
उत्तर प्रदेश: वाराणसी स्थित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में मंगलवार को भारी हड़कंप मच गया। यहां के डालमिया हॉस्टल के मेस में परोसी जा रही चिकन करी में एक मरी हुई छिपकली मिलने से छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा।
इस घटना के बाद हॉस्टल की भोजन सुरक्षा और बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक सब्जी के बर्तन में छिपकली दिखाई दी, तब तक लगभग 30 से 40 छात्र वह खाना खा चुके थे।
दूषित भोजन करने की बात पता चलते ही कई छात्रों को घबराहट होने लगी और कुछ ने उल्टी की शिकायत की। इसके बाद पूरे हॉस्टल परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया।
वॉर्डन का घेराव और छात्रों का प्रदर्शन
घटना की खबर आग की तरह पूरे हॉस्टल में फैल गई। नाराज छात्र मेस के बाहर इकट्ठा हो गए और भोजन की गुणवत्ता व स्वच्छता में बरती गई इस भयंकर लापरवाही को लेकर अधिकारियों से भिड़ गए।
आक्रोशित छात्रों ने वॉर्डन का घेराव किया और मेस ठेकेदार के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान मौके पर छात्रों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।
स्थिति को बिगड़ते देख विश्वविद्यालय का प्रॉक्टोरियल बोर्ड और हॉस्टल वॉर्डन तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और मामले को संभालने की कोशिश की।
छात्रों ने मौके पर ही अधिकारियों को एक लिखित शिकायत भी सौंपी। इस शिकायत में खराब खाने के साथ-साथ पीने के साफ पानी की भारी कमी और हॉस्टल प्रबंधन से जुड़ी कई अन्य गंभीर समस्याओं का जिक्र किया गया है।
गर्मी को ठहराया जिम्मेदार
दूसरी तरफ, मेस संचालक अरविंद चौरसिया ने इस भयानक चूक का ठीकरा गर्मी के मौसम पर फोड़ दिया।
मेस संचालक ने अपनी सफाई में कहा कि गर्मियों के मौसम में इलाके में बहुत सी छिपकलियां आ जाती हैं। उन्होंने अंदेशा जताया कि उन्हीं में से कोई एक छिपकली गलती से खाने में गिर गई होगी।
हालांकि, छात्र इस दलील से संतुष्ट नहीं थे। उनका आरोप है कि हॉस्टल मेस के अंदर साफ-सफाई और रखरखाव को लेकर प्रशासन उनकी पिछली कई शिकायतों को भी लगातार नजरअंदाज करता आ रहा है।
आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला
काफी देर तक चले इस भारी हंगामे के बाद हॉस्टल अधिकारियों ने छात्रों को शांत कराया। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पक्का आश्वासन दिया कि मौजूदा मेस संचालक को तुरंत हटा दिया जाएगा।
इसके साथ ही अधिकारियों ने हॉस्टल के अंदर मौजूद अन्य समस्याओं का भी जल्द से जल्द समाधान करने का वादा किया। इस ठोस आश्वासन के बाद ही छात्र वहां से शांतिपूर्वक वापस लौटे।
हालांकि घटना का पता चलने के बाद कई छात्रों ने असहजता और घबराहट महसूस की थी। लेकिन राहत की बात यह है कि खबर लिखे जाने तक किसी भी छात्र को गंभीर स्वास्थ्य समस्या होने की कोई सूचना नहीं मिली है।
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