
दिल्ली- जंतर मंतर पर चले युवा आंदोलन ने सिर्फ एक मंत्री को नहीं हटाया, बल्कि पूरे देश की सत्ता-प्रतिष्ठान को झकझोर दिया है। अब युवाओं की बात सुनने की कोशिश हर तरफ दिख रही है। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को मुंबई में जेन-जेड और जेन-अल्फा से करीब एक घंटे तक संवाद किया। उन्होंने साफ कहा कि यह पीढ़ी पुरानी पीढ़ी से भी ज्यादा देशभक्त और ईमानदार है, उनकी बात सुननी चाहिए। भागवत ने यह भी स्वीकार किया कि युवाओं से बातचीत की कमी के कारण ही दिल्ली के जंतर मंतर पर आंदोलन हुआ। यह बात उन्होंने इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (आईआईएमयूएन) की 15वीं वर्षगांठ पर कही, जहां 11 से 19 साल के करीब दो हजार छात्र मौजूद थे।
सीजेपी आन्दोलन से सफलता ने युवाओं को शांत नहीं किया है बल्कि युवा आवाज अब और तेज होने वाली है। आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ‘जेन जेड राइजिंग टूर’ के जरिए देशभर के कैंपस और शहरों में उतरने जा रही हैं, वहीं कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने राष्ट्रीय कार्यकारी समिति का गठन कर संगठनात्मक विस्तार का एलान कर दिया है। दोनों संगठन साफ कह रहे हैं कि आंदोलन की सफलता के बाद गति धीमी नहीं पड़ने देंगे।
आइसा ने गुरुवार को ‘जेन जेड राइजिंग’ अभियान की घोषणा की। इस अभियान के तहत एआईएसए की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा कई राज्यों का दौरा करेंगी। इसका उद्देश्य जंतर मंतर आंदोलन की भावना को देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और शहरों तक पहुंचाना तथा शिक्षा सुधार, बेरोजगारी और प्रवेश परीक्षा नीतियों जैसे मुद्दों पर युवाओं को संगठित करना है। टूर का पहला चरण 7 अगस्त को रांची से शुरू होगा। इसके बाद 11 अगस्त को कोलकाता, 14 अगस्त को जयपुर, 16 अगस्त को हैदराबाद, 17 अगस्त को हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी, 18 अगस्त को विजयवाड़ा, 20 अगस्त को चेन्नई, 22 अगस्त को कालीकट, 23 अगस्त को बेंगलुरु, 25 अगस्त को मुंबई, 26 अगस्त को पुणे, 27 अगस्त को नागपुर और 29 अगस्त को भुवनेश्वर में कार्यक्रम होंगे। एआईएसए का कहना है कि नेहा के साथ आंदोलन से जुड़े कई नेता भी होंगे। संगठन का लक्ष्य एनटीए को खत्म करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति को वापस लेने और युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व रोजगार सुनिश्चित करने की मांगों को आगे बढ़ाना है।
उधर, सीजेपी ने 6 अगस्त को अपनी राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की औपचारिक घोषणा की। संस्थापक अभिजीत दिपके को राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है। सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास हैं। राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे, संगठन सह-प्रभारी दीपक बलियान, राष्ट्रीय सचिव आफरीन नवाज, मीडिया प्रमुख विजय रेड्डी मल्लंगी, कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह, शोध व नीति प्रमुख वैष्णवी गौर, प्रौद्योगिकी प्रमुख रोहन देशपांडे और वित्त प्रमुख योगेश इंगले हैं। जोनल स्तर पर भी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सीजेपी अगले छह महीनों में राज्य समन्वय समितियां तथा लोकसभा और शहर स्तरीय इकाइयां बनाने की योजना बना रही है।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने युवाओं के मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री से अपील की है। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हैं कि वे इस स्वतंत्रता दिवस पर युवाओं को संबोधित करें और बताएं कि उनके लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। सीजेपी और एआईएसए दोनों का जोर इस बात पर है कि जंतर मंतर आंदोलन की सफलता के बाद गति धीमी नहीं पड़नी चाहिए। दोनों संगठन अलग-अलग तरीकों से जेन जेड को जोड़ने और शिक्षा-रोजगार के मुद्दों पर युवा आवाज को और मजबूत बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
रांची में ही छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे आंदोलन का वे चेहरा बने हुए हैं। महतो 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं। सोनम वांगचुक की अपील पर उन्होंने पानी पीना शुरू कर दिया, लेकिन अन्न त्याग जारी रखा है और मांगें पूरी होने तक अनशन नहीं तोड़ने का ऐलान किया है। कई अन्य युवा भी उनके साथ भूख हड़ताल पर बैठ चुके हैं। मांग है कि इन परीक्षाओं की जांच सीबीआई या बाहर के स्वतंत्र जजों के पैनल से हो और व्यवस्था में सुधार किया जाए। नेहा बोरा शुक्रवार को रांची से ‘जेन जेड राइजिंग’ टूर की शुरआत करेंगी।
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