
16 मई 2026 की शाम, बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस के स्टूडेंट और महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर निवासी 30 वर्षीय अभिजीत दीपके ने एक ट्वीट किया। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने एक सुनवाई के दौरान बेरोज़गार युवाओं की तुलना 'कॉकरोच' और 'परजीवियों' से की थी। CJI ने बाद में सफाई दी कि उनके शब्दों को मीडिया ने गलत संदर्भ में पेश किया और उनका आशय नकली डिग्रियों से नौकरी पाने वालों से था। लेकिन तब तक वह चिंगारी लाखों-करोड़ों निराश युवाओं के सीने में लगी आग को हवा दे चुकी थी।
पेशे से राजनीतिक संचार रणनीतिकार दीपके ने उस अपमान को ही अपना हथियार बना लिया। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) लांच की, जो सीधे-सीधे PM नरेंद्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी (BJP) का व्यंग्यात्मक रूपांतरण था। पार्टी का घोषणापत्र, उसका लोगो, उसका सदस्यता फॉर्म सब कुछ एक सोची-समझी बौद्धिक चुनौती की तरह था। पार्टी की पात्रता शर्तें मज़ेदार लेकिन तीखी थीं: बेरोज़गार हों, आलसी हों, क्रॉनिकली ऑनलाइन रहते हों और पेशेवर तरीके से शिकायत कर सकते हों। नारा था — 'Secular – Socialist – Democratic – Lazy'
जो बात महज़ एक व्यंग्यात्मक पोस्ट से शुरू हुई थी, वह तूफान में तब्दील हो गई। एक हफ्ते से भी कम समय में CJP के इंस्टाग्राम पर 2 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हो गए- यह संख्या BJP के 88 लाख और कांग्रेस के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स से कहीं अधिक थी। गूगल फॉर्म के ज़रिए 3.5 लाख से ज़्यादा लोगों ने पार्टी की सदस्यता ली। पार्टी की वेबसाइट cockroachjantaparty.org पर दीपके के अनुसार लगभग 10 लाख उपयोगकर्ताओं ने पंजीकरण कराया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की माँग वाली ऑनलाइन पिटीशन पर करीब 6 लाख हस्ताक्षर एकत्र हो गए।
CJP ने केवल ऑनलाइन नहीं, बल्कि ज़मीन पर भी असर छोड़ा। देशभर में राज्यवार शाखाएँ उभर आईं जो AI-जनरेटेड विज़ुअल और व्यंग्यात्मक पोस्ट के ज़रिए बेरोज़गारी, NEET-UG 2026 पेपर लीक और संस्थागत जवाबदेही जैसे मुद्दों को उठा रही थीं। पश्चिम बंगाल की सांसद महुआ मोइत्रा और बिहार के पूर्व सांसद कीर्ति आज़ाद जैसे वरिष्ठ राजनेताओं ने भी सदस्यता लेने में रुचि दिखाई, मनीष सिसोदिया ने सपोर्ट जाहिर किया। सीबीएस न्यूज़, सीएनएन, एनबीसी, अल ज़जीरा जैसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने इसे प्रमुखता से कवर किया।
पर्यावरणविद और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने शनिवार को खुद को "कॉकरोच" बताते हुए, स्व-घोषित "कॉकरोच जनता पार्टी" (CJP) के नेतृत्व वाले ऑनलाइन "कॉकरोच" आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह युवाओं की डिजिटल अभिव्यक्ति को दबाने के बजाय, उनके द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों पर ध्यान दे।
जैसे-जैसे CJP की लोकप्रियता बढ़ती गई, सत्ता प्रतिष्ठान की बेचैनी भी स्पष्ट होती गई। 21 मई 2026 को सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के निर्देश पर CJP का X अकाउंट भारत में निलंबित कर दिया गया। एक अधिकारी ने मीडिया को बताया कि Intelligence Bureau ने MeitY को सूचित किया था कि यह अकाउंट 'देश की संप्रभुता के लिए खतरा' है और 'राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुँचा सकने वाला भड़काऊ कंटेंट' पोस्ट कर रहा है।
