दलितों के हिस्से का बजट, दूसरी योजनाओं पर खर्च: वारकरी महामंडल को ₹2.8 करोड़ देने पर महाराष्ट्र सरकार घिरी!

VBA ने जताई कड़ी आपत्ति: करोड़ों का दलित बजट दूसरी योजनाओं में, छात्रवृत्तियां और कल्याण योजनाएं अब भी लंबित
वंचित बहुजन आघाड़ी के राज्य महासचिव राजेंद्र पाटोदे ने कहा कि अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए अलग और प्रभावी कानूनी व्यवस्था नहीं होने के कारण सरकारें मनमाने ढंग से इस बजट का उपयोग कर रही हैं।
वंचित बहुजन आघाड़ी के राज्य महासचिव राजेंद्र पाटोदे ने कहा कि अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए अलग और प्रभावी कानूनी व्यवस्था नहीं होने के कारण सरकारें मनमाने ढंग से इस बजट का उपयोग कर रही हैं।द मूकनायक
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मुंबई- महाराष्ट्र सरकार द्वारा सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग के बजट से मुख्यमंत्री वारकरी महामंडल के माध्यम से आषाढ़ी एकादशी वारी के लिए 2.80 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मंजूर किए जाने पर वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पार्टी का आरोप है कि अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण के लिए निर्धारित बजट का लगातार अन्य योजनाओं के लिए उपयोग किया जा रहा है, जिससे दलित समाज के अधिकारों और विकास संबंधी योजनाओं पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

महाराष्ट्र सरकार ने 2 जुलाई को जारी शासन निर्णय के माध्यम से मुख्यमंत्री वारकरी महामंडल द्वारा पंढरपुर की आषाढ़ी एकादशी वारी में मान की 10 पालकियों के साथ आने वाली 1400 दिंडियों को प्रति दिंडी 20,000 रुपये की सहायता राशि देने के लिए कुल 2 करोड़ 80 लाख रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी प्रदान की है। शासन निर्णय के अनुसार यह राशि सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग के बजट शीर्ष 2235 – सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण के अंतर्गत "मुख्यमंत्री वारकरी महामंडलास सहाय्यक अनुदान (2235D963)" से उपलब्ध कराई जाएगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि इस राशि का वितरण मुख्यमंत्री वारकरी महामंडल के माध्यम से किया जाएगा तथा इसके लिए विभागीय आयुक्त, पुणे को नियंत्रक अधिकारी और तहसीलदार (सामान्य प्रशासन), विभागीय आयुक्त कार्यालय, पुणे को आहरण एवं संवितरण अधिकारी नामित किया गया है।

महाराष्ट्र सरकार के आदेश की कॉपी
महाराष्ट्र सरकार के आदेश की कॉपी राजेंद्र पाटोदे x हैंडल

आदेश को आधार बनाते हुए वंचित बहुजन आघाड़ी के राज्य महासचिव राजेंद्र पाटोदे ने आरोप लगाया है कि सामाजिक न्याय विभाग के बजट, विशेषकर अनुसूचित जाति वर्ग के लिए निर्धारित निधि, का लगातार उन योजनाओं में उपयोग किया जा रहा है जिनका सीधा संबंध दलित समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तिकरण से नहीं है। उनका कहना है कि इससे पहले किसान सम्मान योजना, मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना तथा मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के लिए भी इसी प्रकार सामाजिक न्याय विभाग की निधि का उपयोग किया गया था और अब उसी क्रम में मुख्यमंत्री वारकरी महामंडल को 2.80 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

पाटोदे ने कहा कि यदि सरकार इन योजनाओं को लागू करना चाहती है तो उनके लिए सामान्य बजट से अलग प्रावधान किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति समुदाय के लिए निर्धारित बजट को अन्य मदों में स्थानांतरित करना संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों का उल्लंघन है। उनके अनुसार दलित विद्यार्थियों की छात्रवृत्तियां, शिक्षा, आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय से जुड़ी अनेक योजनाएं अभी भी लंबित हैं, जबकि करोड़ों रुपये की राशि अन्य उद्देश्यों के लिए खर्च की जा रही है।

अनुसूचित जाति समुदाय के लिए निर्धारित बजट को अन्य मदों में स्थानांतरित करना संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों का उल्लंघन है। पहले किसान सम्मान योजना, मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना तथा मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के लिए भी इसी प्रकार सामाजिक न्याय विभाग की निधि का उपयोग किया गया।
-राजेंद्र पाटोदे, राज्य महासचिव, वंचित बहुजन आघाड़ी

वंचित बहुजन आघाड़ी ने यह भी कहा कि अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए अलग और प्रभावी कानूनी व्यवस्था नहीं होने के कारण सरकारें मनमाने ढंग से इस बजट का उपयोग कर रही हैं। पार्टी का आरोप है कि इसी वजह से अनुसूचित जाति समुदाय के लिए निर्धारित निधि का वास्तविक लाभ लक्षित वर्ग तक नहीं पहुंच पा रहा है। पाटोदे ने इसे दलित समाज के अधिकारों पर "वित्तीय आपातकाल" जैसा हमला बताते हुए इस मुद्दे पर व्यापक जनआंदोलन की आवश्यकता जताई है।

हालांकि, महाराष्ट्र सरकार के शासन निर्णय में इस सहायता का उद्देश्य पंढरपुर की आषाढ़ी एकादशी वारी में भाग लेने वाली मान की 10 पालकियों के साथ आने वाली 1400 दिंडियों को प्रति दिंडी 20,000 रुपये की सहायता उपलब्ध कराना बताया गया है। प्रस्तावना में कहा गया है कि वारकरी परंपरा महाराष्ट्र की सामाजिक समरसता, संत परंपरा और जनजागरण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर है तथा बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थापन और सुविधाओं के लिए यह सहायता आवश्यक मानी गई है। सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री वारकरी महामंडल की स्थापना वारकरी समुदाय और कीर्तनकारों के कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए की गई थी और पिछले दो वर्षों की तरह इस वर्ष भी दिंडियों को अनुदान प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

फिलहाल, इस निर्णय को लेकर सामाजिक न्याय विभाग के बजट के उपयोग पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। वंचित बहुजन आघाड़ी ने मांग की है कि अनुसूचित जाति समुदाय के लिए निर्धारित बजट का उपयोग केवल उसी वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास से जुड़ी योजनाओं पर किया जाए तथा ऐसी निधियों को अन्य योजनाओं में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने के लिए कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

वंचित बहुजन आघाड़ी के राज्य महासचिव राजेंद्र पाटोदे ने कहा कि अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए अलग और प्रभावी कानूनी व्यवस्था नहीं होने के कारण सरकारें मनमाने ढंग से इस बजट का उपयोग कर रही हैं।
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वंचित बहुजन आघाड़ी के राज्य महासचिव राजेंद्र पाटोदे ने कहा कि अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए अलग और प्रभावी कानूनी व्यवस्था नहीं होने के कारण सरकारें मनमाने ढंग से इस बजट का उपयोग कर रही हैं।
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वंचित बहुजन आघाड़ी के राज्य महासचिव राजेंद्र पाटोदे ने कहा कि अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए अलग और प्रभावी कानूनी व्यवस्था नहीं होने के कारण सरकारें मनमाने ढंग से इस बजट का उपयोग कर रही हैं।
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वंचित बहुजन आघाड़ी के राज्य महासचिव राजेंद्र पाटोदे ने कहा कि अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए अलग और प्रभावी कानूनी व्यवस्था नहीं होने के कारण सरकारें मनमाने ढंग से इस बजट का उपयोग कर रही हैं।
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