छात्रों को 'दहशतगर्द' बताने पर भड़के मल्लिकार्जुन खड़गे: बोले— '90 पेपर लीक और 20 मौतों के बाद भी कुर्सी से चिपके हैं शिक्षा मंत्री'

नीट पेपर लीक विवाद: छात्रों को 'दहशतगर्द' कहने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का तीखा हमला, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मांगा इस्तीफा।
Congress National President Mallikarjun Kharge
कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे
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नई दिल्ली। देश में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की गड़बड़ियों और पेपर लीक विवाद के बीच राजनीतिक घमासान बेहद तेज हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के उस कथित बयान पर तीखा हमला बोला है, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों की तुलना 'दहशतगर्द' (आतंकवादी) से की थी। खड़गे ने साफ शब्दों में कहा है कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले शिक्षा मंत्री को अब अपने पद से इस्तीफा देना ही होगा।

यह पूरा विवाद केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के एक टीवी इंटरव्यू के बाद शुरू हुआ है। आरोप है कि उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा बीती 17 जून को राजस्थान के शिक्षा हब कोटा में छात्रों के साथ की गई बातचीत का जिक्र करते हुए उन्हें और प्रदर्शनकारी छात्रों को 'दहशतगर्दों की बी टीम' और आतंकवाद फैलाने वाला करार दिया था। कांग्रेस का कहना है कि यह टिप्पणी सीधे तौर पर देश के हक के लिए आवाज उठा रहे निर्दोष छात्रों को आतंकवादी कहने जैसी है।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार (24 जून 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी गहरी नाराजगी जताते हुए पेपर लीक के गंभीर आंकड़ों को सामने रखा। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि देश में अब तक 90 बार पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे करोड़ों छात्र-छात्राओं का भविष्य पूरी तरह तबाह हो गया है।

खड़गे के मुताबिक, अकेले नीट (NEET) पेपर लीक की वजह से उपजे तनाव में 20 मासूम बच्चों ने अपनी जान गंवा दी है और उनके हंसते-खेलते परिवार बिखर चुके हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर जिम्मेदारी से भागने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि देश में परीक्षाओं को लेकर इतनी बड़ी अनियमितताएं सामने आने के बाद भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपनी कुर्सी से चिपके हुए हैं। खड़गे ने आरोप लगाया कि मंत्री अपनी गलती मानने के बजाय इंटरव्यू देकर छात्रों की जायज गूंज को दहशतगर्दी का नाम दे रहे हैं, जो बेहद संवेदनहीन और निंदनीय है।

सरकार की पुरानी नीतियों पर निशाना साधते हुए खड़गे ने याद दिलाया कि यह पहली बार नहीं है जब देश के आंदोलनकारियों का इस तरह अपमान हुआ है। उन्होंने कहा कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के भीतर देश के अन्नदाताओं को 'आंदोलनजीवी' और 'परजीवी' जैसे अपमानजनक शब्दों से नवाजा था। खड़गे ने तंज कसते हुए कहा कि आज जो भी इस सरकार की कमियों पर सवाल उठाता है, उसे सीधे तौर पर देशद्रोही घोषित कर दिया जाता है।

इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने अब मोदी सरकार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी मोर्चा खोलने की पूरी तैयारी कर ली है। कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि पार्टी गुरुवार 25 जून को देश के 28 प्रमुख शहरों में 'छात्रों की गूंज' बैनर के तहत बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रही है। इस देशव्यापी अभियान का मुख्य मकसद देश की शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों की मांग के साथ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सुनिश्चित करना है।

वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों के दौरान आरएसएस और बीजेपी सरकार ने केवल शिक्षा के निजीकरण, केंद्रीयकरण और 'संघीकरण' को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में कोई ठोस काम नहीं किया। उनके अनुसार, देश आज न केवल बेरोजगारी के भीषण संकट से जूझ रहा है, बल्कि युवाओं की कार्यक्षमता और रोजगार योग्यता पर भी एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

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