मणिपुर: खेत जा रहे ग्रामीणों पर उग्रवादियों की अंधाधुंध फायरिंग, दो नागाओं की मौत; इलाके में पूर्ण बंद का ऐलान

कांगपोकपी जिले के लंका गांव में खेतों की ओर जा रहे निहत्थे नागा ग्रामीणों पर संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने की अंधाधुंध फायरिंग; सुरक्षा में चूक का आरोप लगाते हुए लियांगमाई नागा काउंसिल ने किया पूर्ण बंद का ऐलान।
Kohima To Manipur Road
कोहिमा से मणिपुर रास्ते के बीच का एक पहाड़ी क्षेत्र(सांकेतिक तस्वीर)
Published on

मणिपुर में एक बार फिर हिंसा की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शुक्रवार की सुबह कांगपोकपी जिले के लंका गांव में संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने एक बड़ा हमला कर दिया। इस कायरतापूर्ण हमले में दो नागा ग्रामीणों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना उस वक्त घटी जब गांव वाले शांति से अपने धान के खेतों की ओर जा रहे थे।

लंका, जिसे निउलोंग के नाम से भी जाना जाता है, एक लियांगमाई नागा गांव है। यह राजधानी इम्फाल से लगभग 65 किलोमीटर दूर इम्फाल-तामेंगलोंग रोड पर स्थित है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सुबह करीब साढ़े सात बजे अत्याधुनिक हथियारों से लैस उग्रवादियों ने निहत्थे ग्रामीणों पर अचानक और अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।

इस भीषण गोलीबारी में 35 वर्षीय विरिलियांगबौ चवांग की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, 54 वर्षीय कविदिनांग अबोनमाई के पेट में गंभीर चोट आई थी और अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। हमले में घायल हुए दो अन्य लोगों की पहचान 45 वर्षीय नामथिउलुंगबौ प्रिन्माई और 50 वर्षीय मलियांगजिनांग अबोनमाई के रूप में हुई है। नामथिउलुंगबौ के कमर के निचले हिस्से (ग्रोइन) में चोट आई है, जबकि मलियांगजिनांग की छाती और बांह में चोटें लगी हैं।

लियांगमाई नागा काउंसिल (एलएनसी) ने इस पूरी घटना को प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही करार दिया है। एलएनसी के अध्यक्ष टिमोथी विजुनामई ने बताया कि एक महीने पहले भी उपद्रवियों ने गांव पर हमले की कोशिश की थी, जो विफल रही थी। उस घटना के बाद ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से इलाके में सीआरपीएफ के जवानों को तैनात करने की गुहार लगाई थी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि अगर अधिकारियों ने ग्रामीणों की सुरक्षा चिंताओं को गंभीरता से लिया होता, तो इस भयानक हमले को आसानी से रोका जा सकता था।

काउंसिल ने इस हमले के पीछे केएनएफ-पी (KNF-P) से जुड़े कुकी उग्रवादियों का हाथ होने का आरोप लगाया है, हालांकि अभी तक इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। इस दुखद घटना के तुरंत बाद एलएनसी ने सख्त कदम उठाते हुए मणिपुर के सभी लियांगमाई नागा बहुल इलाकों में तत्काल प्रभाव से 'आपातकालीन पूर्ण बंद' (इमरजेंसी टोटल शटडाउन) की घोषणा कर दी है। इस बंदी के तहत सभी दुकानों और संस्थानों को बंद रखने का निर्देश दिया गया है। केवल चिकित्सा, दमकल और अन्य अति आवश्यक सेवाओं को ही इससे छूट मिलेगी।

बंद की घोषणा के साथ ही काउंसिल ने अपने समुदाय के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों से जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में लाने की कड़ी मांग की है। इस ताज़ा हमले ने कांगपोकपी-तामेंगलोंग सीमा पट्टी के आसपास सुरक्षा चिंताओं को एक बार फिर चरम पर पहुंचा दिया है, क्योंकि लंका और उसके पड़ोसी नागा इलाकों में पहले भी हिंसक सशस्त्र झड़पें देखी जा चुकी हैं।

Kohima To Manipur Road
80वें स्वतंत्रता दिवस पर 'वंदे मातरम' गाने के आदेश का कड़ा विरोध, नागालैंड चर्च ने कहा- देशभक्ति दबाव से नहीं, दिल से आती है
Kohima To Manipur Road
सिजिमाली बॉक्साइट खनन विवाद: आदिवासियों पर पुलिसिया ज्यादती को लेकर ओडिशा हाईकोर्ट सख्त, दिए जांच के आदेश
Kohima To Manipur Road
'डायन बताकर महिलाओं की हत्या सभ्य समाज पर कलंक', सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी; 26 साल पुराने मामले में उम्रकैद बरकरार

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

द मूकनायक को सब्सक्राइब करें

'द मूकनायक' जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है। अगर आप भी चाहते हैं कि 'द मूकनायक' हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहें तो सब्सक्राइब करें।

यहां सब्सक्राइब करें
The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com