
छत्रपति संभाजीनगर: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की लगातार पेपर लीक और परीक्षा घोटालों के खिलाफ चल रही मुहिम अब महाराष्ट्र पहुंच गई है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोमवार को छत्रपति संभाजीनगर में छात्रों के एक प्रदर्शन में शामिल होकर आंदोलन को मजबूती दी। एनसीपी (शरद पवार) के विधायक रोहित पवार ने भी प्रदर्शन में शामिल होकर इस राष्ट्रीय आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
सभा को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने मांग की कि सभी सरकारी परीक्षाएं ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि बार-बार हो रहे पेपर लीक और तकनीकी कमजोरियों ने छात्रों का परीक्षा प्रक्रिया पर भरोसा पूरी तरह नष्ट कर दिया है। ऑफलाइन परीक्षाएं ही पारदर्शिता और निष्पक्षता बहाल करने का एकमात्र तरीका हैं।
हाल ही में हुए टीईटी पेपर लीक का जिक्र करते हुए दीपके ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार बार-बार निष्पक्ष और विश्वसनीय परीक्षाएं कराने में नाकाम रही है, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की टूटी-फूटी शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के बजाय सरकार का एकमात्र फोकस विपक्षी पार्टियों को तोड़ने और सत्ता हथियाने पर है।
अभिजीत दीपके ने केंद्र की शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि उनके कार्यकाल में हुए बार-बार परीक्षा घोटालों की नैतिक जिम्मेदारी उन पर है।
दीपके ने छत्रपति संभाजीनगर के छात्रों और नागरिकों से अपील की कि वे दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर चल रहे छात्र आंदोलन को मजबूत करें। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे पेपर लीक के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को और तेज करें।
कॉकरोच जनता पार्टी ने रोहित पवार के समर्थन का स्वागत करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन छात्रों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और पूरे देश के नागरिकों के समर्थन से लगातार मजबूत हो रहा है। सीजेएपी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और देश के हर छात्र के लिए पारदर्शी, विश्वसनीय तथा जवाबदेह परीक्षा व्यवस्था की मांग पर अडिग है।
यह आंदोलन अब पूरे देश में फैल रहा है और छात्रों की नाराजगी साफ दिख रही है।
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