
सागर/बेंगलुरु- मध्य प्रदेश के सागर और कर्नाटक के बेंगलुरु से सामने आई दो अलग-अलग घटनाओं ने महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर यौन उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। दोनों मामलों में आरोप है कि पुरुषों ने महिलाओं के सामने अश्लील हरकत की और अपने निजी अंग प्रदर्शित किए। सागर मामले में पीड़ितों से शिकायत नहीं मिलने के कारण कोई मामला दर्ज नहीं हुआ जबकि बेंगलुरु में आरोपी गिरफ्तार किया जा चुका है। महिला ने सूझबूझ से डिलीवरी एजेंट को विडियो में कैद किया और सोशल मीडिया में इसे शेयर किया जिसके कारण पुलिस को उसे पहचानने में मदद मिली। इन घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे महिलाओं के खिलाफ बढ़ती विकृत मानसिकता का संकेत बताया।
मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी कलां बस स्टैंड पर खड़ी एक बस के भीतर दो युवतियों के साथ एक युवक द्वारा कथित रूप से अनुचित व्यवहार करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी के रूप में पहचान किए गए नितीश गोंड को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
हालांकि, पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में दिखाई देने वाली दोनों युवतियों या किसी अन्य व्यक्ति ने अभी तक लिखित शिकायत नहीं दी है। शिकायत के अभाव में फिलहाल आरोपी के खिलाफ केवल प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि यदि पीड़िताओं की ओर से शिकायत मिलती है या जांच में अन्य साक्ष्य सामने आते हैं तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी घटना बेंगलुरु की है, जहां एक महिला ने आरोप लगाया कि एक ई-कॉमर्स कंपनी के डिलीवरी एजेंट ने बार-बार उसके घर का वॉशरूम इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी। महिला ने उसे मना करते हुए पड़ोसियों से पूछने की सलाह दी, लेकिन आरोप है कि वह बिना अनुमति फ्लैट के अंदर घुस आया।
महिला का आरोप है कि वॉशरूम से बाहर आने के बाद डिलीवरी एजेंट ने उसके सामने अपने निजी अंग प्रदर्शित किए। महिला ने बताया कि संभावित खतरे को देखते हुए उसने अपने मोबाइल का कैमरा रिकॉर्डिंग पर रखा और मुख्य दरवाजा खुला छोड़ दिया ताकि जरूरत पड़ने पर वह बाहर निकल सके या मदद मांग सके।
महिला की शिकायत पर मराठाहल्ली पुलिस ने आरोपी विजय मल्लिकार्जुन कामथ को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए फ्लिपकार्ट ने कहा कि ग्राहक की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। कंपनी के अनुसार, घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित डिलीवरी पार्टनर की सेवाएं तत्काल समाप्त कर दी गईं। कंपनी ने कहा कि एफआईआर दर्ज हो चुकी है और वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है। फ्लिपकार्ट ने यह भी कहा कि सभी डिलीवरी पार्टनरों का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और अनिवार्य प्रशिक्षण कराया जाता है, लेकिन इस तरह की एक भी घटना अस्वीकार्य है और कंपनी अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा कर रही है।
दोनों घटनाओं के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कई यूजर्स ने कहा कि महिलाओं के सामने निजी अंग दिखाना केवल अभद्रता नहीं, बल्कि उन्हें डराने, अपमानित करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का एक तरीका है।
कई लोगों ने सवाल उठाया कि सार्वजनिक स्थानों से लेकर घर तक महिलाएं आखिर कहां सुरक्षित हैं। कुछ यूजर्स ने मांग की कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई, सख्त सजा और प्रभावी रोकथाम के उपाय किए जाएं ताकि महिलाओं के खिलाफ इस तरह के व्यवहार पर अंकुश लगाया जा सके।
महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और मनोवैज्ञानिकों का लंबे समय से कहना रहा है कि महिलाओं के सामने जानबूझकर निजी अंग प्रदर्शित करना यौन उत्पीड़न का एक रूप हो सकता है। उनका मानना है कि ऐसे मामलों का उद्देश्य अक्सर महिला को भयभीत करना, असहज करना या उस पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को हल्के में लेने के बजाय संवेदनशीलता के साथ जांच और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
दोनों मामलों की परिस्थितियां अलग-अलग हैं और उनकी जांच जारी है। जहां बेंगलुरु मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया है, वहीं सागर मामले में पुलिस का कहना है कि औपचारिक शिकायत मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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