
भोपाल। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक मामले सहित 23 सूत्रीय मांगों को लेकर इंदौर के टंट्या भील चौराहे पर छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन लगातार जारी है। आंदोलन अब नए चरण में प्रवेश करता दिखाई दे रहा है। धरने को 11 दिन से अधिक समय हो चुका है और आंदोलनकारी छात्र इसे राज्यव्यापी स्वरूप देने की तैयारी में जुट गए हैं। इसी क्रम में 14 जुलाई को इंदौर में महाआंदोलन आयोजित करने की घोषणा की गई है, जिसके तहत टंट्या भील चौराहे से कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकाली जाएगी और कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा। आंदोलनकारी छात्रों का दावा है कि इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-युवा और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
आंदोलन के बीच छात्रों को अलग-अलग सामाजिक और राजनीतिक समूहों का समर्थन भी मिलने लगा है। इसी कड़ी में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने वीडियो कॉल के माध्यम से धरने पर बैठे छात्रों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने आंदोलन की पूरी जानकारी ली, छात्रों की मांगों को सुना और उनके संघर्ष को अपना समर्थन देने की बात कही। आंदोलनकारियों के अनुसार अभिजीत दीपके ने छात्रों के साहस, धैर्य और एकजुटता की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है और न्यायसंगत मांगों के समर्थन में वे छात्रों के साथ खड़े हैं।
धरने पर बैठे छात्र नेता अरुण बड़ोले सहित अन्य आंदोलनकारियों ने अभिजीत दीपके को आंदोलन की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कई छात्र लगातार पिछले 11 दिनों से धरना स्थल पर डटे हुए हैं, जबकि प्रतिदिन बड़ी संख्या में नए छात्र भी आंदोलन में शामिल होकर समर्थन दे रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराना नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, भर्ती परीक्षाओं में सुधार और युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना भी है। इसी कारण उन्होंने 23 सूत्रीय मांगों का विस्तृत ज्ञापन तैयार किया है।
आंदोलनकारी पवन अहिरवार ने बताया कि वीडियो कॉल के दौरान अभिजीत दीपके ने भरोसा दिलाया कि वे छात्रों की मांगों को पूरी तरह न्यायोचित मानते हैं और 14 जुलाई को इंदौर में प्रस्तावित महाआंदोलन में शामिल होने की पूरी संभावना है। उन्होंने आंदोलन को हरसंभव सहयोग देने का भी आश्वासन दिया। छात्रों का कहना है कि देश के विभिन्न हिस्सों से मिल रहा समर्थन उनके मनोबल को लगातार मजबूत कर रहा है और इससे आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
आंदोलनकारी छात्रों ने अभिजीत दीपके के समर्थन पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल कुछ छात्रों का नहीं, बल्कि देश के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने छात्र-युवाओं, अभिभावकों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से 14 जुलाई के महाआंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए यह आंदोलन जारी रहेगा।
पवन अहिरवार ने बताया कि 14 जुलाई को सुबह 11 बजे टंट्या भील चौराहे से कलेक्टर कार्यालय तक विशाल रैली निकाली जाएगी। रैली के बाद कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा तथा आगे की रणनीति भी जल्द घोषित की जाएगी। फिलहाल इंदौर में छात्रों का यह आंदोलन लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है और 14 जुलाई के महाआंदोलन पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
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