उत्तराखंड पुलिस ने मोहम्मद दीपक को गिरफ्तार, जानिए पूरा विवाद

व्यापारी की तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(2) (आपराधिक धमकी), धारा 352 (जानबूझकर अपमान कर शांति भंग करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एक स्थानीय कपड़ा व्यापारी ने उन पर धमकाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है, जिसके आधार पर पुलिस ने मोहम्मद दीपक को हिरासत में ले लिया है।
एक स्थानीय कपड़ा व्यापारी ने उन पर धमकाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है, जिसके आधार पर पुलिस ने मोहम्मद दीपक को हिरासत में ले लिया है। फोटो- मंदीप पूनिया
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कोटद्वार: उत्तराखंड के कोटद्वार में एक बार फिर चर्चित नाम 'मोहम्मद दीपक' यानी दीपक कुमार कश्यप सुर्खियों में हैं। इस बार वे पुलिस की गिरफ्त में हैं। एक स्थानीय कपड़ा व्यापारी ने उन पर धमकाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है, जिसके आधार पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है। मामले को लेकर शहर में तनाव का माहौल है और पुलिस ने एहतियातन भारी बल तैनात कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक, पूरे विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर हुई एक बहस से हुई। व्यापारी संजीव टांक की कोटद्वार के गंगादत्त जोशी मार्ग पर साड़ी और कपड़ों की दुकान है। उनका आरोप है कि पिछले दिनों दीपक ने उज्जैन में एक मस्जिद को गिराए जाने से जुड़ी एक पोस्ट की थी। संजीव ने इस पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए लिखा था कि "सेना पर पत्थरबाजी करने वालों के खिलाफ भी कभी कुछ लिख दिया करें।"

संजीव का दावा है कि इस कमेंट से भड़के दीपक गुरुवार सुबह करीब 10 बजे उनकी दुकान पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। व्यापारी ने बताया कि कुछ समय पहले उनका हृदय का ऑपरेशन हुआ है और इस घटना के बाद वे दहशत में हैं। पुलिस का कहना है कि घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है।

घटना की जानकारी मिलते ही व्यापार मंडल के पदाधिकारी और भाजपा कार्यकर्ता दुकान पर पहुंचे और दीपक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कोतवाली में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष ने पुलिस को शाम 5 बजे तक दीपक की गिरफ्तारी का अल्टीमेटम दिया, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दीपक कुमार को हिरासत में ले लिया। व्यापारियों का आरोप है कि दीपक आए दिन हिंदू समाज को लेकर विवादित पोस्ट करते हैं, जिससे शहर का सांप्रदायिक सौहार्द खराब होने का खतरा है।

पुलिस ने बताया कि व्यापारी की तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(2) (आपराधिक धमकी), धारा 352 (जानबूझकर अपमान कर शांति भंग करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान साक्ष्यों के आधार पर धारा 196 (धर्म के आधार पर वैमनस्य फैलाना) और धारा 115 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) भी जोड़ी गई हैं। कानून-व्यवस्था की आशंका को देखते हुए BNSS की धारा 170 के तहत गिरफ्तारी की गई। शहर में फ्लैग मार्च भी निकाला गया।

जनवरी में क्यों आए थे चर्चा में?

दीपक कुमार कश्यप पेशे से जिम ट्रेनर हैं और इस साल 26 जनवरी को उस समय देशभर में सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने कोटद्वार के पटेल रोड पर एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार का बचाव किया था। कुछ लोग दुकान के नाम में इस्तेमाल 'बाबा' शब्द को हटाने की मांग कर रहे थे और दुकानदार को परेशान कर रहे थे। जब भीड़ ने दीपक से उनका नाम पूछा, तो उन्होंने कहा था- "मोहम्मद दीपक"। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था और वे इसी नाम से मशहूर हो गए थे।

उस घटना के बाद 31 जनवरी को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दीपक के जिम के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। दीपक का आरोप था कि उनके साथ गाली-गलौज की गई और परिवार को अपशब्द कहे गए। बाद में अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज एक पुराने मामले में कार्यवाही पर रोक लगाई थी और उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस आदेश को भी स्थगित किया था, जिसमें उन्हें घटना से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट करने से रोका गया था।

एक स्थानीय कपड़ा व्यापारी ने उन पर धमकाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है, जिसके आधार पर पुलिस ने मोहम्मद दीपक को हिरासत में ले लिया है।
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