नई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने "पेपर लीक" का हवाला देते हुए मंगलवार को नीट-यूजी परीक्षा रद्द कर दी थी। इस परीक्षा में 22.05 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था और परीक्षा आयोजित होने के एक हफ्ते से अधिक समय बाद इसे रद्द करने का फैसला लिया गया।
इसी बीच, गोवा में मंगलवार रात एक 17 वर्षीय नीट अभ्यर्थी ने अपने ही घर में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक, इस छात्र ने 3 मई को नीट की परीक्षा दी थी।
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि छात्र के इस खौफनाक कदम का मंगलवार को परीक्षा रद्द होने के फैसले से कोई सीधा संबंध है या नहीं। फिलहाल पुलिस इस दिशा में हर एंगल से जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, यह दर्दनाक घटना मंगलवार रात 10 से 11 बजे के बीच की है। पुलिस कंट्रोल रूम ने रात 11.15 बजे स्थानीय थाने को इस 17 वर्षीय लड़के की आत्महत्या की सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची। किशोर को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने मामले में जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है और अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के मुताबिक, यह छात्र एक हॉकी खिलाड़ी भी था।
घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इस कथित सुसाइड नोट में नाबालिग ने "प्रतियोगी परीक्षाओं" को लेकर भारी तनाव में होने की बात लिखी है।
पुलिस द्वारा दर्ज पंचनामे में भी परिवार के सदस्यों से हुई पूछताछ का जिक्र है। परिजनों ने बताया है कि लड़के ने संभवतः "परीक्षा के प्रदर्शन के दबाव" के कारण आत्महत्या की है।
नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि रात के समय लड़के ने अपने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया था। जब बार-बार खटखटाने पर भी अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, तो परिजनों ने दरवाजा तोड़ा और उसे मृत अवस्था में पाया।
अधिकारी ने आगे कहा कि अभी आत्महत्या के सटीक कारणों का अंतिम रूप से पता लगाया जाना बाकी है और जांच जारी है।
दूसरी तरफ, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को नीट यूजी-2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही एजेंसी ने कई राज्यों में सघन छापेमारी भी की है।
यह कार्रवाई शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दी गई एक लिखित शिकायत के आधार पर की गई है। राजस्थान और कुछ अन्य राज्यों में प्रश्न पत्र लीक होने की खबरें सामने आने के बाद यह शिकायत दर्ज कराई गई थी।
दर्ज की गई एफआईआर में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र से जुड़े कुछ अहम दस्तावेज अनाधिकृत रूप से प्रसारित किए गए थे। इस खुलासे ने परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा और पूरी व्यवस्था पर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं।
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