
कोच्चि - केरल साइबर पुलिस ने रविवार रात को हिंदुत्व विचारक और राजनीतिक टिप्पणीकार टीजी मोहनदास को गिरफ्तार किया। मोहनदास पर कोकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में जंतर मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन पर आपत्तिजनक और हिंसक टिप्पणियां करने का आरोप है।
केरल भाजपा के पूर्व इंटेलेक्चुअल सेल प्रमुख मोहनदास को एर्नाकुलम जिले स्थित उनके आवास से रविवार शाम गिरफ्तार किया गया। जांच टीम ने उनके डिजिटल उपकरणों की जांच के साथ-साथ उनके यूट्यूब चैनल ‘पत्रिका’ पर अपलोड किए गए वीडियो के संबंध में उनसे पूछताछ के लिए उन्हें हिरासत में लिया है। उन्हें 10 अगस्त को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया।
मोहनदास को गिरफ्तार किए जाने से एक सप्ताह पहले ही उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इस देरी पर तीखी आलोचना हुई। गृह मंत्री रमेश चेन्नीथला ने कहा कि गिरफ्तारी का निर्णय जांच अधिकारी को लेना चाहिए।
टीजी मोहनदास भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व इंटेलेक्चुअल सेल के राज्य संयोजक रह चुके हैं। वह भारतीय विचार केंद्र के भी पूर्व पदाधिकारी रहे हैं, जिसे RSS के निकट माना जाता है। हालांकि विवाद के बाद केरल में RSS के वरिष्ठ प्रचारक एम. गणेशन ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में मोहनदास का संगठन से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। इन बयानों पर व्यापक आक्रोश फैलने के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने खुद को इनसे अलग कर लिया। आरएसएस ने कहा कि ये मोहनदास के निजी विचार हैं और संगठन में उनका कोई आधिकारिक पद नहीं है।
विवाद बढ़ने के बाद टीजी मोहनदास ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने कभी भी प्रदर्शनकारियों पर वास्तविक गोली चलाने की वकालत नहीं की। उनके अनुसार पूरा विवाद इसलिए पैदा हुआ क्योंकि लोगों ने उनके 31 मिनट लंबे यूट्यूब कार्यक्रम को देखने के बजाय केवल एक से डेढ़ मिनट की क्लिप सोशल मीडिया पर साझा की।
29 जुलाई को कई शिकायतों के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर भारतीय न्याय संहिता की धारा 192 (दंगा भड़काने के इरादे से उकसावा) और 353(1)(बी) (सार्वजनिक उपद्रव पैदा करने वाला बयान), सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम की धारा 66 तथा केरल पुलिस अधिनियम की धारा 120(ओ) के तहत दर्ज की गई है।
इस बीच भाजपा ने इस गिरफ्तारी को भेदभावपूर्ण बताया है। भाजपा के राज्य महासचिव एस. सुरेश ने कहा कि पुलिस द्वारा छुट्टी के दिन टीजी मोहनदास को हिरासत में लेना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह गिरफ्तारी बाढ़ राहत कार्यों में सरकार की नाकामी और तटीय क्षेत्रों में हो रहे विरोध प्रदर्शनों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए किया गया “नाटक” है।
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