
लेह - लद्दाख के उपराज्यपाल (LG) विनय कुमार सक्सेना और प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के बीच हुई मुलाकात ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। 26 मई को हुई इस मुलाकात के बाद एलजी सक्सेना ने एक ट्वीट कर दावा किया था कि उन्होंने वांगचुक को 'भ्रामक और उत्तेजक कथाएं' गढ़ने से बचने की चेतावनी दी है।
हालांकि, वांगचुक ने दो दिन बाद एक वीडियो जारी कर एलजी के दावों को खारिज कर दिया और बताया कि मुलाकात में वास्तव में क्या हुआ था। उन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रति अपना समर्थन भी दोहराया। वांगचुक ने LG के उस ट्वीट पर सवाल उठाया, जिसमें उन्हें 'चेतावनी' देने की बात कही गई थी। वांगचुक ने इस पूरे प्रकरण को "भरोसे का फालूदा" करार दिया।
सोनम वांगचुक ने अपने वीडियो की शुरुआत एक काल्पनिक सवाल से की। उन्होंने कहा, "दोस्तों, आपको कैसा लगेगा अगर कोई आपको अपने घर बुलाए, मेहमान की तरह चाय पिलाए, मीठी-मीठी बातें करें, साथ मिलकर काम करने (collaborate) की बात करें, और फिर हाथ मिलाकर विदा होने के एक घंटे बाद आपको पता चले कि उस मेजबान ने अपने मेहमान के बारे में दुनिया को बताया, tweet करके कि इस मेहमान को मैंने कड़ी चेतावनी दी, वो ऐसे बयान ना करे, वो ऐसे वक्तव्य ना दे, बाज आए, बन जाएगा ना आपके trust और भरोसे का फालूदा, ऐसा ही कुछ हमारे साथ भी हुआ!"
वांगचुक ने बताया कि 26 मई को LG ने उन्हें अपने घर बुलाया। उन्होंने कहा, "जब हमें Ladakh के LG VK Saxena जी ने अपने घर बुलाया, चाय पिलाया, मीठी मीठी बातें की, अपने बहुत ही अच्छे कामों के बारे में बताया जिसमें कि पौधे उगाना, पेड़ लगाना, सरोवर बनाना, पानी का इंतजाम करना इन सबके बारे में बताया और collaborate करने की पेशकश की और फिर बातों बातों में उन्होंने ये जिक्र भी किया कि आपने जो cockroach Janata Party के बारे में बयान दिया था उससे हमें चिंता होती है क्योंकि आप ऐसे शख्सियत बन गए हैं कि आपके हर बात अगले दिन अखबारों की सुर्खियाँ यानी कि हेडलाइंस बन जाती हैं तो आप कृपया ऐसा ना कहें तो बहुत अच्छी होगी हमारे वातावरण अच्छा बनेगा और मैंने उन्हें कहा कि देखिए मैं इसे एक बहुत ही रचनात्मक creative expression मानता हूँ युवा पीढ़ी का सरकार को असुरक्षित या insecure महसूस करने के बजाय उनकी बात सुननी चाहिए अगर वो कह रहे हैं कि शिक्षा नीति में समस्याएं हैं, पेपर लीक हो रहे हैं और मिनिस्टर को रिजाइन करना चाहिए तो उसमें बुरा क्या है?"
