
उत्तर प्रदेश: फर्रुखाबाद जिले में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की स्थिति का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के एक सदस्य ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कराने के लिए अब इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
सीजेपी के इस कार्यकर्ता का नाम गौरव भारती उर्फ गौरव कुमार है। उन्होंने हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दायर कर पुलिस द्वारा की गई इस कानूनी कार्रवाई को कड़ी चुनौती दी है। गौरव पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी स्कूल की वास्तविक हालत को उजागर करने वाला एक वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे इंटरनेट पर प्रसारित कर दिया।
इस मामले में पुलिस ने बीते 19 अगस्त को गौरव भारती के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352 और 353 के तहत सख्त कार्रवाई की गई है। कानून के मुताबिक, धारा 352 शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करने के मामलों में लगाई जाती है।
वहीं, बीएनएस की धारा 353 सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने, अशांति फैलाने या सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाले भ्रामक और भड़काऊ बयानों को रोकने के लिए इस्तेमाल होती है। इन धाराओं के अलावा, याचिकाकर्ता पर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम, 2000 की धारा 66 के तहत भी आरोप तय किए गए हैं।
गौरव ने अपनी याचिका में कोर्ट से अपील की है कि उनके खिलाफ दर्ज की गई इस एफआईआर को पूरी तरह से खारिज किया जाए। मामले से जुड़ी परिस्थितियों को देखते हुए, इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस रिट याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की प्रबल संभावना है।
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