
नई दिल्ली: नागपुर ग्रामीण पुलिस की सतर्कता से सोमवार को एक 26 वर्षीय दलित महिला की जान बच गई। परतवाड़ा की रहने वाली यह पीड़िता वझ्झर डैम में कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास कर रही थी, जिसे सही समय पर बचा लिया गया। यह महिला शादी का झांसा देकर किए गए दुष्कर्म की शिकार है और भारी मानसिक तनाव से गुजर रही है।
ग्रामीण स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) के पुलिस निरीक्षक किरण वानखेड़े ने इस घटना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बेबस पीड़िता का अपनी जीवनलीला समाप्त करने का यह छठा या सातवां प्रयास था।
मामले की पृष्ठभूमि के बारे में बताते हुए पुलिस अधिकारी ने कहा कि महिला और दुष्कर्म का आरोपी पहले से ही एक-दूसरे के साथ रिश्ते में थे। जब उस व्यक्ति ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया, तो पीड़िता ने न्याय के लिए परतवाड़ा पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दुष्कर्म का मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
गिरफ्तारी के बाद मामले में नया मोड़ तब आया जब आरोपी ने महिला को शादी करने का पक्का भरोसा दिलाया। उसकी बातों में आकर महिला ने अदालत में अपना पक्ष रखा, जिसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी। हालांकि, जैसे ही आरोपी जेल की सलाखों से बाहर आया, वह अपने वादे से पूरी तरह मुकर गया। इस विश्वासघात ने महिला को तोड़ कर रख दिया और वह गहरे अवसाद (डिप्रेशन) में चली गई।
इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) विशाल आनंद ने भी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि इस मामले का उस परतवाड़ा यौन शोषण केस से कोई संबंध नहीं है, जिसकी जांच वर्तमान में ग्रामीण पुलिस द्वारा की जा रही है। दोनों मामले पूरी तरह से अलग हैं।
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