
दिल्ली- रोहिणी जिले के कंझावला थाने में भाजपा के कंझावला वार्ड-32 मंडल अध्यक्ष सुनील कुमार की शिकायत पर मुंडका विधायक गजेंद्र ड्राल और उनके साथियों दीपक माथुर, अमित माथुर और अन्य के खिलाफ मारपीट और जातिसूचक अपमान का मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर संख्या 475/2026 दिनांक 15 सितंबर को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 115(2), 127(2), 140(3), 351(2), 61(2), 3(5), आर्म्स एक्ट की धारा 25 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(र)(स) के तहत दर्ज की गई है।
शिकायतकर्ता सुनील कुमार, पुत्र हरि प्रकाश, उम्र 42 वर्ष, निवासी मकान नंबर 103, गांव टटेसर, कंझावला, रोहिणी, दिल्ली हैं। वे कंझावला वार्ड 32 से भाजपा मंडल अध्यक्ष हैं। उनके अनुसार घटना 10 सितंबर को करीब 7:50 बजे शाम को कराला स्थित दीपक माथुर के भाजपा कार्यालय में हुई।
सुनील कुमार ने थाने में दिए बयान में कहा कि उसी दिन शाम करीब 7:50 बजे उनके मोबाइल पर मुंडका विधायक गजेंद्र ड्राल के नंबर से फोन आया। विधायक ने कहा कि वार्ड की वोटिंग लिस्ट लेकर दीपक माथुर के कार्यालय आ जाओ और फोन बंद न करना, कल एआरओ के साथ उनकी मीटिंग है।
सुनील कुमार अपने साथी जय भगवान के साथ करीब 8:15 बजे कार्यालय पहुंचे। वहां दीपक माथुर, विधायक गजेंद्र ड्राल, विवेक, दीपक माथुर के भांजे और 4-5 अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे, जिनके नाम उन्हें नहीं पता। इसके बाद दीपक माथुर ने विधायक के कहने पर अमित माथुर को बुलाया। अमित माथुर के आने के बाद कार्यालय का शटर बंद कर दिया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार अमित माथुर ने उनसे मारपीट शुरू कर दी और जातिसूचक गालियां दीं-‘तू भं%$ है, हम तेरे भाई नहीं बाप हैं’। विधायक गजेंद्र ड्राल ने कहा-‘तुम कितनी भी मालायें पहन लो, तुम भं%$/डेढ हो, भं%$ ही रहोगे।’
बयान में आगे कहा गया कि विधायक गजेंद्र ड्राल ने पाइप, बेल्ट आदि से मारपीट की और अमित माथुर ने भी मारपीट की। दीपक माथुर, उनके भांजे और विवेक ने हाथ-पैर पकड़कर गुप्तांगों पर 8-10 बार लात मारी। रातभर मारपीट जारी रही। सुनील कुमार 2-3 बार बेहोशी की हालत में चले गए।
रात में कार्यालय पर संतोष कौशिक और शालू शर्मा को उनके घाव/चोट कपड़े उतारकर दिखाए गए। उनके जाने के बाद मौजूद लोगों ने दोबारा मारपीट की और उन पर थूका। इसके बाद वे बेहोश हो गए। उन्होंने घर जाने को कहा, लेकिन नहीं जाने दिया गया। उनके अनुसार आरोपियों के पास तलवार, बेल्ट थी और उन्होंने पिस्तौल भी देखी।
11 सितंबर को सुबह करीब 5:15 बजे उन्हें छोड़ा गया। जाते-जाते धमकी दी गई कि अगर कहीं शिकायत की तो जान से मार देंगे और पता भी नहीं चलेगा कि बॉडी कहां गई।
शिकायतकर्ता ने 11 सितंबर को पीसीआर कॉल की और संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल, मंगोलपुरी जाकर एमएलसी करवाई। एमएलसी में डॉक्टर ने लिखा कि मरीज को कराला गांव मंडल कार्यालय भाजपा में 10 सितंबर शाम 8:30 बजे शारीरिक हमले की शिकायत के साथ आपातकाल में लाया गया। चोटों की प्रकृति ‘OR’ दर्ज की गई।
सुनील कुमार का कहना है कि अभी भी पेशाब/टॉयलेट में खून आ रहा है और कमर से बैठ नहीं पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक के रिश्तेदार उनके गांव आकर परिवार को डरा रहे हैं कि तारीखों पर भी जाना पड़ेगा और गांव में नहीं रहने देंगे। परिवार पर जान का खतरा बना हुआ है।
एफआईआर में एएसआई त्रिभुवन झा ने दर्ज किया कि 11 सितंबर को डीडी नंबर 47ए मिलने पर वे मौके पर गए, लेकिन शिकायतकर्ता नहीं मिले। अस्पताल से एमएलसी ली गई। 12, 13 और 14 सितंबर को भी बयान लेने के प्रयास किए गए। शिकायतकर्ता ने पहले मानसिक स्थिति ठीक न होने का हवाला देते हुए बाद में बयान देने की बात कही। 15 सितंबर को वे थाने आए और पूरा बयान दर्ज कराया।
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