Hate Speech | कौन हैं कल्लड़का प्रभाकर भट्ट और कर्नाटक हाईकोर्ट को क्या दी अंडरटेकिंग?

केरल के कासरगोड जिले के उप्पला में एक 'दीपोत्सव' कार्यक्रम के दौरान भट्ट ने एक समुदाय विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
प्रभाकर भट्ट एक विवादास्पद और उत्तेजक वक्ता के रूप में जाने जाते हैं। अब तक उनके खिलाफ कई संगीन मामले दर्ज हो चुके हैं।
प्रभाकर भट्ट एक विवादास्पद और उत्तेजक वक्ता के रूप में जाने जाते हैं। अब तक उनके खिलाफ कई संगीन मामले दर्ज हो चुके हैं।Internet
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बेंगलुरु: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ एवं अत्यधिक प्रभावशाली 83 वर्षीय नेता कल्लड़का प्रभाकर भट्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट को आश्वासन दिया है कि वह भविष्य में किसी भी समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाले भाषण नहीं देंगे। यह आश्वासन/अंडरटेकिंग उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण श्याम ने 2 जून को अदालत में दिया।

केरल के कासरगोड जिले के उप्पला में एक 'दीपोत्सव' कार्यक्रम के दौरान भट्ट ने एक समुदाय विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। शिकायत के अनुसार, उन्होंने मुस्लिम महिलाओं की तुलना सूअरों से करते हुए कहा था कि वे "सूअर के बच्चों की तरह बच्चों को जन्म देती हैं।" इस मामले में ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक विमेन्स एसोसिएशन (AIDWA) की नेता इश्वरी पद्मुंजा ने FIR दर्ज कराई थी। भट्ट ने इस FIR को रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और अदालत ने उन्हें इस मामले में स्टे (रोक) दे दिया था।

अधिवक्ता एस. बालन ने अदालत से स्टे ऑर्डर रद्द करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि "भट्ट लगातार किसी एक समुदाय के खिलाफ जहर उगल रहे हैं। उनके खिलाफ 12 से अधिक FIR दर्ज हैं, और वह अदालत से मिले स्टे और जमानत का फायदा उठाकर नए अपराध कर रहे हैं।"

 वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण श्याम ने तर्क दिया कि भट्ट 83 वर्ष के वृद्ध व्यक्ति हैं। जब बालन भाषण के अंश पढ़ने लगे, तो जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने माइक बंद करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने भट्ट के खिलाफ दर्ज सभी FIR को इस याचिका के साथ जोड़ने का आदेश दिया। इसके बाद भट्ट की ओर से अदालत को आश्वासन दिया गया कि वह अब से कोई नफरत भरा भाषण नहीं देंगे। मामले की अगली सुनवाई 16 जून को होगी।

कल्लड़का प्रभाकर भट्ट से जुड़े और भी अनेक विवाद

कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के कल्लड़का निवासी प्रभाकर भट्ट तटीय कर्नाटक के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य के एक बड़े नाम हैं। कठोर हिंदुत्व विचारधारा के लिए जाने जाने वाले भट्ट राज्य के कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं के मेंटर माने जाते हैं और उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ है। वह श्री राम विद्याकेन्द्र ट्रस्ट (कल्लड़का, बंटवाल) के अध्यक्ष भी हैं। उनके ट्रस्ट द्वारा संचालित संस्थानों में छात्र कार्यक्रमों के दौरान बाबरी मस्जिद विध्वंस का सार्वजनिक पुनः अभिनय जैसे विवादास्पद आयोजन होते रहे हैं, जिससे वे सुर्खियों में आए हैं।

प्रभाकर भट्ट एक विवादास्पद और उत्तेजक वक्ता के रूप में जाने जाते हैं। अब तक उनके खिलाफ कई संगीन मामले दर्ज हो चुके हैं:

जनसंख्या पर विवाद (2025): पुत्तूर में एक भाषण के दौरान उन्होंने हिंदू महिलाओं से अल्पसंख्यक समुदायों से अधिक बच्चे पैदा करने का आह्वान किया था। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था, हालाँकि बाद में उन्हें अग्रिम जमानत मिल गई थी।

हथियार रखने का आह्वान (2025): एक हिंदुत्व कार्यकर्ता की हत्या के बाद बंटवाल पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप था कि भट्ट ने सैकड़ों लोगों की भीड़ से कहा था कि वे सुरक्षा के लिए अपने घरों में तलवारें रखें।

अन्य विवाद: इससे पहले भी वह मुस्लिम बहुल इलाकों को "पाकिस्तान" कहने को लेकर घिर चुके हैं। साथ ही, महिलाओं को निशाना बनाकर तलाक (ट्रिपल तलाक) उन्मूलन पर दी गई उनकी टिप्पणियाँ भी विवादित रही हैं।

केरल FIR : मुस्लिम महिलाओं की सूअरों से तुलना करने वाला उनका बयान इस लंबी सूची में नवीनतम है।

प्रभाकर भट्ट एक विवादास्पद और उत्तेजक वक्ता के रूप में जाने जाते हैं। अब तक उनके खिलाफ कई संगीन मामले दर्ज हो चुके हैं।
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