
नालंदा- जिले के राजगीर के प्रसिद्ध झुंकिया बाबा मंदिर में मलमास मेले का आनंद लेने गए दो दलित युवकों को चोर समझकर भीड़ ने पीट पीट कर मार डाला। रविवार-सोमवार सुबह घटी इस घटना में पिंटू पासवान (24) और श्रवण पासवान (18) भीड़ की क्रूरता का शिकार बन गए।
चोरी के शक में लाठियों-डंडों से बुरी तरह पीटे गए दोनों युवकों की गंभीर चोटों के कारण मौत हो गई। दोनों दीपनगर थाना क्षेत्र के गंजपर गांव के निवासी थे। यह घटना न केवल परिवार बल्कि पूरे दलित समाज के लिए अत्यंत दर्दनाक और दिल दहला देने वाली है।
अखिल भारतीय महामंडलेश्वर महंत अंतर्यामी शरण ने स्थानीय मीडिया को बताया कि पिछले कुछ दिनों में मंदिर में चोरी की कई घटनाएं हो चुकी थीं, जिससे भक्तों में काफी आक्रोश था। मलमास मेले के कारण रविवार रात मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालु जमा थे।
घटना सोमवार तड़के करीब 3:30 बजे हुई, जब चार युवक पंगत क्षेत्र में चोरी के इरादे से घुसे। संदिग्ध गतिविधि देखकर लोगों ने उनका पीछा किया। भागते समय दो युवक गिर गए और भीड़ ने उन्हें पकड़ लिया। शुरुआत में गर्मागर्मी हुई, फिर चोरी का आरोप लगाकर उन्हें लाठियों-डंडों से बुरी तरह पीटा गया। मंदिर की सुरक्षा टीम ने युवकों को भीड़ से बचाया और राजगीर पुलिस को सौंप दिया।
युवकों को पहले सदर अस्पताल ले जाया गया, फिर बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। पुलिस मृतकों की पृष्ठभूमि की जांच भी कर रही है।
नालंदा पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने कहा, “हम मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं। यह दोहरी हत्या का मामला है। पोस्टमॉर्टम पूरा हो चुका है, रिपोर्ट का इंतजार है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए कई टीमें बनाई गई हैं। कुछ संदिग्धों से पूछताछ चल रही है।”
पिंटू पासवान की मां सरोज देवी ने बताया कि पिंटू दिहाड़ी मजदूर था और पिता की मौत के बाद परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। वह पांच भाइयों और तीन बहनों में सबसे बड़ा था। सरोज देवी ने कहा, “मुझे नहीं पता मेरा बेटा मंदिर के पास क्यों गया था। उसे और उसके दोस्त को बुरी तरह पीटा गया और मार दिया गया। हम हत्यारों की तुरंत गिरफ्तारी चाहते हैं।”
राजगीर डीएसपी के नेतृत्व में SIT गठित कर दी गई है और क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
बहुजन और दलित संगठनों ने सोशल मीडिया पर घटना की निंदा करते हुए न्याय की मांग की है।
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