यूपी के किसानों को बड़ी राहत: अब बिना रजिस्ट्रेशन सरकारी केंद्रों पर बेच सकेंगे गेहूं

सीएम योगी का बड़ा फैसला: यूपी में अब बिना रजिस्ट्रेशन एमएसपी पर अपना गेहूं बेच सकेंगे किसान, बिचौलियों से मिलेगी मुक्ति
UP wheat procurement
यूपी सरकार का बड़ा फैसला! अब किसान बिना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के सीधे सरकारी केंद्रों पर MSP पर अपना गेहूं बेच सकेंगे।
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अब उन्हें सरकारी खरीद केंद्रों पर अपना गेहूं बेचने के लिए अनिवार्य ऑनलाइन पंजीकरण कराने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह अहम जानकारी दी गई है। यह फैसला खरीद प्रक्रिया के दौरान अन्नदाताओं को आ रही तमाम तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने के मकसद से लिया गया है।

सीएम योगी का जिलाधिकारियों को तत्काल आदेश

सरकार की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि 'किसान रजिस्ट्री' को अब अनिवार्य नहीं रखा जाएगा। यह एक डिजिटल प्रणाली है जिसका उपयोग किसानों की पहचान और उनकी फसलों के सत्यापन के लिए किया जा रहा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इस मामले का संज्ञान लेते हुए सभी जिलाधिकारियों को इस नए आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

बिचौलियों से मिली मुक्ति

गौरतलब है कि इसी साल की शुरुआत में यूपी में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं बेचने के लिए किसान रजिस्ट्री को अनिवार्य कर दिया गया था। हालांकि, कई किसान इस जटिल प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पा रहे थे। नतीजतन, मजबूरी में उन्हें अपनी मेहनत की उपज बिचौलियों को औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ रही थी।

पहले की तरह सुचारू होगी बिक्री

जमीनी स्तर पर किसानों की इन परेशानियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सीधा हस्तक्षेप किया और नियमों में ढील दी। इस संशोधित आदेश के बाद, किसान अब पिछले सालों की तरह ही बिना किसी पंजीकरण झंझट के सीधे खरीद केंद्रों पर अपना गेहूं बेच सकेंगे। सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि किसान पहले की तरह ही अपना गेहूं बेच सकेंगे और यह सुनिश्चित किया जाए कि केंद्रों पर उन्हें कोई भी असुविधा न हो।

भीषण गर्मी को देखते हुए विशेष प्रबंध

इसके अलावा, भीषण गर्मी और लू के मौजूदा प्रकोप को देखते हुए भी प्रशासन को सतर्क किया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि किसानों के लिए खरीद केंद्रों पर पीने का पानी, पंखे, छाया और अन्य सभी बुनियादी सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएं ताकि उन्हें धूप में परेशान न होना पड़े।

अब तक की गेहूं खरीद के आंकड़े

खाद्य एवं रसद विभाग के ताजा आंकड़ों पर गौर करें तो 20 अप्रैल की सुबह 11 बजे तक 42,000 से अधिक किसानों से 2.38 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं की खरीद की जा चुकी है। इस बीच, राज्य भर में अब तक 4.77 लाख से अधिक किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है। इस पूरी खरीद प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए पूरे प्रदेश में 5,400 से ज्यादा खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं।

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