इसके जवाब में दीपके ने एक नया बैकअप अकाउंट '@Cockroach is Back' बनाया जिसने एक ही दिन में 1.6 लाख से अधिक फॉलोअर्स बटोर लिए। लेकिन संकट यहाँ नहीं रुका। 23 मई को दीपके ने X पर पोस्ट कर बताया कि अब उनका पर्सनल इंस्टाग्राम हैक हो गया है, CJP का मुख्य इंस्टाग्राम पेज हैक किया जा चुका है, बैकअपइंस्टाग्राम पेज भी कुछ घंटों के लिए हटाया गया और cockroachjantaparty.org वेबसाइट भी डाउन कर दी गई है। उन्होंने लिखा: "कॉकरोच जनता पार्टी पर शिकंजा। इंस्टाग्राम पेज हैक। मेरा निजी इंस्टाग्राम हैक। ट्विटर अकाउंट रोक दिया गया। बैकअप अकाउंट भी हटा दिया गया।"
24 मई को दीपके ने अपनी प्रतिक्रिया में लिखा '404 Democracy Not Found' और आरोप लगाया कि BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का यह रवैया 'तानाशाही' है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री की जवाबदेही से ध्यान हटाने की कोशिश है। साथ ही उन्होंने एक फर्ज़ी अकाउंट '@Cockroach4India' की भी पहचान की जिसे उनके अनुसार भाजपा आईटी सेल ने बनाया था और जो CJP की नकल कर रहा था।
डिजिटल प्रतिशोध केवल अकाउंट बंद करने तक सीमित नहीं रहा। 22 मई को दीपके ने WhatsApp पर मिले धमकी भरे संदेशों के स्क्रीनशॉट X पर सार्वजनिक किए। इनमें से एक संदेश कथित रूप से था: 'CJP बंद करो वरना मार दिए जाओगे।' डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार एक और संदेश था: 'हम तुम्हें अमेरिका में भी मरवा सकते हैं।' BJP के युवा मोर्चे के राष्ट्रीय सचिव तजिंदर बग्गा ने इन धमकी भरे नंबरों में से एक को लेकर एक काउंटर पोस्ट किया, जिसमें दावा किया गया कि नंबर किसी 'वारिस हुसैन' का है, हालाँकि ट्रू कॉलर ने दोनों नंबरों को 'स्पेम ' के रूप में चिह्नित किया।
इससे भी तीखा वार उस वक्त हुआ जब दीपके ने 21 मई को X पर लिखा कि वे स्वयं एक दलित हैं' यह पोस्ट उन्होंने तब किया जब उनसे पार्टी के आरक्षण और सामाजिक न्याय के रुख पर सवाल पूछे जा रहे थे। इसके तुरंत बाद उन पर जातिवादी टिप्पणियों की बाढ़ आ गई। हिंदुत्व नाईट नाम के एक अकाउंट ने लिखा — तो? तुम -40 वोटों के साथ PM बनना चाहते हो? एक अन्य यूज़र ने लिखा: 'आ गया डी कार्ड'। कई अकाउंट्स ने उन पर 'दलित कार्ड खेलने' का आरोप लगाया। एक अकाउंट ने तो अपमानजनक भाषा में फोटो भी पोस्ट की। दूसरी ओर, कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने इन हमलों की कड़ी निंदा की — एक ने लिखा: दलितों के प्रति UCs के मन में जितनी नफ़रत है, वह घिनौनी है।
सत्तारूढ़ भाजपा और उसके नेताओं ने CJP को वैधता देने से साफ इनकार कर दिया और इसे विदेशी-प्रायोजित षड्यंत्र बताया। संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरन रिजीजू ने x पर पोस्ट किया, " मुझे उन लोगों पर तरस आता है जो सोशल मीडिया पर अपने फॉलोअर्स पाकिस्तान और जॉर्ज सोरोस के गिरोह से तलाशते हैं। भारत के पास पर्याप्त आबादी और बेहद ऊर्जावान युवा आबादी है, जो सच्चे और मूल्यवान फॉलोअर्स बन सकते हैं! भारत-विरोधी गिरोह से मान्यता लेने की कोई ज़रूरत नहीं है।"