वांगचुक ने खुलासा किया कि LG सक्सेना ने " उस बात पर उन्होंने रजामंदी की और कहा कि हाँ ऐसा तो करना चाहिए मगर जो बात है वो आपको नहीं मालूम है शायद कि ये जो कॉकरोच जनता पार्टी है ये विदेशी ताकतों का साजिश है, इसके मेंबर्स भारत में कम और विदेशों में ज्यादा हैं, ये पाकिस्तान, बांग्लादेश और अमेरिका से चलाए जाते हैं भारत के खिलाफ।" इस पर वांगचुक ने कहा कि वह इस बारे में अध्ययन करेंगे, लेकिन अंदर ही अंदर उन्हें हंसी आ रही थी।
बैठक खत्म होने के एक घंटे बाद ही LG ने एक ट्वीट किया। इसमें लिखा था, "मैंने श्री वांगचुक को भ्रामक और उत्तेजक कथाएं गढ़ने से बचने की चेतावनी दी... उन्होंने माना कि लद्दाख की तुलना मणिपुर से करना 'निर्णय की त्रुटि' थी... वह 'कॉकरोच पार्टी' की उत्पत्ति के बारे में अनिश्चित हैं..."
वांगचुक ने LG के इस अचानक बदले रुख पर कटाक्ष करते हुए कहा कि शायद LG को दिल्ली में बैठे अपने 'बॉस' को खुश करना था। उन्होंने कहा, "उन्होंने अखबारों में भी यह बात फैला दी - टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडियन एक्सप्रेस। उनके mouthpiece 'इंडस्ट्री डिस्पैच' तक ने लिखा कि LG ने सोनम वांगचुक को कड़ी चेतावनी दी है।"
अपने वीडियो में सोनम वांगचुक ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' को लेकर एक खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा, "जहां तक कॉकरोच जनता पार्टी के भारतीय होने या न होने का सवाल है, मैं ये आप पर छोड़ता हूं - खासकर 'कॉकरोच इन चीफ' दीपके पर।"
वांगचुक ने साफ किया, "आप मुझे convince करें साबित करें कि कोकरोच जनता पार्टी के सदस्य भारत से ही ज्यादा हैं तो मैं आपका समर्थन वैसे ही करता रहूँ जैसा पहले किया क्योंकि अगर कुछ लोग कहते हैं, चौरानवे प्रतिशत भारत से हैं, छह प्रतिशत बाहर से हैं। चौरानवे तो क्या सत्तर प्रतिशत भी अगर भारत से हो, बाकी तीस प्रतिशत अमेरिका, यूरोप, नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान से हो, तो मैं ये कहूँगा कि कम से कम एक क्रिएटिव एक्सप्रेशन्स एंड प्रोटेस्ट्स में कैंपेन्स में तो भारत विश्व गुरु बन गया है, क्योंकि भारत के इन आइडियाज के पीछे दुनिया अब चलने लगी है। तो मेरा समर्थन आपको जारी रहेगा, मगर अगर ये साबित होता है कि भारतीय है ही नहीं, ये विदेशी ताकतें चला रही हैं तो मैं सच बोलता हूँ, मैं दोबारा सोचूँगा और सबसे कहूँगा कि दोबारा सोचें तो इसलिए आप पर छोड़ता हूँ, ये साबित करें, बस इतना ही, जय हिंद।"
वांगचुक के वीडियो सामने आने के बाद 'कॉकरोच जनता पार्टी' के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा, "प्रिय वांगचुक सर, हमारे मकसद को सपोर्ट करने के लिए धन्यवाद। मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि मैं पूरी तरह से भारतीय हूं और CJP हर उस भारतीय युवा की आवाज़ है, जिसके साथ सिस्टम ने गलत किया है।
हमारे फॉलोअर्स का डेटा आपके साथ शेयर करते हुए खुशी हो रही है। कॉकरोच को सपोर्ट करने के लिए एक बार फिर धन्यवाद!" सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारों के अनुसार, यह मामला अब सिर्फ दो व्यक्तियों के बीच का नहीं रह गया है, बल्कि इसने लद्दाख के राजनीतिक और सामाजिक ताने-बाने को छू लिया है।
पूरे प्रकरण से साफ है कि सोनम वांगचुक ने LG सक्सेना के ट्वीट को 'धोखा' माना है, और अब यह साबित करने की जिम्मेदारी 'कॉकरोच पार्टी' के संस्थापकों पर है कि वे कितने भारतीय हैं।
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