
कोच्चि- केरल पुलिस ने उत्तर भारतीय ट्रैवल व्लॉगर अमृत सिंह डैरेन (लिट्टीचोखाउप) के खिलाफ फोर्ट कोच्चि में साम्प्रदायिक टिप्पणी करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। उनके वीडियो ‘केरलम इज इन डेंजर’ में उन्होंने फोर्ट कोच्चि और केरल को लेकर विवादास्पद और विभाजनकारी बयान दिए थे।
22 अक्टूबर को पोस्ट किए गए एक इंस्टाग्राम वीडियो में, डैरेन ने दावा किया कि फोर्ट कोच्चि में एक कैफे में बीफ बेचा जा रहा था, जिसका नाम एक हिंदू धार्मिक जगह के नाम पर रखा गया था। वीडियो में अमृत सिंह काशी आर्ट कैफे का जिक्र करते हुए कहते हैं कि नाम के बावजूद कैफे का बनारस या महादेव से कोई संबंध नहीं है। अंदर जाकर उन्होंने गांधी के साथ जिन्ना की तस्वीर देखी और मेन्यू में बीफ के व्यंजन देखकर हैरानी जताई। उन्होंने कैफे के मालिक से नाम बदलकर ‘कराची’ रखने की बात कही। कैफे में लगी गांधी-जिन्ना की आर्टवर्क कलाकार रियाज कोमू की है।
इसके बाद व्लॉगर ने फोर्ट कोच्चि की आबादी और माहौल को लेकर आपत्तिजनक बयान दिए। उन्होंने दावा किया कि यहां 95 प्रतिशत कारोबारी, टैक्सी-रिक्शा चालक, छोटी दुकानें, सब्जी-फल विक्रेता सब मुस्लिम हैं। स्थानीय हिंदू डर के मारे चुप हैं और सरकार अरब देशों से फंडिंग लेकर इस्लाम को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार ध्यान नहीं देगी तो केरल हाथ से निकल जाएगा।
वीडियो की व्यापक आलोचना हुई। आलोचकों ने कहा कि यह केरल की समन्वयवादी संस्कृति और जनसांख्यिकी को गलत तरीके से पेश करता है। विवाद तब और बढ़ा जब बीजेपी नेता कृष्ण कुमार की बेटी और सोशल मीडिया क्रिएटर दिया कृष्णा ने वीडियो पर “सैड रियलिटी” कमेंट किया। बाद में उन्होंने स्पष्टीकरण वीडियो जारी कर माफी मांगी और कहा कि उनका कमेंट सिर्फ जिन्ना की तस्वीर पर था, व्लॉगर की साम्प्रदायिक टिप्पणियों पर नहीं।
केरल के विपक्षी नेता पिनाराई विजयन ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल साम्प्रदायिक नफरत फैलाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने लिखा कि फोर्ट कोच्चि और वर्कला ऐसी जगहें हैं जहां संस्कृतियां मिलती हैं और विविधता फलती-फूलती है। संघ परिवार केरल को बांटने में नाकाम रहने के बाद अब ऑनलाइन भड़काने वालों के जरिए नफरत का अभियान चला रहा है, लेकिन केरलम की धर्मनिरपेक्ष भावना उनके सामने नहीं झुकेगी।
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने एक्स पर लिखा, “केरलम एकजुट है। यहां साम्प्रदायिक नफरत की कोई जगह नहीं। राज्य के बाहर से आए व्लॉगर के इंस्टाग्राम वीडियो में फोर्ट कोच्चि के बारे में गलत जानकारी फैलाकर राज्य को नकारात्मक रोशनी में पेश करने और समुदायों को बांटने की कोशिश अस्वीकार्य है। मामला दर्ज हो चुका है और कानून अपना काम करेगा। यूडीएफ सरकार साम्प्रदायिक सद्भाव और न्याय के प्रति प्रतिबद्ध है।”
बीजेपी विधायक राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि केरलम सभी मलयालियों के लिए है। मलयाली ही केरलम का वर्तमान और भविष्य तय करेंगे। उन्होंने जिन्ना की तस्वीर और कुछ राजनीतिक दलों के गठबंधनों पर सवाल उठाए।
गृह मंत्री रमेश चेन्निथाला ने कहा कि केरल साम्प्रदायिक नफरत का खेल मैदान नहीं बनेगा। फोर्ट कोच्चि पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करना जरूरी कदम है। मंदिर, मस्जिद, चर्च, कला और विविध समुदाय हमारी साझा विरासत हैं। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता साम्प्रदायिक दुश्मनी भड़काने का लाइसेंस नहीं है।
अमृत सिंह डैरेन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(2) (झूठी जानकारी या अफवाहें फैलाकर समुदायों के बीच दुश्मनी या नफरत फैलाने का प्रयास) और धारा 192 (दंगा कराने के इरादे से जानबूझकर उकसावा) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
केरल सरकार और विपक्ष दोनों ने साफ कहा है कि राज्य की साम्प्रदायिक सद्भाव को कोई छेड़ नहीं सकेगा।
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