
चेन्नई- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे परंपरागत राजनीतिक शैली से हटकर काम करते हैं। हाल ही में चेन्नई के प्रसिद्ध कलैवाणर अरंगम सभागार में आयोजित एक आधिकारिक समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रोटोकॉल और सुरक्षा के सभी नियमों को तोड़ते हुए एक गर्भवती महिला को नियुक्ति पत्र सौंपने का भावुक कदम उठाया।
दरअसल, तमिलनाडु लोक सेवा आयोग के माध्यम से बिजली विभाग में चयनित 401 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे थे, जिनमें 383 सहायक अभियंता और 18 सहायक लेखा अधिकारी शामिल थे। जब अक्षय लक्ष्मी नामक एक उम्मीदवार का नाम पुकारा गया, तो मुख्यमंत्री को पता चला कि वह नौ महीने की गर्भवती हैं और उनकी डिलीवरी अगले तीन दिनों में होने वाली है।
यह सोचकर कि मंच पर चढ़ने के लिए सीढ़ियाँ चढ़ना अक्षय के लिए मुश्किल होगा, मुख्यमंत्री विजय तुरंत अपनी सीट से उठे, मंच से नीचे उतरे और स्वयं उनके पास जाकर नियुक्ति पत्र सौंप दिया। इस कदम ने सभी को चौंका दिया और सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया, जहाँ लोग उनके इस मानवीय और संवेदनशील व्यवहार की सराहना कर रहे हैं।
गौरतलब है कि विजय ने मुख्यमंत्री बनने के बाद भी अपनी ‘हीरो’ वाली छवि को बरकरार रखा है, और वे मौके की मांग के अनुसार प्रोटोकॉल तोड़ने में भी पीछे नहीं हटते, जो उन्हें अन्य राजनीतिक नेताओं से अलग बनाता है। विजय ने फरवरी 2024 में अपनी पार्टी ''तमिलगा वेट्री कज़गम' का गठन किया और 2026 के विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी को आम आदमी से लेकर विभिन्न वर्गों के उम्मीदवारों को टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारा।
अपने पहले ही चुनाव में TVK ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जिसने दशकों से सत्ता में रही DMK और AIADMK की द्वैध सत्ता को चुनौती दी । हालांकि, बहुमत के आंकड़े 118 से 10 सीटें कम होने के कारण, विजय को सरकार बनाने के लिए कांग्रेस (5 सीटें) और कई पार्टियों जिनमें CPI, CPI(M), VCK और IUML शामिल हैं, का समर्थन हासिल करना पड़ा, जिससे उनका कुल समर्थन 120 सीटों तक पहुँच गया।
इस ऐतिहासिक जीत के साथ विजय ने न केवल तमिलनाडु के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, बल्कि वे राज्य के पहले ईसाई मुख्यमंत्री भी बने। शपथ ग्रहण के बाद अपने पहले संबोधन में उन्होंने कहा कि वे "किसी शाही परिवार" से नहीं आते, बल्कि एक आम आदमी हैं और उनकी सरकार "पारदर्शी, वास्तविक, धर्मनिरपेक्ष और सामाजिक न्याय" पर आधारित होगी । यह पल न सिर्फ उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि वे अपनी फिल्मी ‘रील’ की तरह ही ‘रियल’ जीवन में भी जनता के दिलों के करीब हैं।
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