
लातूर- महाराष्ट्र के लातूर जिले के रेनापुर तालुका के खरोला गांव में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें चोरी के शक में तीन नाबालिग लडकों को खेत में एक खंभे से बांधकर आरोपियों द्वारा बुरी तरह पीटा गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसने व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया है।
पुलिस के अनुसार खरोला गांव के एक खेत में बोरवेल की तार (कॉपर वायर) चोरी करने के प्रयास के शक में तीन नाबालिग लड़कों को गांव वालों ने पकड़ लिया। एक आरोपी ने दो बच्चों को खेत के खंभे से बांध दिया और फिर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि दो बच्चों को खंभे से बंधा हुआ पीटा जा रहा है, जबकि एक अन्य बच्चे को पेड़ से बाँध कर हमला किया गया। बच्चे रो-रोकर मदद मांग रहे थे, लेकिन आरोपी ने पीटना जारी रखा। एक आरोपी बार-बार गाली-गलौज भी करता दिख रहा है। घटना की विडियो बनाई गई लेकिन कोई भी इसे रोकने को आगे नहीं आया।
ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चे बोरवेल की तार चुराने की कोशिश कर रहे थे। इसके बजाय पुलिस को सूचित करने के बजाय दो जनों ने खुद कानून हाथ में ले लिया और बच्चों को सजा देने की कोशिश की। पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि "किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।"
वायरल वीडियो में दिख रहा है कि दो बच्चों को खंभे से बंधा हुआ पीटा जा रहा है, जबकि एक अन्य बच्चे को पेड़ से बाँध कर हमला किया गया।
रेनापुर पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं: एक एफआईआर बच्चों पर चोरी के प्रयास की शिकायत पर दर्ज की गई है। दूसरी एफआईआर बच्चों पर हमले के आरोप में दो व्यक्तियों सचिन नारायण राउतराव और नितिन गोविंद शिंदे के खिलाफ दर्ज की गई है। पुलिस ने गांव में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए टीम तैनात कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और अफवाहों के फैलने को लेकर तकनीकी जांच चल रही है। किसी भी भ्रामक जानकारी या सामाजिक तनाव फैलाने वाले कंटेंट पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इस घटना ने स्थानीय स्तर पर गुस्सा भड़का दिया है। कई लोगों ने सवाल उठाया है कि भले ही चोरी का शक हो, नाबालिग बच्चों के साथ इस तरह की बर्बरता जायज नहीं है। बाल अधिकारों और कानून के शासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना की जांच जारी है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
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