नई दिल्ली: मणिपुर के कांगपोकपी जिले में स्थित एक नागा गांव चवांगकिनिंग में रात भर भारी गोलीबारी की घटना सामने आई है। इस अचानक हुए हमले में दो घर पूरी तरह से जलकर खाक हो गए, जबकि कई अन्य मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, इस खौफनाक घटना के बीच राहत की बात केवल यह रही कि इसमें किसी के भी हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
चवांगकिनिंग ग्राम प्राधिकरण ने इस घटना का ब्योरा देते हुए बताया कि फायरिंग की शुरुआत 15 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे हुई थी। इसके बाद हमलावरों ने अगली सुबह यानी 16 सितंबर को तड़के 5 बजे तक गांव पर लगातार गोलियां बरसाईं। प्राधिकरण ने इस सुनियोजित और हिंसक हमले के पीछे सीधे तौर पर कुकी हथियारबंद गुटों का हाथ होने का आरोप लगाया है।
इस वारदात के बाद लियांगमाई नागा काउंसिल (मणिपुर) ने भी एक आधिकारिक बयान जारी कर घटना की कड़ी निंदा की है। काउंसिल ने अपने बयान में दावा किया है कि सोंगटुंग स्थित 'सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस' (SoO) शिविर से संचालित होने वाले कुकी उग्रवादी ही इस पूरी गोलीबारी के लिए जिम्मेदार हैं।
यह ताजा गोलीबारी ऐसे संवेदनशील समय में हुई है जब इलाके में पहले से ही भारी तनाव का माहौल बना हुआ है। गौरतलब है कि रविवार और मंगलवार को तामेंगलोंग, नोनी और इसके आस-पास के सटे हुए क्षेत्रों में छह कुकी-जो नागरिकों की हत्या कर दी गई थी। इन हालिया हत्याओं के बाद से ही पूरे क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
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