
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच को सूचित किया है कि वह राज्य में होने वाले आगामी पंचायत चुनावों के लिए कानून के मुताबिक ओबीसी (OBC) आयोग का गठन करने की प्रक्रिया में है।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति ए.के. चौधरी की खंडपीठ ने राज्य सरकार के इस बयान को रिकॉर्ड पर लेने के बाद याचिका का निस्तारण कर दिया। कोर्ट का यह आदेश उस जनहित याचिका (PIL) पर आया है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ओबीसी आयोग का कार्यकाल लगभग पांच महीने पहले ही समाप्त हो चुका है, लेकिन राज्य सरकार ने अभी तक उक्त आयोग का पुनर्गठन नहीं किया है।
याचिका में दलील दी गई थी कि यदि आयोग का गठन नहीं किया गया और पंचायत चुनाव 2021 की आरक्षण सूची के आधार पर ही संपन्न कराए गए, तो यह ‘यूपी पंचायत राज अधिनियम, 1947’ और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन होगा। पीआईएल में मांग की गई थी कि बेंच राज्य सरकार को आयोग गठित करने का निर्देश दे।
सुनवाई के दौरान, राज्य की वकील ईशा मित्ता ने पीठ को अवगत कराया कि राज्य सरकार स्वयं उक्त आयोग के गठन की प्रक्रिया में जुटी हुई है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि आयोग के गठन के बाद ही पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। राज्य सरकार के इस पक्ष पर विचार करते हुए और सरकारी वकील के बयान को दर्ज करने के बाद, बेंच ने जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया।
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