
दिल्ली की झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले मोहम्मद इरफान का यूट्यूब चैनल 'मैं इरफान' रातों-रात तेजी से लोकप्रियता हासिल करने के तुरंत बाद बंद कर दिया गया है। वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म यूट्यूब द्वारा की गई इस अचानक कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है और लोग चैनल को तुरंत बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
यूट्यूब की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक सफाई जारी नहीं की गई है। हालांकि, मोहम्मद इरफान के पेज को एक्सेस करने पर स्क्रीन पर एक संदेश दिखाई दे रहा है, जिसमें लिखा है कि गूगल की सेवा शर्तों का उल्लंघन करने के कारण इस खाते को समाप्त कर दिया गया है।
मोहम्मद इरफान हाल ही में जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के दौरान संविधान की प्रस्तावना पढ़कर रातों-रात चर्चा में आए थे। उन्होंने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के संघर्षों, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली पर बेबाकी से अपनी बात रखी थी।
उनकी इस वैचारिक समझ से प्रभावित होकर 28 जुलाई को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उनसे मुलाकात की थी। राहुल गांधी ने इरफान की सराहना करते हुए कहा था कि उनका दृष्टिकोण भारत के युवाओं की वास्तविक क्षमता और ताकत को उजागर करता है।
वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम के सहयोग से इरफान ने अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया था। अजीत अंजुम ने 2 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा की कि शनिवार शाम से रविवार सुबह तक मात्र कुछ ही घंटों के भीतर इरफान के चैनल से 70,000 से अधिक सब्सक्राइबर जुड़ चुके थे।
अजीत अंजुम ने चैनल को अचानक हटाए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने अपनी पोस्ट में सवाल उठाया कि एक मजदूर वर्ग के युवा का इतने कम समय में इतने बड़े पैमाने पर लोगों से जुड़ना एक असाधारण उपलब्धि है, तो फिर यूट्यूब ने इतनी जल्दबाजी में इस चैनल को क्यों बंद कर दिया।
चैनल बंद होने के बाद मोहम्मद इरफान ने खुद 'एक्स' पर अपनी बात रखी और इस कार्रवाई को तकनीकी गड़बड़ी बताया। उन्होंने प्लेटफॉर्म से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की गुहार लगाई है।
इरफान ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया कि उनका चैनल पूरी तरह नया था और उन्होंने यूट्यूब के सभी नियमों का ईमानदारी से पालन किया था। लोगों को उनका कंटेंट पसंद आ रहा था, इसी वजह से सब्सक्राइबर तेजी से बढ़े। उन्होंने अंदेशा जताया कि यह ऑटोमेटेड सिस्टम की चूक हो सकती है, इसलिए गूगल को रिव्यू करके चैनल दोबारा चालू करना चाहिए।
सोशल मीडिया पर तमाम यूज़र्स अब इरफान के समर्थन में आ खड़े हुए हैं। लोगों का कहना है कि चैनल पर मौजूद कंटेंट पूरी तरह से प्रामाणिक था और यह कार्रवाई केवल एक तकनीकी त्रुटि का परिणाम है, जिसे यूट्यूब इंडिया को जल्द से जल्द सुधारना चाहिए।
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