"किसी और देश के मिनिस्टर होते तो शर्म से..." CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने 'द मूकनायक' को बताया क्यों कॉकरोच कर रहे हैं जिद!

क्या यह आंदोलन किसान आंदोलन की तरह लंबा चलेगा?
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके  ने साफ कहा है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, वे अपना धरना नहीं हटाएंगे।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ कहा है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, वे अपना धरना नहीं हटाएंगे।
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नई दिल्ली- नीट परीक्षा पेपर लीक के कारण कई छात्रों की आत्महत्या के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन 28 घंटे से अधिक समय से जारी है। दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन को अवैध घोषित कर दिया है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का हौसला बुलंद है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ कहा है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, वे अपना धरना नहीं हटाएंगे।

द मूकनायक  ने जंतर मंतर पर धरना दे रहे अभिजीत दीपके से बातचीत की, जिसमें उन्होंने अपनी मांगों, सरकार के रवैये और आगे की रणनीति को लेकर खुलकर बात की।

जारी रहेगा धरना, खाने-पीने का इंतज़ाम कैसे हो रहा

प्रश्न: "आप दूसरे दिन में जा रहे हैं, क्या आप पूरी रात यहीं बैठे रहेंगे?"


अभिजीत दीपके: "हाँ, हम पूरी रात यहीं बैठे रहेंगे। अभी तक सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। जब तक जवाब नहीं आता, हम यहीं डटे रहेंगे।"

प्रश्न: "कल पुलिस ने खाना-पानी भी रोका था, आप अपने साथियों की मदद कैसे कर पा रहे हैं?"


अभिजीत दीपके: "हमारे लिए लोग खुद भोजन ला रहे हैं। आज एक जेएनयू की प्रोफेसर आईं और उन्होंने हमारे लिए लंच भेजा। इसी तरह कई लोग डिनर और अन्य सुविधाएँ मुहैया करा रहे हैं। यह जनता का समर्थन ही हमारी ताकत है।"

प्रश्न: "आपके साथ केवल 300-400 लोग हैं, ऐसे सरकार कैसे मानेगी, क्या आपको सड़क पर नहीं उतरना चाहिए?
अभिजीत दीपके: (थोड़ी नाराजगी के साथ) "यह सड़क नहीं है? यहाँ से हम अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। और हम क्या करें, आत्महत्या कर लें, हमें जमीन पर आने की जरूरत ही नहीं पड़नी चाहिए थी... 16 स्टूडेंट्स ने आत्महत्या की है, कोई और देश का मिनिस्टर होता तो शर्म से इस्तीफा दे चुका होता। "

प्रश्न: "आज NEET की परीक्षा है, जिसमें पेपर लीक की अफवाहें हैं, लेकिन दोबारा परीक्षा का मौका मिल गया है तो फिर आप प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?"


अभिजीत दीपके: "पिछले 48 घंटों में री-एग्ज़ाम का ऐलान हुआ, लेकिन इस दौरान 6 और छात्रों ने आत्महत्या कर ली। यह किस तरह की नैतिकता है? हम छात्रों के लिए न्याय माँग रहे हैं। जब तक धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री रहेंगे, ऐसी घटनाएँ रुकेंगी नहीं। बच्चों को स्टूडेंट्स को बचाने के लिए जरूरी है कि धर्मेन्द्र प्रधान को हटाया जाए, उन्हें तुरंत हटाना ज़रूरी है।"

प्रश्न: "क्या आप जंतर मंतर पर तब तक बैठे रहेंगे, क्या किसान आन्दोलन की तरह चलेगा जब तक सरकार नहीं सुनती?"

अभिजीत दीपके: "हाँ। अगर सरकार हमारी बात न सुनने पर अड़ी है तो हम अपनी आवाज सुनाने पर अड़े हैं.

प्रश्न: आप जनता को क्या सन्देश देना चाहते हैं?

अभिजीत दीपके: यही संदेश देना चाहूँगा, इस देश में बहुत टाइम के बाद एक उम्मीद जगी हुई है, आज सभी लोग, सभी किसी भी पार्टी के हो आप अपनी किसी भी विचारधारा से ऊपर उठें राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठें अपने वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठें.. एक साथ आएं... और छात्रों के साथ खड़े हों ..उन परिवारों के साथ खड़े हों जिनके बच्चों ने आत्महत्या की है ...अगर आज हम लोग एक साथ नहीं आए तो भूल जाइए इस देश में कभी कुछ बदलाव हो सकता है भूल जाइए इस देश में कभी कोई मंत्री जिम्मेदारी लेगा ।

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके  ने साफ कहा है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, वे अपना धरना नहीं हटाएंगे।
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