West Bengal: सरकार बदली तो बारासात में कब्रिस्तान निर्माण को लेकर बवाल शुरू, सेल्सियन सिस्टर्स के कॉन्वेंट में घुसकर हंगामा!

अखिल भारतीय कैथोलिक संघ ने दावा किया कि यह घटना अकेली नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में ईसाई संस्थानों को निशाना बनाकर किए जा रहे उत्पीड़न के बढ़ते पैटर्न का हिस्सा है।
अखिल भारतीय कैथोलिक संघ ने पश्चिम बंगाल सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए सेल्सियन सिस्टर्स और उनके संस्थानों को सुरक्षा प्रदान करने, कानूनी रूप से अनुमोदित कब्रिस्तान और स्मारक चैपल की रक्षा करने और आरोपी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
अखिल भारतीय कैथोलिक संघ ने पश्चिम बंगाल सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए सेल्सियन सिस्टर्स और उनके संस्थानों को सुरक्षा प्रदान करने, कानूनी रूप से अनुमोदित कब्रिस्तान और स्मारक चैपल की रक्षा करने और आरोपी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। AI generated symbolic image
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बारासात- पश्चिम बंगाल के बारासात में ऑक्सिलियम सेल्सियन सिस्टर्स के परिसर में बीते दिनों करीब 60 लोगों का एक समूह घुस गया और निर्माणाधीन स्मारक चैपल और कब्रिस्तान को तुरंत ढहाने की मांग को लेकर ननों को हिंसा की धमकी दी। यह जानकारी FMA सेल्सियन सिस्टर्स और अखिल भारतीय कैथोलिक संघ (AICU) ने दी है।

FMA सिस्टर्स ने बताया कि उनके समुदाय के सदस्यों के लिए बनाया जा रहा यह कब्रिस्तान पिछली राज्य सरकार के कार्यकाल में सभी आवश्यक सरकारी अनुमोदन प्राप्त करने के बाद बनाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि सरकार बदलने के बाद इस परियोजना का विरोध शुरू हुआ और यह विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बन गया है।

अखिल भारतीय कैथोलिक संघ (AICU) ने कॉन्वेंट पर इस कथित भीड़ के हमले की कड़ी निंदा की है। संगठन ने आरोप लगाया कि ननों को धमकाया गया और गाली-गलौज की गई। एआईसीयू के प्रवक्ता जॉन दयाल ने बताया कि भीड़ के सदस्यों ने ननों से कहा, "अब आपकी सरकार नहीं रही, अब हमारी सरकार है," जो उनके अनुसार डर और धमकी के जरिए कानूनी प्रक्रियाओं को खत्म करने का एक प्रयास है।

संगठन ने दावा किया कि यह घटना अकेली नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में ईसाई संस्थानों को निशाना बनाकर किए जा रहे उत्पीड़न के बढ़ते पैटर्न का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने अल्पसंख्यक समुदायों के अपने धर्म का पालन करने और अपनी संस्थाओं व संपत्तियों के प्रबंधन के संवैधानिक अधिकारों पर चिंता पैदा की है।

अखिल भारतीय कैथोलिक संघ ने पश्चिम बंगाल सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए सेल्सियन सिस्टर्स और उनके संस्थानों को सुरक्षा प्रदान करने, कानूनी रूप से अनुमोदित कब्रिस्तान और स्मारक चैपल की रक्षा करने और आरोपी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
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अखिल भारतीय कैथोलिक संघ ने पश्चिम बंगाल सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए सेल्सियन सिस्टर्स और उनके संस्थानों को सुरक्षा प्रदान करने, कानूनी रूप से अनुमोदित कब्रिस्तान और स्मारक चैपल की रक्षा करने और आरोपी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया है। साथ ही स्थानीय अधिकारियों को समान घटनाओं को रोकने के लिए निर्देश देने की भी बात कही है।

AICU ने अपने बयान में कहा:

"पूजा करने का अधिकार और पूजा स्थलों के रखरखाव का अधिकार संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार हैं। किसी भी व्यक्ति या संगठन को धार्मिक बहनों को धमकाने या उचित कानूनी अनुमति से बनी संरचनाओं को ढहाने के लिए मजबूर करने का अधिकार नहीं है।"

भारतीय कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस (CBCI) ने भी इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। CBCI के प्रवक्ता फादर स्टीफन अलाथारा ने सभी से हिंसा को अस्वीकार करने और किसी भी विवाद को विशेष रूप से कानूनी चैनलों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के माध्यम से हल करने का आग्रह किया है।

हाल के दिनों में कार्डिनल एंथोनी पूला के नेतृत्व में CBCI के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी और देश में ईसाई विरोधी बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई थी। रिपोर्टों के अनुसार शाह ने उन मामलों में हस्तक्षेप करने का आश्वासन दिया था जहां स्थानीय पुलिस शिकायत दर्ज करने में विफल रही। समाचार प्रकाशित होने तक पश्चिम बंगाल सरकार या स्थानीय पुलिस की ओर से इन आरोपों पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई है।

अखिल भारतीय कैथोलिक संघ ने पश्चिम बंगाल सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए सेल्सियन सिस्टर्स और उनके संस्थानों को सुरक्षा प्रदान करने, कानूनी रूप से अनुमोदित कब्रिस्तान और स्मारक चैपल की रक्षा करने और आरोपी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
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