
ओडिशा: केंद्रपाड़ा जिले से पुलिस की क्रूरता का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पुलिस स्टेशन में मां और बेटे के साथ अमानवीय व्यवहार और हिरासत में प्रताड़ना (कस्टोडियल टॉर्चर) का आरोप लगा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक महिला पुलिस इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और घटना की विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।
एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, पट्टामुंडई के सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर (एसडीपीओ) के पास 55 वर्षीय महिला और उसके 31 वर्षीय बेटे ने पुलिस हिरासत में अमानवीय यातना की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद घोर कदाचार और ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में थाना प्रभारी संध्यारानी जेना को सस्पेंड कर दिया गया।
पीड़ितों के अनुसार, यह पूरी घटना एक पारिवारिक विवाद से जुड़ी है, जिसमें उनके अलग रह रहे पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला के बड़े बेटे ने बताया कि उनके पिता एक गुरु के बहुत बड़े भक्त हैं और पिछले एक साल से परिवार से अलग रह रहे हैं। वह सख्त शाकाहारी हैं और परिवार के खान-पान की आदतों को बिल्कुल नापसंद करते हैं। आरोप है कि पिता अक्सर परिवार पर उत्पीड़न का बेबुनियाद आरोप लगाते हैं और उन्हें घर से बेदखल करने के लिए ही यह पुलिस शिकायत दर्ज कराई गई थी।
इस मामले को सुलझाने के नाम पर 25 मई को मां-बेटे को पुलिस स्टेशन बुलाया गया था। बड़े बेटे का आरोप है कि पुलिस ने एक घंटे की बातचीत के बाद उन पर एक समझौते पर हस्ताक्षर करने का दबाव डाला, जिसमें दोनों भाइयों को घर खाली करने की बात लिखी थी। जब परिवार ने इसका विरोध किया, तो पुलिसकर्मियों ने 31 वर्षीय छोटे बेटे और उसकी मां को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया।
बड़े बेटे ने पुलिस पर गंभीर और शर्मनाक आरोप लगाते हुए बताया कि उसकी मां के बाल पकड़कर उन्हें जमीन पर घसीटा गया, उनके कपड़े फाड़े गए और जबरन उनका सिंदूर तक पोंछ दिया गया। हद तो तब हो गई जब छोटे भाई को थाने के शौचालय में बंद करके पीटा गया और एक कोरे कागज पर जबरदस्ती उसके हस्ताक्षर करवा लिए गए।
पुलिस ने छोटे भाई को गिरफ्तार करने की धमकी भी दी। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें आधी रात तक थाने में अवैध रूप से हिरासत में रखा गया और पुलिस ने छोटे भाई का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया। इस खौफनाक घटना में घायल हुए मां और बेटे को इलाज के लिए राजनगर के स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
इस पूरे मामले पर निलंबित अधिकारी की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, केंद्रपाड़ा के एसपी सिद्धार्थ कटारिया ने स्पष्ट किया है कि पुलिस स्टेशन में हुए इस कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच के लिए एक स्वतंत्र विभागीय कमेटी अपना काम कर रही है।
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