केरल भाजपा अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय राजीव चंद्रशेखर ने 23 मई को X पर लिखा कि '#CockroachParty gambit' एक 'सीमा-पार प्रभाव अभियान' है जिसे 'निहित स्वार्थों' द्वारा भारत और प्रधानमंत्री मोदी की सरकार को अस्थिर करने के लिए बनाया गया है और जिसमें विपक्ष के कुछ तत्व मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया, बॉट्स और AI के हथियारीकरण के इस दौर में ऐसे ''प्रभाव अभियान'' नकली और कृत्रिम रूप से 'आर्गेनिक ' दिखने वाले नैरेटिव बनाकर देश को अस्थिर करने के खतरनाक और प्रभावी हथियार हैं। उन्होंने तंज़ करते हुए यह भी लिखा: "कोई तिलचट्टा नहीं, कोई छोटा-मोटा भारतीय विपक्षी नेता नहीं, कोई मोदी-विरोधी जोकर नहीं, और न ही कोई विदेशी निहित स्वार्थ — कोई भी सभी भारतीयों के लिए एक बेहतर भविष्य बनाने के हमारे सामूहिक संकल्प को पटरी से नहीं उतार सकता। #ViksitBharat"
इसी तर्ज़ पर कई अन्य भाजपा समर्थकों और राईट विंग सोशल मीडिया सेल ने CJP को 'बंगलादेशी और पाकिस्तानी फॉलोअर्स वाली फर्ज़ी पार्टी' बताया। दीपके ने इस दावे को सीधे खारिज करते हुए एक ग्राफ़ पोस्ट किया जिसमें दिखाया गया कि उनके 94 प्रतिशत फॉलोअर्स भारत से हैं। साथ ही उन पर यह भी आरोप लगाया गया कि वे अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी का एजेंडा चला रहे हैं — चूँकि दीपके पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं। दीपके ने इसे भी नकारा। उधर, फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर ने एक पोस्ट में साफ़ किया कि रिजीजू के दावे झूठे हैं। जुबैर ने लिखा, " भाजपा नेता सहित कई राईटविंग इन्फ्लुएंर ये दावा कर रहे हैं कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' के लगभग आधे फॉलोअर्स पाकिस्तानी हैं. ये दावा पूरी तरह बेबुनियाद है. इसके 94.7% फॉलोअर्स भारत से हैं"
एक सरकारी अधिकारी ने IB के हवाले से कहा कि CJP का X अकाउंट ऐसा 'भड़काऊ' कंटेंट पोस्ट कर रहा था जो 'देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल सकता था।' इस कार्रवाई ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर विपक्ष में तीखी प्रतिक्रिया जगाई।
जब CJP पर डिजिटल दमन की कार्रवाई हो रही थी, तब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और थिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने सबसे विस्तृत राजनीतिक प्रतिक्रिया दी। X पर एक लंबी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि CJP को महज़ पाकिस्तानी साज़िश बताना 'अत्यधिक सरलीकृत' है। उन्होंने कहा कि CJP के 94 प्रतिशत फॉलोअर्स के भारतीय होने के दावे को इंस्टाग्राम को स्वयं स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने CJP को एक 'प्रेशर कुकर का वाल्व' बताया जो जनता की भाप को शांतिपूर्वक बाहर निकालता है, वरना वह विस्फोट का कारण बनती है। थरूर ने कहा:
"ठीक इसी वजह से X पर अकाउंट को रोककर रखना एक विनाशकारी और बेहद नासमझी भरा कदम है, युवाओं के पास अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का एक ज़रिया होना चाहिए; इसलिए, CJP के अकाउंट को बंद करने के बजाय उसे काम करने दिया जाना चाहिए! लोकतंत्रों को असहमति, हास्य, व्यंग्य और यहाँ तक कि कुंठा को व्यक्त करने के लिए ऐसे ज़रियें की ज़रूरत होती है।"
