
नई दिल्ली- कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे और फोटोग्राफर-कलाकार रेहान वाड्रा का कहना है कि दिल्ली के बीकानेर हाउस प्रबंधन ने उनकी एकल प्रदर्शनी “No Idea Is Final” शुरू होने से कुछ घंटे पहले युवा आंदोलनों की ज़्यादातर तस्वीरें हटवा दीं। यह प्रदर्शनी 22 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक आयोजित होना है।
प्रदर्शनी में आधे से ज़्यादा हिस्सा पिछले कुछ महीनों में दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के श्वेत-श्याम चित्रों का था। इनमें एक अकेले प्रदर्शनकारी को काबू करते पुलिसकर्मी, संविधान थामे एक व्यक्ति और सुप्रीम कोर्ट की ओर राहुल गांधी के मार्च के दौरान की भीड़ शामिल हैं। बाकी हिस्से में वन्यजीव और अमूर्त कृतियाँ हैं। रेहान के अनुसार शो दिसंबर में बेंगलुरु जाएगा, और वे पूरा संग्रह दिल्ली में ही दिखाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
रेहान के अनुसार 20 अक्टूबर को शाम 6 बजे बीकानेर हाउस से फोन आया। उन्हें बताया गया कि कुछ कृतियाँ उस नीति के खिलाफ हैं जो "नग्नता और राजनीतिक सामग्री" पर रोक लगाती है। रेहान ने मीडिया को बताया कि बुधवार दोपहर 3.30 बजे प्रबंधन ने कहा कि शाम 5 बजे तक तस्वीरें नहीं हटीं तो शो रद्द हो जाएगा, और यह भी कि ऐसी तस्वीरें दिखाने का "यह सही समय नहीं है।" जानकारी केअनुसार 105 में से 75 तस्वीरें हटाई गईं, जिससे दीवारें खाली रह गईं। वहाँ सिर्फ़ कीलें और एक कैटलॉग बचा, जिससे दर्शक देख सकें कि क्या हटाया गया।
रेहान का कहना है कि बीकानेर हाउस के प्रिंसिपल रेज़िडेंट कमिश्नर रोहित कुमार ने उन्हें बताया कि पूरा शहर किलेबंद है और इसी कारण ये कृतियाँ राजनीतिक हो जाती हैं। उन्हें यह भी बताया गया कि राजस्थान सरकार ने इस पर राय दी थी और "सहमति" बनी कि आंदोलन से जुड़ी कोई कृति नहीं दिखाई जा सकती। रेहान के मुताबिक उन्होंने प्रस्ताव और लेआउट काफ़ी पहले साझा कर दिया था, इसलिए खुलने से 24 घंटे से भी कम समय पहले 50% कृतियाँ हटाने को कहना गलत था। उन्होंने कैनवास उल्टे लगाने और एक कोने में रखने के सुझाव दिए, जो नामंज़ूर हुए, तो तस्वीरें स्टोरेज में रखीं। वे नारों वाली तस्वीरें पहले ही हटा चुके थे और इंडियन यूथ कांग्रेस के संदर्भ हटाने को भी तैयार थे।
रेहान ने कहा कि तिरंगे वाली दो तस्वीरें हटाने को भी कहा गया, जिससे उन्होंने इनकार किया। बीकानेर हाउस ने तिरंगे की एक तस्वीर उतारी थी, जिसे उन्होंने वापस लगा दिया। उन्होंने दो झंडे वाली तस्वीरें हटाने से मना किया और एक तस्वीर लगी रही, जिसमें कोई व्यक्ति नहीं है। उनका यह भी कहना है कि तस्वीरें हटाने का कारण प्रबंधन ने लिखित में नहीं दिया।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने x पर एक पोस्ट में लिखा कि जब सत्ता में बैठा व्यक्ति किसी और की अभिव्यक्ति से डरने लगता है तो वह जिस ताकत को बचाना चाहता है, उसे पहले ही खो चुका होता है, और उन्हें बेटे पर गर्व है।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को X पर बेटे का समर्थन किया। उन्होंने लिखा कि जब सत्ता में बैठा व्यक्ति किसी और की अभिव्यक्ति से डरने लगता है तो वह जिस ताकत को बचाना चाहता है, उसे पहले ही खो चुका होता है, और उन्हें बेटे पर गर्व है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि बीकानेर हाउस राजस्थान सरकार की संपत्ति है। उन्होंने 70 से अधिक तस्वीरें हटाए जाने को अत्यंत निंदनीय और लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया। उनका आरोप है कि प्रशासन ज़मीनी सच्चाई छिपाना चाहता है, और उन्होंने भाजपा सरकार से पूछा कि सच बताने वाली तस्वीरें क्यों हटाई गईं।
आपको बता दें, रेहान राजीव वाड्रा एक विज़ुअल और इंस्टॉलेशन आर्टिस्ट हैं, जिनका काम वाइल्डलाइफ़, स्ट्रीट और कमर्शियल फोटोग्राफी तक फैला है। उन्होंने 2011 में लगभग 11 साल की उम्र में रणथंभौर में फोटोग्राफी शुरू की। 2021 की पहली एकल प्रदर्शनी "डार्क परसेप्शन" में उन्होंने इमर्सिव अनुभव के ज़रिए नियंत्रण की अवधारणा को परखा। दिसंबर 2022 की "अनुमान" में रोशनी और ध्वनि के सहारे चयन और स्वतंत्रता पर काम किया। 2024 के अंत में वे बीकानेर हाउस में ग्रुप शो “You Cannot Miss This” के तीसरे संस्करण के चीफ क्यूरेटर रहे। उनका कोई राजनीतिक करियर नहीं है। “No Idea Is Final” पहली बार है जब वे अपने काम को मौजूदा माहौल के सीधे प्रतिबिंब के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
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