में दो ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिन्होंने समाज में व्याप्त पितृसत्तात्मक सोच और लैंगिक भेदभाव की जड़ों को उजागर कर दिया है। ये घटनाएं महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणियों से जुड़ी हैं, जहां बेटे को श्रेष्ठ मानने वाली मानसिकता खुलकर सामने आई। पहली घटना नैनाथ मेले में हुई, जहां एक लोक कवि/गायक ने भाजपा नेता किरोड़ी लाल मीणा की पत्नी पूर्व विधायक गोलमा देवी के निस्संतान होने पर कटाक्ष करते हुए आपत्तिजनक और मानहानिकारक शब्दों का प्रयोग किया। दूसरी घटना राजस्थान विधानसभा में हुई, जहां वैर विधायक बहादुर सिंह कोली ने बजट की तारीफ करते हुए इसे "बेटा पैदा करने" से जोड़ा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अंतिम बजट को "बेटी पैदा करने" जैसा बताया।
राजस्थान के एक प्रमुख लोक मेले नैनाथ में एक लोकगायक या कवि ने गोलमा देवी के निस्संतान होने पर व्यंग्यात्मक गीत या टिप्पणी की। 16 फरवरी को तूंगा थाना क्षेत्र के नई नाथ धाम में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान यह घटना हुई। चैनपुरा, तूंगा निवासी ताराचंद ने मंच से माइक संभालते हुए एक गीत प्रस्तुत किया, जिसमें पूर्व मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक और मानहानिकारक शब्दों का प्रयोग किया गया। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने इस पर आपत्ति जताई। घटना से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में विवाद खड़ा हो गया। गोलमा देवी, जो किरोड़ी लाल मीणा की पत्नी और पूर्व मंत्री हैं और खुद भी सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं, ने इस पर दुख जताया लेकिन बड़ी उदारता दिखाई।
गोलमा देवी ने एक बयान में कहा: "यह हमारे जीवन का परम सत्य है कि ईश्वर ने हमें संतान का सौभाग्य नहीं दिया। जैसा कि रामायण में कहा गया है - 'हानि-लाभ, जीवन-मरण, जस-अपजस विधि हाथ। हरि इच्छा के आगे मनुष्य का कोई वश नहीं चलता।' यदि ईश्वर की यही इच्छा रही कि हम संतान के सुख से वंचित रहें, तो हमने उसे सहर्ष स्वीकार किया। हमें इसका किंचित भी दुख नहीं है, क्योंकि हमने राजस्थान की समस्त संतानों को अपना ही माना है। मैं राजस्थान के बेटे-बेटियों की हृदय से आभारी हूँ कि उन्होंने कभी यह एहसास नहीं होने दिया कि मैं निस्संतान हूँ। किन्तु हमारे समाज की एक विडंबना यह भी है कि निस्संतान महिला को प्रायः हेय दृष्टि से देखा जाता है। उसे अपमानित किया जाता है, उस पर व्यंग्य किए जाते हैं। हाल ही में नईनाथ मेले में एक लोकगायक द्वारा मेरे निस्संतान होने पर कटाक्ष करते हुए गीत प्रस्तुत किए गए। पूर्व में भी, जिन्हें मैंने स्नेहपूर्वक अपने पुत्र समान माना, उन नरेश मीणा जी द्वारा भी इसी विषय पर व्यंग्य किया गया। यह सत्य है कि मैं संतान के सौभाग्य से वंचित रही हूँ, परंतु इसे लेकर मेरे मन में कोई शोक नहीं है। मैंने जन-जन को अपना परिवार मान लिया है और उनके लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया है। फिर भी जब कोई ऐसी टिप्पणी करता है, तो मन में स्वाभाविक रूप से एक टीस उठती है। उस क्षण मनुष्य अपने भाग्य को कोसता है और ईश्वर से प्रश्न करता है।
मुझे ज्ञात हुआ कि नईनाथ मेले की उस घटना पर समाज में आक्रोश व्यक्त हुआ और आप सभी ने अपना विरोध दर्ज कराया। इसके लिए मैं आप सभी की आभारी हूँ। यह भी ज्ञात हुआ कि संबंधित कलाकार ने अपने कृत्य के लिए क्षमा याचना की है।
"मैं आप सभी से विनम्र अपील करती हूँ कि अब इस प्रसंग को यहीं विराम दें। मैं उस गायक कलाकार को हृदय से क्षमा करती हूँ और समाज के पंच-पटेलों से भी निवेदन करती हूँ कि वे उसका सामाजिक बहिष्कार वापस लेकर उसे क्षमा प्रदान करें। मेरे सभी बेटे-बेटियों से भी आग्रह है कि इस विषय को आगे न बढ़ाएँ। व्यक्ति जैसी समझ रखता है, वैसी ही बात करता है; अतः अब इसे तूल न दिया जाए।
आप सभी के प्रेम और सम्मान के रहते मुझे अपने निस्संतान जीवन पर कभी कोई दुख नहीं हो सकता। ईश्वर ने भले ही मुझे संतान का जैविक सुख नहीं दिया, परंतु मेरा सौभाग्य इससे कहीं बड़ा है-हजारों बेटे-बेटियों ने मुझे "माँ" कहकर पुकारा है। इससे बढ़कर किसी जीवन का और क्या सौभाग्य हो सकता है।" गोलमा देवी ने दिल की बड़ी ने कवि को माफ कर दिया और समाज से अपील की कि ऐसी सोच बदलनी चाहिए।
इस घटना के बाद मीणा समाज और राजनीतिक हलकों में नाराजगी व्यक्त की जा रही है। मामले को लेकर मीणा छात्र संघ ने आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
17 फरवरी को राजस्थान विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान भाजपा विधायक बहादुर सिंह कोली (वीर सीट) ने भजन लाल शर्मा सरकार के बजट की तारीफ में पितृसत्तात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पहले, दूसरे और तीसरे बजट में "बेटा पैदा किया" (युवा बजट की तरह उपयोगी), जबकि अशोक गहलोत के अंतिम बजट में "बेटी पैदा हुई" जिसके कारण कांग्रेस विपक्ष में है।
उनके शब्द थे: "हमारा बजट युवाओं का है, उनका बुढ़ापे का... हमारी सरकार ने पहले बजट में बेटा पैदा किया, दूसरे में बेटा पैदा किया, तीसरे में भी बेटा पैदा किया। जो युवावस्था में बेटा पैदा करता है, वह हमेशा उपयोगी रहता है। अशोक गहलोत के समय अंतिम बजट में घोषणाएं कीं, लेकिन बेटी पैदा हुई, बेटा नहीं, इसलिए आप विपक्ष में बैठे हैं।"
इस बयान पर कांग्रेस विधायकों ने तीव्र विरोध किया। विपक्ष के नेता टीका राम जुली ने इसे भेदभावपूर्ण और अनुचित बताया। कई नेताओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे सेक्सिस्ट करार दिया। बहादुर सिंह कोली ने बाद में सफाई नहीं दी, लेकिन विवाद छिड़ गया।
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