मुंबई: इस्लामोफोबिया के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (SIO) महाराष्ट्र दक्षिण ने मुंबई के इस्लाम जिमखाना में एक इफ्तार पार्टी का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र में बढ़ते नफरत आधारित अपराधों पर एक विस्तृत दस्तावेज़ भी जारी किया गया, जिसका उद्देश्य राज्य में बढ़ते मुस्लिम विरोधी माहौल का मुकाबला करना है।
SIO महाराष्ट्र दक्षिण के प्रदेश अध्यक्ष उज़ैर अहमद ने कार्यक्रम का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि महाराष्ट्र सहित पूरे देश में मुसलमानों के खिलाफ घृणित घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व और राजनीतिक नेता सोची-समझी साजिश के तहत नफरत भरा माहौल बनाने और दंगे भड़काने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे इन गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।
15 मार्च को संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित इस्लामोफोबिया के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय दिवस के परिप्रेक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में बॉम्बे हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति कोलसे पाटिल ने अपने विचार रखे। उन्होंने नफरत फैलाने वालों की मानसिकता को समझने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने मुसलमानों, आदिवासियों, दलितों और बहुजनों को साथ लेकर एक संवैधानिक देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए APCR के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट फवाज़ शाहीन ने बताया कि अब सांप्रदायिकता केवल दंगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे आम इंसान की रोजमर्रा की जिंदगी तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने इन मामलों पर नियंत्रण के लिए कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। वहीं, वरिष्ठ पत्रकार व फिल्मकार कुणाल पुरोहित ने स्पष्ट किया कि गानों, फिल्मों और सोशल मीडिया जैसे मनोरंजन और संस्कृति के साधनों के जरिए समाज में नफरत को कैसे सामान्य बनाया जा रहा है।
इस दौरान उपस्थित लोगों ने इस्लामोफोबिया को एक बड़ी अंतर्राष्ट्रीय चुनौती मानते हुए इससे निपटने के उपायों पर चर्चा की। SIO की ओर से जारी किए गए दस्तावेज़ में विशेष रूप से महाराष्ट्र में हुए नफरती भाषणों और अपराधों को दर्ज किया गया है। संगठन ने राज्य सरकार से इन मामलों में विशेष कार्रवाई करने और एक विशेष कानून बनाने की मांग की है।
वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक डॉ. सलीम ख़ान ने कहा कि ऐसी गतिविधियां राजनीतिक संरक्षण के बिना संभव नहीं हैं। राजनीतिक नेताओं के मुस्लिम विरोधी बयान नफरत के माहौल को और मजबूत करते हैं। उन्होंने सभी से एकजुट होकर सवाल पूछने, लोगों को जागरूक करने और संवैधानिक दायरे में रहते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।
इस आयोजन में मुंबई फॉर पीस, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन, APCR, समाजवादी पार्टी माइनॉरिटी सेल, जमात-ए-इस्लामी हिंद और AIMIM समेत कई अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता, वकील, पत्रकार और मुंबई यूनिवर्सिटी के छात्र उपस्थित रहे।
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