
उदयपुर- उदयपुर के बीच शहर में गुरुवार को एक अनोखा और सशक्त प्रदर्शन देखने को मिला। एक नवविवाहिता घोड़ी पर विराजमान थी, हाथ में ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले की तस्वीर थामे हुए। उनके साथ सैकड़ों की संख्या में भीम आर्मी के कार्यकर्ता नारों के साथ मार्च कर रहे थे। “अब राजस्थान में कोई भी दलित की बेटी घोड़ी से नहीं उतारी जाएगी” के गरजते नारों के साथ जब यह काफिला आगे बढ़ा तो सड़क पर आने-जाने वाले वाहन थम गए और लोग हैरानी से खड़े होकर यह दृश्य देखते रहे। पूरा माहौल जय भीम के नारों से गूंज उठा था।
यह वही दुल्हन पूजा मेघवाल थी जिसकी कुछ दिन पहले, 29 अप्रैल की रात डबोक थाना क्षेत्र के हरियाव गांव में बिंदोली निकल रही थी। इसी दौरान गांव के लगभग 15 लोगों जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, ने जातिसूचक गालियां देते हुए जुलूस रोक दिया। आरोपियों ने दुल्हन को घोड़ी से जबरन उतार दिया, डीजे बंद करवा दिया और बारातियों पर पत्थरबाजी, लाठी, सरिए व तलवार से हमला कर दिया। हमले में 15 लोग घायल हुए, महिलाओं के मंगलसूत्र छीने गए।
गुरूवार को नवविवाहित पूजा फिर घोड़ी पर बैठकर अधिकारियों से न्याय मांगने आई, उसका कहना था, “मेरा अपमान हुआ, मेरे परिवार के साथ मारपीट की गई।” बोलते बोलते वह भावुक हो जाती है, उस पल को याद करना उसके लिए किसी सदमे से कम नहीं क्योंकि शादी का दिन किसी भी युवती के जीवन का सबसे ख़ुशी का दिन होता है लेकिन इसी दिन उसने अपना और अपने परिवार का अपमान झेला।
इसी अपमान और अत्याचार के विरोध में पूजा मेघवाल खुद घोड़ी पर सवार होकर भीम आर्मी के साथ जिला कलेक्टरेट पहुंची। टाउन हॉल से शुरू हुई यह रैली विभिन्न मार्गों से होते हुए जिला मुख्यालय पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र हटवाल ने कहा कि भीम आर्मी ने प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र हटवाल ने कहा पुलिस प्रशासन द्वारा सख्त कार्यवाही होनी चाहिए ना कि, ऐसे जातिवादी मानसिकता के अपराधियों को बचाने के लिए खाना पूर्ति करने का प्रयास करना चाहिए! जबकि पूरा मामला साफ और पुलिस प्रशासन के संज्ञान में है कि दुल्हन को घोड़ी से उतारने के साथ पत्थराव करने के साथ लाठी सरिए से हमला किया गया, जिससे कई लोग घायल हुए! ऐसे जातिवादी मानसिकता के लोगों पर प्रशासन द्वारा सख्त कार्यवाही होनी चाहिए ना कि इनको बचाने का प्रयास करना चाहिए! राजस्थान में ऐसे जातिवादी लोगों का हौसला बढ़ता जा है, इसलिए पूरे राजस्थान में इस तरह की घटना रुकने का नाम नहीं ले रही है !
प्रवक्ता अनिल पणोंर ने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर सरकार ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई नहीं करती तो राजस्थान के पत्थरबाजों का नाम कश्मीर के पत्थरबाजों की जगह लिया जाएगा।”
भीम आर्मी के उपाध्यक्ष रोशन मेघवाल ने बताया कि संगठन ने मांग की कि केवल 4 जनों को गिरफ्तार किया है जबकि सभी 9 नामजद आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए था, हमने जांच अधिकारी को बदलने और पीड़ित परिवार को सुरक्षा व मुआवजा देने की मांग रखी है। यदि मांगें नहीं मानी गईं तो जल्द ही जयपुर घेराव का कार्यक्रम चलाया जाएगा।
अन्य अपरधियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्यवाही की मांग को लेकर टाउनहॉल से रैली शुरू होकर विभिन्न मार्गों होते हुए जिला मुख्यालय पहुंचने के साथ प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर मार्फत मुख्य मंत्री नाम ज्ञापन दिया गया। प्रदर्शन में आजाद समाज पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष गोपाल परमार,राष्ट्रीय कमेटी सदस्य सत्यवान इन्दसार , प्रदेश उपाध्यक्ष लाला मेघवाल,भीम आर्मी जिला अध्यक्ष कुंदन खोकावत,दिनेश मेघवाल , अमृत लाल यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, प्रदेश महासचिव सुरेश मेघवंशी, सामाजिक कार्यकर्ता रवि मेघवाल, रोशन मेघवाल, महासचिव ओम प्रकाश मेघवाल, संभाग मीडिया प्रभारी रवि मेघवाल मेवल अध्यक्ष शांति लाल मेघवाल, चेतराम बैरवा, नरेश मेघवंशी समेत समस्त बहुजन समाज के पदाधिकारी की उपस्थिति रही।
दुल्हन पूजा मेघवाल के घोड़ी पर सवार होकर प्रदर्शन में शामिल होने को भीम आर्मी ने “सम्मान की वापसी” बताया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि मनुवादियों ने घोड़ी से उतारा था, तो भीम आर्मी ने फिर घोड़ी पर बिठाकर पूरे राजस्थान को संदेश दिया है कि दलित महिलाओं का अपमान अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जय भीम के नारों के साथ समाप्त हुए इस प्रदर्शन ने उदयपुर शहर में काफी चर्चा बटोरी है।
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