नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली से एक बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के कंझावला में भारतीय जनता पार्टी के एक मंडल अध्यक्ष ने अपनी ही पार्टी के विधायक पर बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने का गंभीर आरोप लगाया है। यह आरोप मुंडका से बीजेपी विधायक गजेंद्र दराल और उनके साथियों पर लगा है।
पीड़ित की पहचान वार्ड नंबर 25, कंझावला के बीजेपी मंडल अध्यक्ष सुनील के रूप में हुई है। आरोप है कि गुरुवार रात करीब 8:30 बजे विधायक गजेंद्र दराल ने रानीखेड़ा स्थित बीजेपी कार्यालय (दीपक माथुर के ऑफिस) में सुनील को एक जरूरी मीटिंग का हवाला देकर बुलाया था। विधायक ने उनसे तुरंत 42 बूथों की वोटर लिस्ट लेकर पहुंचने को कहा था।
सुनील के मुताबिक, जब वह पूरी जिम्मेदारी के साथ वहां पहुंचे, तो कुछ ही मिनटों बाद वोटर लिस्ट को दरकिनार कर दिया गया। इसके बाद अमित माथुर नामक व्यक्ति को फोन करके वहां बुलाया गया। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद दीपक माथुर, विधायक और उनके अन्य साथियों ने साजिश के तहत कार्यालय को अंदर से लॉक कर दिया और वहां लगे सीसीटीवी कैमरे भी बंद कर दिए।
इसके बाद जुल्म का ऐसा भयानक दौर शुरू हुआ, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। सुनील के भाई विजय का दावा है कि उनके भाई को निर्वस्त्र करके पूरी रात पाइप, डंडों और बेल्टों से बुरी तरह पीटा गया। इस अमानवीय यातना से उनके शरीर की खाल तक उधड़ गई। आरोप है कि मारपीट के दौरान उन्हें भद्दी गालियां दी गईं और जातिसूचक शब्दों का भी जमकर इस्तेमाल किया गया।
शुक्रवार सवेरे वहां से किसी तरह छूटने के बाद सुनील ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपना दर्द बयां किया है। वीडियो में अपने शरीर पर पड़े चोट के निशान दिखाते हुए सुनील ने कहा कि उनके साथ हुए इस दुर्व्यवहार ने उनके शरीर के साथ-साथ आत्मा को भी गहरी ठेस पहुंचाई है। उन्होंने भरे मन से पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी है कि वे भविष्य में रात के समय किसी भी बड़े पदाधिकारी के पास बिना सूचना दिए अकेले बिल्कुल न जाएं।
हैरानी की बात यह है कि इस खौफनाक घटना के बाद भी पुलिस प्रशासन का रवैया पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। पीड़ित सुनील मेडिकल रिपोर्ट लेकर थाने के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है। उल्टे, विधायक के लोग लगातार पीड़ित के घर जाकर समझौते का दबाव बना रहे हैं और उन्हें धमकियां दे रहे हैं।
इस पूरी घटना ने सत्ताधारी दल के अंदरूनी हालात और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार ने अब न्याय की गुहार लगाते हुए स्पष्ट मांग की है कि आरोपी विधायक गजेंद्र दराल और मारपीट में शामिल सभी लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) और अन्य संबंधित धाराओं में तुरंत एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
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