बोकारो का कोयला विवाद बना जानलेवा: गर्भवती दलित महिला की दर्दनाक मौत, लीपापोती के आरोपों के बीच 6 गिरफ्तार

बोकारो में कोयला चुनने के मामूली विवाद में 25 वर्षीय गर्भवती दलित महिला की जान गई; पति ने लगाया लीपापोती का आरोप, बीजेपी ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग।
Jharkhand coal dispute, pregnant Dalit woman death
झारखंड के बोकारो में कोयले के विवाद में एक गर्भवती दलित महिला की दर्दनाक मौत। पुलिस ने 6 को किया गिरफ्तार, बीजेपी का हंगामा।(Ai Image)
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झारखंड: बोकारो जिले में रेलवे साइडिंग से बचे हुए कोयले को इकट्ठा करने को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद बड़े हादसे में बदल गया। यहां 25 वर्षीय एक गर्भवती दलित महिला की मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब स्थानीय लोगों के बीच हो रहे झगड़े के बीच महिला ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। इस दर्दनाक घटना के बाद से इलाके में तनाव है, गिरफ्तारियां हुई हैं और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है।

यह पूरी घटना शुक्रवार रात बेरमो थाना क्षेत्र के धौरा कोल साइट पर घटी। पुलिस के अनुसार, अनीता देवी उन महिलाओं के समूह में शामिल थीं, जो रेलवे साइडिंग क्षेत्र से बचा हुआ कोयला इकट्ठा करने के लिए वहां पहुंची थीं। स्थानीय परिवारों के बीच घरेलू जरूरतों के लिए कोयला चुनने का यह एक आम चलन है।

जांचकर्ताओं का कहना है कि इसी दौरान कोयले के बंटवारे को लेकर वहां मौजूद लोगों के बीच अचानक बहस छिड़ गई। देखते ही देखते यह विवाद हाथापाई और शारीरिक टकराव में बदल गया। इस संघर्ष के शांत होने तक अनीता देवी जमीन पर गिरकर बेहोश हो चुकी थीं। घबराए हुए परिजन आनन-फानन में उन्हें ढोरी स्थित क्षेत्रीय अस्पताल ले गए, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अब इस मौत के कारणों और पूरी घटना की गहन जांच की जा रही है। बेरमो थाना प्रभारी रोहित कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि विवाद के दौरान काफी धक्का-मुक्की हुई थी और इसी बीच गर्भवती अनीता बेहोश होकर गिर पड़ीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शव पर फिलहाल कोई बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। मौत का असल कारण पोस्टमार्टम और मेडिकल जांच के बाद ही पूरी तरह से साफ हो सकेगा।

शनिवार को अनीता के पति महेश भुइयां ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। अपनी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि यह विवाद जानलेवा हो गया था जिसमें उनकी पत्नी की जान गई। उन्होंने स्थानीय पुलिस पर भी गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि प्रशासन उनकी पत्नी की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश कर रहा है। महेश के बयान के बाद पुलिस महकमा हरकत में आया और छापेमारी कर छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

इस दर्दनाक मामले ने अब एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसे एक "निर्मम हत्या" करार देते हुए जिला प्रशासन पर मामले को दबाने का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं का दावा है कि पुलिस ने गिरफ्तारियां तब कीं, जब उन्होंने बोकारो में सड़क जाम करने की कड़ी चेतावनी दी।

बीजेपी के प्रदेश महासचिव अमर कुमार बाउरी ने इस पूरी घटना के 'मुख्य साजिशकर्ता' की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे और इस मामले में शामिल पुलिस व चिकित्सा अधिकारियों के रवैये की उच्च स्तरीय जांच की वकालत की है।

दूसरी तरफ, पुलिस का कहना है कि यह पूरा मामला कोयला चुनने के स्थानीय विवाद से जुड़ा है और मामले की निष्पक्ष जांच अभी जारी है। अब सभी की निगाहें फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे अनीता देवी की मौत की असली वजह सामने आ सकेगी।

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