
गुवाहाटी- असम पुलिस ने रविवार को गुवाहाटी में पार्टी की पहली रीजनल वालंटियर्स मीटअप के स्थान को घेर लिया और सीजेपी के सह-संयोजक एवं मुख्य प्रवक्ता आशुतोष रांका समेत कई समर्थको को हिरासत में ले लिया। बैठक शुरू होने से कुछ घंटे पहले असम पुलिस ने असम सचिवालय के ठीक सामने जाने वाली सड़क , चौधरी टीला को दोनों तरफ से पूरी तरह बैरिकेड कर दिया। पुलिस ने आंसू गैस उपकरण भी तैनात किए और आने वाले वोलंटियेर्स को रोकना शुरू कर दिया।
आशुतोष रांका बैठक को संबोधित करने के लिए शनिवार को ही गुवाहाटी पहुंचे थे, उन्हें मीटिंग स्थल की ओर जाते समय स्वयंसेवकों के साथ हिरासत में ले लिए गया। हिरासत में लिए गए समर्थकों की सटीक संख्या और उन्हें किस थाने में रखा गया है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। पुलिस ने इस कार्रवाई का कोई औपचारिक कारण भी नहीं बताया है।
यह घटना राज्य सरकार द्वारा कार्यक्रम को रोकने के लगातार प्रयासों के बाद हुई है। मूल रूप से बैठक असम श्री परशुराम सेवा सदन, अथगांव में रखी गई थी, जहां असम और पूर्वोत्तर के 500 से अधिक समर्थक आने वाले थे। सीजेपी का आरोप है कि राज्य के दबाव के कारण स्थल प्रबंधन ने अचानक अनुमति वापस ले ली। इसके बाद कार्यक्रम को चौधरी टीला स्थानांतरित करना पड़ा। सीजेपी की चार सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारी टीम (अंकित भारद्वाज, आकाश प्रेम, वरुण अग्रवाल और अनम) 23 सितंबर से ही मौके पर तैयारियां कर रही थी।
हिरासत में लिए जाने से पहले आशुतोष रांका ने एक्स पर पुलिस बैरिकेड और आंसू गैस उपकरणों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि राज्य सरकार सीजेपी से इतनी क्यों घबरा रही है। बाद में उन्होंने असम के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, “हिमांता मामा समझदार लोगों की समझदार बातें बर्दाश्त नहीं कर सकते।”
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा से सीधा सवाल किया, “इतने डरे क्यों हो, हिमंत?”
यह घटना सीजेपी और स्थानीय प्रशासन के बीच बढ़ते तनाव का नया अध्याय है। जुलाई 2026 में लखीमपुर जिले में सीजेपी के विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के आरोप में युवा नेताओं को हिरासत में लिया गया था। व्यापक सार्वजनिक प्रतिक्रिया के बाद असम सरकार ने 28 जुलाई को आंदोलनों से जुड़े पांच मामले वापस लेने और 13 गिरफ्तार व्यक्तियों को रिहा करने की घोषणा की थी।
सीजेपी ने कहा कि इन दबावों के बावजूद पार्टी असम की जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है। पार्टी का जमीनी काम योजना के अनुसार जारी रहेगा। फिलहाल “स्कूल ठीक करो” शिक्षा अभियान और निर्वाचक नामावली के विशेष संशोधन से प्रभावित परिवारों तक पहुंच बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
पार्टी ने सह-संयोजक आशुतोष रांका और सभी हिरासत में लिए गए स्वयंसेवकों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की है। साथ ही असम प्रशासन से पुलिस बैरिकेडिंग और मूल स्थल की अनुमति रद्द करने का स्पष्टीकरण देने की भी अपील की है।
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