“आपकी डराने-धमकाने वाली पॉलिटिक्स अब...”: नीट प्रोटेस्ट में शामिल JNU की दानिश अली के गांव पहुंची पुलिस, निडर छात्रा ने विडियो में दिया ये जवाब

दानिश अली ने साफ किया है कि वे एक बालिग महिला हैं और यदि पुलिस को कोई पूछताछ करनी है तो उन्हें उनके हॉस्टल में आकर उनसे ही पूछना चाहिए।
दानिश अली ने एक वीडियो बयान जारी कर पुलिस की इस कार्रवाई को डराने-धमकाने की कोशिश बताया।
दानिश अली ने एक वीडियो बयान जारी कर पुलिस की इस कार्रवाई को डराने-धमकाने की कोशिश बताया।(स्क्रीन शॉट)
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नई दिल्ली- जंतर मंतर पर नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन में सक्रिय जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) की संयुक्त सचिव दानिश अली के मध्य प्रदेश स्थित गांव में पुलिस पहुंचकर उनके परिवार और गांव वालों से पूछताछ की गई। इस घटना के बाद दानिश अली ने एक वीडियो बयान जारी कर पुलिस की इस कार्रवाई को डराने-धमकाने की कोशिश बताया।

दानिश अली जेएनयू के सेंटर फॉर हिस्टोरिकल स्टडीज में पीएचडी स्कॉलर हैं और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) से जुड़ी हैं। वे नरसिंगपुर जिले के बंदरबर्रू गांव से हैं। जंतर मंतर पर कागजी लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में उन्होंने भूख हड़ताल सहित सक्रिय भूमिका निभाई थी।

दानिश ने अपने वीडियो बयान में पूरा बयान देते हुए कहा:

“दोस्तों क्या इस देश में अब महिलाओं का पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन करना गुनाह हो गया है? इस देश में शिक्षा के क्षेत्र में चल रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ सवाल उठाना गुनाह हो गया है? आज पुलिस के द्वारा मेरे गांव पहुंचा जाता है और गांव वालों से, मेरे घरवालों से पूछताछ की जाती है, डराने की कोशिश की जाती है कि मेरा नंबर क्या है, मैं कहां रहती हूं, मेरे माता-पिता कहां रहते हैं, वो क्या करते हैं…

दानिश ने कहा कि इन सब से पुलिस की यही कोशिश है कि जो-जो लोग इस आंदोलन में पार्टिसिपेट कर रहे थे, उन्हें डराया जाए, धमकाया जाए।

दानिश अली ने एक वीडियो बयान जारी कर पुलिस की इस कार्रवाई को डराने-धमकाने की कोशिश बताया।
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दानिश ने पूछा, ‘आखिर आप लोग इतने डरते क्यों हैं? आखिर आप ऐसे हथकंडे अपनाकर हमारी आवाज दबाना क्यों चाहते हैं? मैं एक बालिग महिला हूं, जेएनयू में रिसर्च कर रही हूं, जेएनयू के स्टूडेंट्स यूनियन में जॉइंट सेक्रेटरी के पद पर हूं। आपको पूछताछ करनी है तो मेरे हॉस्टल में आइए और मुझसे पूछताछ कीजिए। आपके ये डराने और धमकाने वाली पॉलिटिक्स अब इस देश में नहीं चलेगी और अब हम इनसे डरने वाले नहीं हैं।’”

छात्र संगठनों ने इस घटना को लक्षित उत्पीड़न करार दिया है। उनका कहना है कि जंतर मंतर प्रदर्शन में शामिल छात्रों और कार्यकर्ताओं पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। परिवारों तक पहुंचकर पूछताछ करने की घटनाओं को आंदोलन को तोड़ने की कोशिश बताया जा रहा है।

दानिश अली ने साफ किया है कि वे एक बालिग महिला हैं और यदि पुलिस को कोई पूछताछ करनी है तो उन्हें उनके हॉस्टल में आकर उनसे ही पूछना चाहिए, न कि उनके परिवार को परेशान करना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि डराने-धमकाने की राजनीति अब इस देश में नहीं चलेगी और छात्र अब इससे डरने वाले नहीं हैं।

दानिश की विडियो पर आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा, " MP पुलिस दानिश अली के परिवार को डराने-धमकाने के मकसद से पूछताछ के लिए उनके गाँव गई। मुस्लिम छात्रों को निशाना बनाकर परेशान करना बंद करें! लगता है BJP छात्रों की एकता का सबक दोबारा सीखना चाहती है!"

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