
उत्तर प्रदेश: गोरखपुर एम्स (AIIMS) में काम करने वाली नागालैंड की एक 25 वर्षीय रेजिडेंट डॉक्टर के लिए मॉल की एक सामान्य ट्रिप खौफनाक सपने में बदल गई। मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों ने करीब 1.5 किलोमीटर तक डॉक्टर का पीछा किया और रास्ते भर उनके साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ और बदसलूकी की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में सभी तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, यह पूरी घटना रविवार शाम (22 फरवरी) की है। आरोपी मॉल से ही पीड़िता के पीछे लग गए थे और एम्स के गेट तक पहुंचने के दौरान उन्होंने कई अश्लील टिप्पणियां कीं और दुर्व्यवहार किया।
गोरखपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) अभिनव त्यागी ने बताया, “इस मामले में तीन लोग शामिल हैं, जिनमें से दो को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें आज अदालत में पेश किया जाएगा। तीसरे आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।”
सोमवार को शिकायत दर्ज होने के बाद यह मामला प्रकाश में आया। इसके बाद पुलिस की एक टीम ने एम्स पहुंचकर पीड़िता का आधिकारिक बयान दर्ज किया।
अपनी शिकायत में महिला डॉक्टर ने बताया कि, वह कुछ जरूरत का सामान खरीदने के लिए एक मॉल गई थीं। वापस लौटते समय बाइक सवार तीन युवकों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। एम्स की ओर पैदल जाते समय आरोपियों ने उन पर अश्लील फब्तियां कसीं और भद्दी गालियां दीं।
पीड़िता का आरोप है कि एम्स के गेट नंबर 2 तक पहुंचने तक युवकों ने उन्हें गलत तरीके से छुआ और अश्लील इशारे किए। जब डॉक्टर ने खुद को बचाने के लिए शोर मचाया, तो आरोपी गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
डर से सहमी पीड़िता किसी तरह अपने हॉस्टल पहुंची और सहकर्मियों को पूरी आपबीती सुनाई। इसके बाद तुरंत एम्स के उच्च अधिकारियों को इस गंभीर घटना की सूचना दी गई।
पुलिस ने मॉल, एम्स परिसर और दोनों स्थानों के बीच पड़ने वाली सड़कों व इमारतों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिससे आरोपियों की पहचान सुनिश्चित हो सकी।
पकड़े गए युवकों के नाम सूरज गुप्ता (22), अमृत विश्वकर्मा (21) और आदित्य राव (23) हैं। ये तीनों पड़ोसी जिले देवरिया के रहने वाले हैं। सूरज फलों की दुकान लगाता है, जबकि अमृत देवरिया में एक जनरल स्टोर चलाता है। पुलिस ने आरोपियों को उनके घरों के पास से गिरफ्तार किया और वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहनों को भी जब्त कर लिया है।
इन सभी के खिलाफ महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग करने, अश्लील हरकतें करने, आपराधिक धमकी देने और शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
इस घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कॉनराड के संगमा (मुख्यमंत्री, मेघालय), ने इस घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए एक्स (X) पर लिखा, “पूर्वोत्तर की महिलाओं के साथ नस्लीय भेदभाव और यौन उत्पीड़न सिर्फ एक हेडलाइन बनकर नहीं रह जाना चाहिए, जिसे सनसनीखेज बनाकर हर नई घटना के बाद भुला दिया जाए। गोरखपुर एम्स की नागालैंड निवासी रेजिडेंट डॉक्टर के साथ हुआ यह नस्लीय और यौन शोषण बेहद शर्मनाक है। किसी भी सभ्य राष्ट्र को महिलाओं के सम्मान के साथ यह खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करना चाहिए। ये आपकी बहन-बेटियां भी हैं। मैं अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि वे दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करें।"
कांग्रेस ने भी इस घटना की निंदा करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा, “22 फरवरी को गोरखपुर में जो हुआ, वह इस बात की याद दिलाता है कि हमारा देश महिलाओं, विशेषकर पूर्वोत्तर की महिलाओं के लिए कितना असुरक्षित हो गया है... नरेंद्र मोदी के शासन में ऐसी घटनाएं अब आम होती जा रही हैं। नफरत, नस्लीय दुर्व्यवहार और हिंसा पर कोई लगाम नहीं है।”
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