महिलाओं से छेड़छाड़ के आरोप पर गुस्साई भीड़ ने कांस्टेबल को पीट-पीट कर मार डाला!

घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने डीजीपी वाई बी खुरानिया को मॉब लिंचिंग की घटनाओं के खिलाफ सतर्क रहने को कहा।
भीड़ ने युवक को कथित तौर पर महिलाओं से छेड़छाड़ के आरोप में निर्मम तरीके से पीट-पीटकर मार डाला, न्याय की गुहार लगाते मृतक के माता-पिता।
भीड़ ने युवक को कथित तौर पर महिलाओं से छेड़छाड़ के आरोप में निर्मम तरीके से पीट-पीटकर मार डाला, न्याय की गुहार लगाते मृतक के माता-पिता। ग्राफिक- आसिफ निसार/ द मूकनायक
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भुवनेश्वर- ओडिशा की राजधानी क्षेत्र में दहशत फैलाने वाली एक चौंकाने वाली घटना में, बालियंता क्षेत्र में एक युवक की सरेआम बेरहमी से पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। बालियंता थाना क्षेत्र के रामचंद्रपुर में एक युवक को कथित तौर पर महिलाओं से छेड़छाड़ के आरोप में भीड़ ने निर्मम तरीके से पीट-पीटकर मार डाला। मृतक की पहचान 32 वर्ष के सौम्य रंजन स्वांइ के रूप में हुई है, जो कटक में सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) में कांस्टेबल के रूप में तैनात थे।

पुलिस के अनुसार, घटना गुरूवार दोपहर करीब 11:30 बजे हंसपाल-निमापारा सड़क पर एक पुल के पास हुई। दो महिलाएं स्कूटी पर यात्रा कर रही थीं। सौम्य रंजन स्वांइ और उनके साथी ओम प्रकाश मोहंती मोटरसाइकिल पर जा रहे थे। ओवरटेकिंग के दौरान मोटरसाइकिल स्कूटी से टकरा गई, जिससे महिलाएं गिर गईं। इसके बाद आरोप है कि दोनों युवकों ने महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और दुराचार की कोशिश की। स्थानीय लोगों ने हस्तक्षेप किया और भीड़ जमा हो गई। भीड़ ने सौम्य रंजन को पकड़कर उनके दोनों हाथ बांध दिए और बुरी तरह पीटाऔर बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके साथी को भी गंभीर चोटें आईं। घटना की प्रत्यक्षदर्शी बिरंची नारायण जेना ने पत्रकारों को बताया कि गिरते ही दोनों युवकों ने महिलाओं पर हमला कर दिया था । जैसे ही महिलाओं ने शोर मचाया, बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और दोनों पुरुषों पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और पुलिस के पहुंचने तक वे बुरी तरह घायल हो चुके थे ।

मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और डीजीपी यशवंत कुमार खुरानिया को निर्देश दिए कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए और कानून का राज स्थापित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री ने डीजीपी वाई बी खुरानिया को मॉब लिंचिंग की घटनाओं के खिलाफ सतर्क रहने को कहा। उन्होंने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष शोभना मोहंती से भी बात की और उन्हें शुक्रवार को कथित यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं से मिलने का सुझाव दिया। पुलिस ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है।

बीजू जनता दल (BJD) अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने घटना को "अत्यंत बर्बर" बताया। उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर के पास बलियानथ में दिनदहाड़े एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जो बेहद बर्बरतापूर्ण घटना है। राज्य की राजधानी के पास ऐसी जघन्य घटना घटित होने के बावजूद सरकार की अकल्पनीय चुप्पी राज्य के लोगों को स्तब्ध कर रही है। अगर पुलिस की मौजूदगी में भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो लोग सुरक्षा के लिए किसके पास जाएंगे? अपराधियों के सामने पुलिस प्रशासन और सरकार इतनी बेबस क्यों हैं? अगर सरकार भुवनेश्वर के बाहरी इलाकों में ऐसी घटनाओं को रोकने में असमर्थ है, तो पूरे राज्य की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल है। हिंजिली, कानासा और ढेंकनाल में हाल ही में हुई बर्बर घटनाओं के बाद सरकार ने क्या अनुकरणीय कदम उठाए हैं? सरकार आम नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में क्यों डाल रही है? कोई भी सरकार बड़े-बड़े भाषणों या खोखले वादों से नहीं चलती। सरकार को ओडिशा में लोगों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तत्काल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।"

इंटक राष्ट्रीय सचिव मानस चौधरी ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, " कोई भी आरोप, चाहे वह कितना भी गंभीर क्यों न हो, भीड़ को किसी को पीट-पीटकर मार डालने का अधिकार नहीं देता। कानून का काम जांच करना है। पुलिस का काम कार्रवाई करना है। अदालतों का काम सजा देना है। जब भीड़ यह भूमिका निभाती है, तो यह न्याय नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था की पूर्ण विफलता है। ओडिशा में भीड़ हिंसा को सामान्य नहीं माना जा सकता। इस मामले में तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।"

पुलिस ने बालियंता थाने में मामला दर्ज कर लिया है। एक मामले में महिलाओं से छेड़छाड़ का और दूसरे में हत्या का। जांच चल रही है। परिवार ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने भाजपा पर हमला करते हुए लिखा, " ये घटना समाज के लिए कलंक है, जिसकी सभ्य समाज में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। BJP सरकार ने ओडिशा में भी जंगलराज कायम कर दिया है। पूरा सिस्टम गुंडे-बदमाशों के हिसाब से चल रहा है। एक वक्त में शांत रहने वाला ओडिशा आज अराजकता और हिंसा की भेंट चढ़ चुका है। BJP ने अपने फायदे के लिए ये हिंसात्मक मॉडल लॉन्च किया है, जिसका शिकार ओडिशा के आम नागरिक हो रहे हैं। इस मामले के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, ऐसा होगा इसकी उम्मीद नहीं, क्योंकि भीड़ की शक्ल में जो गुंडे हैं, उन्हें BJP सरकार का समर्थन प्राप्त है।"

भीड़ ने युवक को कथित तौर पर महिलाओं से छेड़छाड़ के आरोप में निर्मम तरीके से पीट-पीटकर मार डाला, न्याय की गुहार लगाते मृतक के माता-पिता।
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