
आंध्र प्रदेश: काकीनाडा शहर में हुए चर्चित दलित युवक हत्याकांड मामले में वाईएसआरसीपी एमएलसी अनंत उदय भास्कर की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। अदालत ने शनिवार को उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उन पर इस मामले के चार प्रमुख गवाहों को धमकाने, आपराधिक साजिश रचने और जबरन वसूली करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
सर्पावरम पुलिस ने शुक्रवार को उदय भास्कर को राजमहेंद्रवरम से गिरफ्तार किया था। इसके बाद शनिवार को पुलिस ने उन्हें अदालत के समक्ष पेश किया। काकीनाडा जिले के पुलिस अधीक्षक जी. बिंदु माधव ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि अदालत के आदेश के बाद एमएलसी को राजमुंदरी सेंट्रल जेल भेज दिया गया है।
यह पूरा मामला साल 2022 का है। आरोप है कि 19 मई 2022 को उदय भास्कर ने काकीनाडा शहर में अपने पूर्व कार चालक और 26 वर्षीय दलित युवक वीधी सुब्रमण्यम का शव फेंक दिया था। इस सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस ने उन्हें 23 मई 2022 को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, बाद में दिसंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इस मामले में जमानत दे दी थी।
वर्तमान मामले के जांच अधिकारी जी. चेन्ना केशवा ने इस नई गिरफ्तारी की वजह स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि उदय भास्कर को 2022 के इस हत्याकांड के चार गवाहों को डराने-धमकाने के आरोप में दोबारा हिरासत में लिया गया है। जांच अधिकारी के मुताबिक, ऐसा करके उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई जमानत की शर्तों का सीधा उल्लंघन किया है।
काकीनाडा शहर की सर्पावरम पुलिस ने एमएलसी के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने उदय भास्कर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61 (आपराधिक साजिश), 351 (2) (आपराधिक धमकी) और 308 (5) (जबरन वसूली) के तहत ताजा मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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