
नई दिल्ली- कोकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर दिल्ली के जंतर मंतर पर शिक्षा घोटालों और परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ युवा और बुजुर्ग दोनों बड़ी संख्या में जमा हुए हैं। अभिजीत दीपके के नेतृत्व में चल रहे इस प्रदर्शन में Gen-Z से लेकर आम नागरिक तक की भागीदारी दिख रही है। लेकिन पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर मुस्लिम युवाओं से विशेष अपील चल रही है कि वे इस प्रदर्शन से पूरी तरह दूर रहें।
इन अपीलों में चिंता जताई गई है कि अतीत के दिल्ली दंगों जैसे मामलों में मुस्लिम युवा बलि का बकरा (scapegoat) बनाए जाते रहे हैं। कई वेरिफाइड हैंडल्स ने साफ कहा कि प्रदर्शन में बवाल की स्थिति बनने पर मुस्लिम युवाओं पर गंभीर धाराएं लगाई जा सकती हैं, लंबी जेल, घरों पर बुलडोजर कार्रवाई, मीडिया ट्रायल और पाकिस्तान कनेक्शन जैसे आरोप लग सकते हैं।
अपीलकर्ताओं ने ताहिर हुसैन जैसे पुराने मामलों का हवाला देते हुए याद दिलाया कि ऐसे प्रदर्शनों में privileged backgrounds वाले लोग बच जाते हैं, लेकिन मुस्लिम युवा आसानी से निशाने पर आ जाते हैं। उन्होंने सलाह दी कि इस वक्त मुस्लिम युवा अपनी पढ़ाई, करियर और परिवार की सुरक्षा पर फोकस करें, क्योंकि यह उनकी सर्वाइवल की लड़ाई है।
कई युवाओं ने साफ़ लिखा कि समस्या यह है कि UAPA कानून सिर्फ़ मुसलमानों के लिए ही है। अगर आप इसमें हिस्सा लेते हैं, तो इस बात की पूरी संभावना है कि आपको उमर खालिद या शरजील इमाम की तरह बिना किसी मुकदमे के सालों तक जेल में रखा जाएगा। और ये कॉकरोच कभी आपके लिए आवाज़ नहीं उठाएंगे।
युवा पत्रकार कविश अज़ीज़ ने अपने x हैंडल पर एक लॉन्ग पोस्ट में लिखा, " 6 जून को कॉकरोच जनता पार्टी जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट करेगी। मुसलमानों से गुजारिश है कि इस प्रोटेस्ट से दूर रहिएगा, बल्कि उस रास्ते से गुजरने की कोशिश भी मत कीजिएगा। अगर आपका घर उसे जगह के आसपास है तो एक दिन के लिए वह जगह ही छोड़ दीजिए। 100% उस दिन बवाल होगा और हमेशा की तरह मुसलमान बली का बकरा बनाया जाएगा। बाकी लोग अपने घर चले जाएंगे लेकिन आप खालिद सैफ़ी, मीरान हैदर और उमर खालिद की तरह जेल जाएंगे। आप पर उन सभी धाराओं में मुकदमे दर्ज होंगे जिसमें आप 10 साल तक जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे। आपका घर बुलडोज किया जाएगा, आपकी दुकान छीन ली जाएगी ,आपके घर के बाहर महीनों पुलिस खड़ी रहेगी, आपका मीडिया ट्रायल होगा, आपका पाकिस्तान कनेक्शन बताया जाएगा। आपको आतंकवादी घोषित किया जाएगा। और याद रखिए इसी पार्टी के लोग आपको पूछेंगे भी नहीं, जैसे दिल्ली दंगों में अरविंद केजरीवाल ने अपनी ही पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन से पल्ला झाड़ लिया था। ताहिर आज तक जेल में बंद है। आम आदमी पार्टी ने पलट कर ना देखा। इस वक्त हमारी लड़ाई खुद को बचाने की है, सर्वाइवल की है। अपने काम पर ध्यान दीजिए, अपने बच्चों की एजुकेशन पर फोकस कीजिए।"
कोकरोच जनता पार्टी की शुरुआत सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्या कांत के 'कॉकरोच' वाले विवादास्पद बयान के बाद हुई थी, जिसे युवाओं ने व्यंग्य के रूप में अपनाया। अभिजीत दीपके ने इसे एक आंदोलन में बदल दिया। प्रदर्शन से पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने भीड़ नियंत्रण संबंधी याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था।
सोशल मीडिया पर एक तरफ युवाओं का आक्रोश दिख रहा है तो दूसरी तरफ धार्मिक आधार पर विभाजन की कोशिशें भी नजर आ रही हैं। अभिजीत दीपके ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, "10-12 साल से इन लोगों ने हमें हिंदू मुसलमान की राजनीति में फँसा कर रखा, इससे किसे फ़ायदा हुआ? क्या हिंदू मुसलमान करने से देश में किसी को भी नौकरियां मिली?” CJP की तरफ से प्रदर्शन को पूरी तरह शांतिपूर्ण और राजनीतिक दलों से अलग रखने पर जोर दिया गया है। पार्टी के यूथ नेताओं ने नारा लगाया, " धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दो! शिक्षा मंत्री को हमने चुन कर भेजा है, हमारे टैक्स से उनको तनख्वाह मिलती है! उनके शासन काल में करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधकार में है। cockroach आ रहे हैं, धर्मेंद्र प्रधान जा रहे हैं!"
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