थरूर ने अपनी पोस्ट में सरकार और विपक्ष दोनों को सावधान किया: हमारे लोकतंत्र के संरक्षक के तौर पर, सरकार और विपक्ष, दोनों को ही सचेत होकर, बात को सुनना चाहिए और लोगों के मन में पनप रहे असंतोष को दूर करना चाहिए। इसे नज़रअंदाज़ करना, इससे इनकार करना और सबसे बुरा इसे दबाना, विनाशकारी साबित होगा।
यह बात उन्होंने ऐसे संदर्भ में कही जब पड़ोसी देशों श्रीलंका में 2022, बांग्लादेश में 2024 और नेपाल में 2025 में Gen Z के नेतृत्व में हुए आंदोलनों ने सत्ता पलट दी थी। भारत में 15 से 29 वर्ष के आयु वर्ग के लगभग 36.7 करोड़ युवा हैं, दुनिया की किसी भी देश में सबसे बड़ी युवा आबादी। CJP के संदर्भ में यह तथ्य किसी भी सत्ता के लिए नज़रअंदाज़ करना मुश्किल था।
24 मई को एक नया पेच और उलझा। 'Cockroach Janta Party Karnataka' के नाम से एक पोस्टर वायरल हुआ जिसमें बेंगलुरु के टाउन हाल के पास 'शांतिपूर्ण ह्यूमन चेन' का आह्वान किया गया था। पोस्टर में लिखा था 'अपनी ताकत दिखाएं' और 'सिर्फ ऑनलाइन नहीं, सड़कों पर ताकत दिखाने का समय'। बेंगलुरु पुलिस ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी कि टाउन हाल के पास किसी भी जनसमूह की इजाज़त नहीं होगी।
लेकिन आज ही दीपके ने स्पष्ट कर दिया कि CJP ने ऐसी किसी भी प्रदर्शन की कोई आधिकारिक अपील नहीं की। उन्होंने इसे अपने आंदोलन को 'demonise' करने की साज़िश बताया। यह एपिसोड एक बड़े खतरे की ओर इशारा करता है जब किसी बड़े डिजिटल आंदोलन के नाम पर फर्ज़ी अकाउंट और फर्ज़ी आह्वान ज़मीन पर हिंसा या कानूनी कार्रवाई का बहाना बन सकते हैं।
इन सबके बीच अभिजीत दीपके की आवाज़ न दबी, न थमी। जब सभी प्लेटफॉर्म्स बंद हुए तो उन्होंने X पर लिखा: "आप अकाउंट्स को हैक और ब्लॉक कर सकते हैं, लेकिन इस आंदोलन को हैक नहीं कर सकते। हम रुकने वाले नहीं हैं और इस तानाशाही के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाते रहेंगे। हर हमला हमें और मज़बूत बनाता है।"
वेबसाइट के बंद होने पर उन्होंने सरकार से व्यंग्यात्मक तरीके से पूछा: " सरकार कॉकरोचों से इतनी डरी हुई क्यों है?" उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक के लिए शिक्षा मंत्री पर कार्रवाई होनी चाहिए थी, उस छात्र के लिए कुछ होना चाहिए था जिसने सरकारी विफलता के कारण अपनी जान दी लेकिन 'नए भारत' में, जवाबदेही की मांग करने के लिए 'कॉकरोच जनता पार्टी' के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
उनके माता-पिता ने मीडिया को बताया कि वे अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। दीपके ने पहले ही मीडिया संस्थानों को दिए इंटरव्यू में कहा था: हमें यह समझना होगा कि पाँच साल पहले कोई भी मोदी या सरकार के ख़िलाफ़ बोलने को तैयार नहीं था। अब समय बदल रहा है। युवाओं के लगातार मिल रहे संदेशों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा था, उन्होंने मुझे लिखा कि पीछे मत हटना!"
अभिजीत दीपके और उनके आंदोलन ने एक बात साबित कर दी है: कॉकरोच वही करते हैं जो वे सबसे अच्छा जानते हैं : सर्वाइव करना।
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