
दिल्ली- जंतर-मंतर पर कोकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के 23वें दिन शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरणविद और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की सेहत 15वें दिन तेजी से बिगड़ गई है। चिकित्सकों के मुताबिक उनका ब्लड प्रेशर 104/66 mm Hg तक गिर गया है और हड़ताल शुरू होने से अब तक उन्होंने 7.8 किलोग्राम वजन गंवा दिया है। आम जनता और समर्थकों में उनकी गिरती तबीयत को लेकर गहरी चिंता फैल गई है। कई लोगों ने अपील की है कि सोनम जी अनशन तोड़ दें और अपना बलिदान न दें, जबकि सरकार अब भी मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है।
वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के छात्रों द्वारा आयोजित 'पेपर लीक विरोधी आंदोलन' के समर्थन में 28 जून से लगातार भूख हड़ताल पर बैठे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके और समर्थक यहाँ 20 जून से लगातार धरना दे रहे हैं।
वांगचुक की हालत बिगड़ने की खबर से सोशल मीडिया पर चिंता का माहौल है। समर्थक कह रहे हैं, “सोनम जी, जिंदा रहकर लड़िए, बलिदान मत दीजिए।” चिकित्सक उनकी निगरानी कर रहे हैं और स्थिति गंभीर बताई जा रही है, फिर भी वांगचुक अपनी मांगों पर अडिग हैं।
इधर, सोमवार 13 जुलाई को सोनम को धूप से बचाने के लिए तारपोल लगाया गया जिसे लेकर भी दिल्ली पुलिस ने आपत्ति की। प्रदर्शन स्थल पर सोनम के अलावा कई वालंटियर्स और स्टूडेंट्स अनशन पर हैं जिनकी भी तबियत लगातार बिगड़ रही है लेकिन इन सबके बावजूद सरकार की तरफ से कोई भी प्रतिनिधि बातचीत या हाल पूछने तक नहीं आया है जो अब प्रदर्शनरत लोगों और जंतर मंतर पर जुटे पेरेंट्स के लिए चिंता की वजह बन रही है क्योंकि कोई समाधान मिलता नहीं नजर आ रहा है।
इस बीच सीजेपी के आंदोलन को राजनीतिक नेताओं, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों का भरपूर समर्थन मिला। केरल की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलजा, वर्तमान विधायक और पूर्व वित्त मंत्री के.एन. बालागोपाल तथा पूर्व कानून और उद्योग मंत्री पी. राजीव ने प्रदर्शन स्थल का दौरा किया और छात्रों के साथ एकजुटता जताई, जिन्होंने बार-बार पेपर लीक और परीक्षा विफलताओं के लिए न्याय की मांग की है। उन्होंने पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया और इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने भी प्रदर्शन में शामिल होकर छात्रों की जवाबदेही की मांग का समर्थन किया, जबकि आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा ने स्थल पर पहुंचकर आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त की। भारीम आर्मी के दिल्ली अध्यक्ष हिमांशु ने प्रदर्शन में भाग लिया और अज़ाद समाज पार्टी की ओर से छात्र आंदोलन के प्रति एकजुटता का संदेश दिया।
कार्यकर्ता लॉरेन ज्योति गोगोई ने भी छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर उन प्रभावितों के लिए न्याय की अपील की। दिन का कार्यक्रम प्रसिद्ध अर्थशास्त्री प्रो. जयती घोष के “बेरोजगारी की अर्थव्यवस्था” विषय पर सार्वजनिक व्याख्यान के साथ समाप्त हुआ, जिसमें उन्होंने भारत के युवाओं के सामने गहरी बेरोजगारी की समस्या और युवाओं की आकांक्षाओं तथा भविष्य की रक्षा के लिए नीतियों की तत्काल आवश्यकता पर चर्चा की।
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