बिल्डिंग में अम्बेडकर प्रतिमा लेकिन परिसर में जातिवाद! IIT-Bombay गेस्ट हाउस में बाबा साहब और संविधान पर अभद्र टिप्पणी, SC/ST एक्ट में केस

APPSC बोला प्रशासन आरोपी को बचाने और वीडियो बनाने वाले कर्मचारी को डराने की कोशिश में; कानूनी कार्रवाई में सहयोग की माँग
आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद नोटिस जारी करके छोड़ दिया गया। APPSC ने माँग की कि आईआईटी बॉम्बे अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करे और यह सुनिश्चित करे कि इस मामले में आरोपी के विरुद्ध उचित कानूनी प्रक्रिया चले।
आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद नोटिस जारी करके छोड़ दिया गया। APPSC ने माँग की कि आईआईटी बॉम्बे अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करे और यह सुनिश्चित करे कि इस मामले में आरोपी के विरुद्ध उचित कानूनी प्रक्रिया चले।
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मुंबई- आईआईटी बॉम्बे पवई परिसर के वन विहार गेस्ट हाउस में 5 अक्टूबर की शाम जातिसूचक टिप्पणी का मामला सामने आने के बाद बहुजन समुदाय आक्रोशित है। जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया में एक क्लिप वायरल हो रहा है जिसमे जयपुर से आए एक व्यक्ति को लॉबी में चिल्लाते हुए जातिसूचक अपशब्द कहते देखा-सुना जा सकता है। उसने कथित तौर पर कहा कि "देश का संविधान एक भं% ने बनाया है।" बताया गया है कि घटना का वीडियो एक कर्मचारी ने रिकॉर्ड किया। सोशल मीडिया पर यह क्लिप तेजी से वायरल हुआ।

आरोपी और वीडियो बनाने वाले कर्मचारी, दोनों को पुलिस थाने ले जाया गया, जहाँ अत्याचार निवारण अधिनियम (SC/ST एक्ट) सहित अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी है। आरोपी की पहचान जयपुर के श्याम कचोलिया के रूप में बताई है और बताया जाता है कि उसका राजस्थान में भाजपा से घनिष्ठ सम्बन्ध है। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद नोटिस जारी करके छोड़ दिया गया।

अंबेडकर पेरियार फुले स्टडी सर्कल (APPSC) ने घटना की तीव्र निंदा करते हुए प्रशासन पर इस मामले को दबाने और आरोपी व्यक्ति को बचाने के प्रयास के आरोप लगाये हैं।

डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा लिखा गया भारत का संविधान, ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर धकेले गए उन समुदायों के लिए न्याय, सम्मान और समान अवसरों की राह दिखाता है, जिन्होंने सदियों तक ब्राह्मणवादी, उच्च-जाति और मनुवादी हिंसा व उत्पीड़न का सामना किया है। हालाँकि संविधान ने इन समुदायों को भेदभाव को पहचानने और उसके खिलाफ शिकायत करने के कानूनी अधिकार दिए हैं, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
अंबेडकर पेरियार फुले स्टडी सर्कल

APPSC के अनुसार, 5 अक्टूबर की शाम आईआईटी बॉम्बे के गेस्ट हाउस वन विहार की लॉबी में जयपुर से आए एक अतिथि ने सार्वजनिक रूप से जातिसूचक अपशब्दों का प्रयोग किया और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का अपमान करते हुए संविधान को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। एक कर्मचारी ने इसका वीडियो बना लिया। इसके बाद आरोपी और कर्मचारी दोनों को पुलिस थाने ले जाया गया और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ। समूह का दावा है कि आरोपी संस्थान का लंबे समय से "विशेष अतिथि" रहा है और प्रशासन ने उसे बचाने की कोशिश की तथा वीडियो बनाने वाले कर्मचारी को डराया। आरोपी के भाजपा से करीबी संबंध होने की बात कही गई है। बताया जाता है कि आरोपी सस्थान के एक पूर्व छात्र का पिता है।

APPSC ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि साहिल वाकोडे की मौत से परिसर पहले ही आहत है, इसी बीच आईआईटी बॉम्बे समुदाय का एक हिस्सा, प्रशासन समेत, परिसर में रोज़मर्रा होने वाले जातिवाद को नकारने की स्थिति में दिखता है। समूह के अनुसार यह इनकार अज्ञानता से नहीं, बल्कि इसे ढकने की सोची-समझी कोशिश से उपजा है। APPSC ने कहा कि डॉ. आंबेडकर द्वारा लिखित भारत का संविधान सदियों से ब्राह्मणवादी, मनुवादी उत्पीड़न झेलते आए वंचित समुदायों के लिए न्याय, गरिमा और समान अवसर का रास्ता दिखाता है। संविधान ने भेदभाव को पहचानने और शिकायत दर्ज कराने का कानूनी अधिकार दिया है, पर ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।

समूह का आरोप है कि इस मामले में भी प्रशासन ने आरोपी को बचाने का मौका नहीं छोड़ा और वीडियो बनाने वाले कर्मचारी को डराने का सहारा लिया। आरोपी के आईआईटी बॉम्बे से संबंधों की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन उसे संस्थान का पुराना विशेष अतिथि बताया जा रहा है। APPSC ने कहा कि प्रशासन की यह प्रवृत्ति जातिगत भेदभाव के मामलों को दबाने और व्यक्तियों को बचाने की है, जबकि उसे सभी के लिए सुरक्षित परिसर सुनिश्चित करना चाहिए।

छात्र समूह ने संस्थान पर पाखंड का आरोप लगाते हुए कहा है कि एक ओर मुख्य भवन पर आंबेडकर की प्रतिमा लगाई जाती है, दूसरी ओर पूरे परिसर में जातिवाद चलता है। समूह ने सवाल उठाया कि ऐसे लोग एक पूरे समुदाय के प्रति कितनी नफ़रत रखते हैं। APPSC ने माँग की कि आईआईटी बॉम्बे अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करे और यह सुनिश्चित करे कि इस मामले में आरोपी के विरुद्ध उचित कानूनी प्रक्रिया चले।

आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद नोटिस जारी करके छोड़ दिया गया। APPSC ने माँग की कि आईआईटी बॉम्बे अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करे और यह सुनिश्चित करे कि इस मामले में आरोपी के विरुद्ध उचित कानूनी प्रक्रिया चले।
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आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद नोटिस जारी करके छोड़ दिया गया। APPSC ने माँग की कि आईआईटी बॉम्बे अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करे और यह सुनिश्चित करे कि इस मामले में आरोपी के विरुद्ध उचित कानूनी प्रक्रिया चले।
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आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद नोटिस जारी करके छोड़ दिया गया। APPSC ने माँग की कि आईआईटी बॉम्बे अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करे और यह सुनिश्चित करे कि इस मामले में आरोपी के विरुद्ध उचित कानूनी प्रक्रिया चले।
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